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पंडित, मौलवी और टेंट वाले भी रोकेंगे बाल विवाह

पंडित, मौलवी, टेंट वाले, घोड़ी वालों की भी बाल विवाह रोकने की जिम्मेदारी होगी। इन सेवादाताओं को भी बाल विवाह रोकने के...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:50 AM IST
पंडित, मौलवी और टेंट वाले भी रोकेंगे बाल विवाह
पंडित, मौलवी, टेंट वाले, घोड़ी वालों की भी बाल विवाह रोकने की जिम्मेदारी होगी। इन सेवादाताओं को भी बाल विवाह रोकने के लिए तैयार की गई कार्ययोजना में शामिल किया गया है।

महिला सशक्तिकरण के तहत लाडो अभियान को मजबूती दी जा रही है। बाल विवाह रोकने के लिए सभी की जिम्मेदारी तय करने को लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, महिला एवंं बाल विकास विभाग एवं राजस्व विभाग को भी जिम्मेदारी दी गई है। 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर विशेष नजर रखी जाएगी। कलेक्टर राजेश जैन ने बताया कि जनसामान्य एवं सेवा प्रदाताओं जैसे प्रिंटिंग प्रेस, हलवाई, केटरर, बैण्ड वाला, घोड़े वाला, ब्यूटी पार्लर, टेंट हाउस, ट्रांसपोर्टर, धर्मगुरू एवं समाज के मुखिया से भी सहयोग लेंगे। अगर इन सेवादाताओं को कहीं बाल विवाह की जानकारी मिलती है तो वह प्रशासन को बताए और ऐसे विवाह में अपना सहयोग न दें।

जिम्मेदारी दी

अक्षय तृतीया पर निगरानी- सेवा देने वालों को भी बाल विवाह रोकने के लिए तैयार कार्ययोजना में किया शामिल

अवकाश पर लगाया प्रतिबंध

विवाह को लेकर बालिका की आयु 18 और बालक की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। कलेक्‍टर गुना ने 18 एवं 22 अप्रैल को राजस्व, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विशेष परिस्थितियों को छोड़कर अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

आयोजकों से भी लेंगे शपथ पत्र

बाल विवाह रोकने के लिए जिले भर में तहसीलदार की अध्‍यक्षता में खण्ड स्तरीय बाल विवाह रोकथाम समितियां गठित की गई हैं। विवाह सम्मेलनों के आयोजकों से इस आशय के शपथ-पत्र लिए जाएंगे कि उनके सम्मेलनों में होने वाले विवाह में नाबालिग कोई नहीं है। अगर जांच में यह पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। विवाह सम्मेलनों पर अधिकारी और कर्मचारियों का मैदानी अमला पैनी नजर रखेगा।

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