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बूढ़े बालाजी से लक्ष्मीगंज तक के 10 वार्डों में तीन दिन में नई पाइप लाइन से होगी पानी की सप्लाई

पाइप लाइन की टेस्टिंग से वार्ड-9 सकतपुर रोड सांई सिटी कॉलोनी के बच्चे हैंंडपंपों पर पानी भरने जाते हुए। शहर के 29...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:00 AM IST
पाइप लाइन की टेस्टिंग से वार्ड-9 सकतपुर रोड सांई सिटी कॉलोनी के बच्चे हैंंडपंपों पर पानी भरने जाते हुए।

शहर के 29 वार्डों में नई पेयजल सप्लाई लाइन की चरणबद्ध परीक्षण

भास्कर संवाददाता | गुना

72 करोड़ की जल आवर्धन योजना के तहत बिछाई गई लाइन से शहर के अलग-अलग इलाकों में चरणबद्ध तरीके से सप्लाई शुरू जा रही है। शुरुआत बूढ़े बालाजी से लक्ष्मीगंज तक करीब 10 वार्डों में टेस्टिंग का काम चल रहा है। इसके कारण इन इलाकों में जल संकट जैसे हालात हैं। हालांकि नपा का दावा है कि अगले 3 तीन दिन के दौरान इन वार्डों में ज्यादा प्रेशर के साथ नल आएंगे।

नपा की योजना है कि शहर के चार हिस्सों में बनी 5 टंकियों से पानी की सप्लाई की जाए। हालांकि इस सीजन में सिंध से सप्लाई नहीं हो पाएगी, क्योंकि इसका पानी इस लायक ही नहीं है कि उसे पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सके। इसलिए फिलहाल नपा ने हर टंकी के आसपास 4-4 ट्यूबवेल खनन करवाए हैं। इससे इन टंकियों को भरा जाएगा और फिर उनसे सप्लाई होगी। नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र सलूजा का कहना है कि अभी हम संकटग्रस्त वार्डों में खोदे गए ट्यूबवेल से सीधे सप्लाई कर रहे थे। इससे एक तो बहुत सारे ट्यूबवेल खुदवाना पड़ते थे। दूसरे इस व्यवस्था से सभी घरों में ठीक से पानी नहीं पहुंच पाता है। साथ ही पंप लगातार चलते हैं, जिससे उनमें खराबी आ जाती है और जलस्तर गिरने से संकट बढ़ जाता है।

पाइप लाइन की टेस्टिंग के कारण तीन दिन से शहर के कई इलाकों में जल सप्लाई प्रभावित

फायदा : प्रेशर बढ़ेगा और ज्यादा समय तक पानी मिल सकेगा

किस तरह बनाई जा रही है सप्लाई व्यवस्था

1 वार्ड क्रमांक 7 से 17 तक के वार्डों को बूढ़े बालाजी और शास्त्री पार्क मंडी में स्थित टंकी से जोड़ा जाएगा। इनकी क्षमता लगभग 50 लाख लीटर की होगी। इन इलाकों में सबसे ज्यादा जलसंकट है। चौधरन कालोनी, भार्गव कालोनी जैसे इलाकों में तो लाल पानी ही आता है। यहां सबसे पहले सप्लाई शुरू होगी।

कौन से वार्ड : वार्ड 7 से लेकर 17 तक इसमें रहेंगे शामिल

2 वार्ड एक से 6 तक के इलाकों में पानी की सप्लाई नानाखेड़ी स्थित टंकी से होगी। यहां पहली बार व्यवस्थित पाइप लाइन बिछाई गई है। सिंध की पहली नल-जल योजना के समय यह इलाका बसा ही नहीं था।

3 वार्ड 20 से 26 तक के इलाकों में पानी की सप्लाई हड्डी मिल स्थित पानी की टंकी से होगा। यह इलाका भी हाल ही में बसा हुआ है। यहां भी अब तक कोई व्यवस्थित पेयजल नेटवर्क नहीं था।

आगे क्या : नानाखेड़ी की टंकी से जुड़ेंगे 1 से 6 वार्ड तक

4 वार्ड 18 से 22 और पीएम आवास योजना के तहत बन रही कालोनी को कुसमौदा टंकी से सप्लाई होगी। इसका काम अब भी चल रहा है। यह भी वही इलाका है, जो पिछले 20 साल के दौरान ज्यादा विकसित हुआ है।

इंतजाम : 5 को भरने के लिए 20 ट्यूबवेल अलग से खुदवाए

आगे की चुनौती

शहर से सटे गांवों के लोग नपा पर डाल रहे पानी देने का दबाव

शहर से सटे आधा दर्जन से ज्यादा गांव भी अब भी पानी के लिए नपा पर दबाव बनाने लगे हैं। बुधवार को सकतपुर क्षेत्र के लोगों ने पानी के मुद्दे पर चक्काजाम किया। नपाध्यक्ष का कहना है कि इस क्षेत्र में बने ज्यादातर मकानों की रजिस्ट्री ग्रामीण इलाकों की है। तकनीकी रूप से यह नपा में नहीं आते। मालपुर, पिपरोदा, हिलगना, मावन, सिंगवासा, हरिपुर आदि गांवों की भी यही स्थिति है। यहां पंचायतें काम नहीं कर रही है और लोग नपा पर निर्भर हो रहे हैं।

नपाध्यक्ष बोले-अवैध काॅलोनियां बिगाड़ सकती है पानी का गणित

इधर अवैध काॅलोनियां भी पानी सप्लाई का गणित गड़बड़ा रही हैं। मसलन भगत सिंह काॅलोनी करीब 200 बीघा क्षेत्र में फैली है और यहां पेयजल सप्लाई का कोई सिस्टम नहीं है। काॅलोनी बसाने वालों ने प्लाट बेचे और लोगों को उनके हाल पर छोड़कर किनारा कर गए। गुरुवार को इस काॅलोनी के लोगों ने पानी की किल्लत को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष के घर पर जाकर बात की। नपाध्यक्ष का कहना है कि जिस तरह अवैध काॅलोनियां बढ़ रही हैं, उससे मौजूदा नल-जल योजना का गणित ही गड़बड़ा जाएगा।