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लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के बाद भी अतिथियों को नहीं रख रहे संकुल प्राचार्य

पिछले सत्र से स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को पुन: उसी जगह पर रखने के आदेश के बाद भी जिले में अतिथि शिक्षकों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:50 AM IST

लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के बाद भी अतिथियों को नहीं रख रहे संकुल प्राचार्य
पिछले सत्र से स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को पुन: उसी जगह पर रखने के आदेश के बाद भी जिले में अतिथि शिक्षकों को नहीं रखा जा रहा है।

अतिथि शिक्षकों को वापस रखवाने के लिए दिए गए आदेश का पालन कराने की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों ने आवाज उठाई। इसके लिए जिलेभर के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों ने सोमवार को अतिथि शिक्षक समन्वय समिति जिला गुना के बैनर तले जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीईओ को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि लोक शिक्षक संचालनालय ने आदेश जारी किया है। इसमें कहा है कि बीते वर्ष कार्यरत अतिथि शिक्षकों को पुन: उसी जगह पर रखा जाए, ताकि शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित न हो।

केंद्र सरकार के पेंशनरों के समान सातवां वेतनमान और एरियर भुगतान के लिए सौंपा ज्ञापन

पेंशनरों ने भी सातवें वेतनमान और एरियर भुगतान की उठाई आवाज

समिति के सदस्यों ने लोक शिक्षण संचनालय द्वारा जारी आदेश के पालन के लिए डीईओ को ज्ञापन दिया।

अन्य जिलों में हुआ, लेकिन गुना में नहीं हुआ पालन

इस आदेश का मप्र के अन्य जिलों में पालन कराने के लिए वहां के जिला शिक्षा अधिकारी ने संकुल प्राचार्यों को पत्र लिखकर पालन सुनिश्चित कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन गुना जिले में संकुल प्राचार्य द्वारा आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। ज्ञापन में जिले में पहले से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को वापस उसी संस्था में रखवाने के लिए डीईओ से संकुल प्राचार्यों को आदेशित कराने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक शामिल थे।

पेंशनरों ने सातवें वेतनमान और एरियर भुगतान कराने सौंपा ज्ञापन

गुना।
वहीं शासकीय पेंशनर एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ गुना के बैनर तले सोमवार को जिलेभर के पेंशनरों ने भी सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इसमें कहा है कि मप्र सरकार ने राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की घोषणा कर एरियर भुगतान की तारीखें भी निर्धारित कर दी है। लेकिन पेंशनरों को इसमें फिलहाल नजरअंदाज किया है। इससे पेंशनर निराश है। जबकि छठवां वेतनमान लागू करते समय भी प्रदेश सरकार ने पेंशनरों के 32 माह का एरियर का भुगतान नहीं किया था। ज्ञापन में राज्य पेंशनर्स को केंद्र सरकार के पेंशनरों के समान सातवें वेतनमान के साथ ही एरियर भुगतान कराने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में बड़ी संख्या में पेंशनर शामिल थे।

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