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तिब्बत क्षेत्र में चीन सीमा पर भारत ने बढ़ाई सेना

किबिथू (अरुणाचल प्रदेश)| भारत ने चीन की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके दिबांग, दाऊ-डेलाई और लोहित घाटी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 04:35 AM IST

किबिथू (अरुणाचल प्रदेश)| भारत ने चीन की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके दिबांग, दाऊ-डेलाई और लोहित घाटी में सैन्य जवानों की संख्या और गश्त बढ़ा दी है। इसके साथ ही तिब्बत क्षेत्र में चीन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीमा पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है और नियमित रूप से हेलीकॉप्टरों की तैनाती की गई है। पिछले साल डोकलाम में दोनों देशों की सेनाओं के 73 दिन के आमने-सामने के टकराव के बाद ही भारत तिब्बत क्षेत्र में चीन की गतिविधियों को लेकर अधिक सतर्कता बरत रहा है।

किबिथू पोस्ट में तैनात सेना के एक अधिकारी ने कहा कि 17,000 फीट तक ऊंची बर्फ से ढंकी पहाड़ियाें पर भी हम अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। चीन के आक्रामक गतिविधियों का जवाब देने के लिए भारतीय सेना दिबांग, दाऊ-डेलाई और लोहित घाटी इलाके में विशेष तैयारी कर रही है। इस अधिकारी ने कहा कि डोकलाम विवाद के बाद हमने सतर्कता और निगरानी कई गुना बढ़ा दी है। हम किसी भी तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। उधर, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले में स्थित सेना के उत्तरी कमांड मुख्यालय पहुंचे और नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।

सीमा पर चीन की गतिविधियों पर निगाह रखने निगरानी तंत्र को भी मजबूत कर रहा है भारत

पैदल सस्पेंशन ब्रिज का उपयोग



किबिथू पोस्ट पर सेना के लिए रशद और सामान की आपूर्ति पैदल सस्पेंशन ब्रिज के जरिए की जा रही है। युद्ध या तनाव की स्थिति में किबिथू पोस्ट काफी महत्वपूर्ण है। यह इलाका गहरी घाटियों वाला है और यहां पहुंचना काफी मुश्किल भरा काम होता है।

सड़कों का निर्माण अंतिम चरण में

सीमा सड़क संगठन के एक अधिकारी ने कहा कि दिबांग घाटी को लोहित घाटी से जोड़ने वाली एक सड़क के साथ ही इलाके में सड़कों का जाल बिछाने का काम अंतिम चरण में हैं। इससे सेना के जवानों को साजाे-सामान पहुंचाने में सुविधा होगी।

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