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24 घंटे मिलेगा पानी, 10 शहरों के कचरे के निपटारे के लिए 61 करोड़ का बनेगा संयंत्र

गुनिया नदी के ऊपर पुल बनाने के लिए दिल्ली से टीम आएगी भास्कर संवाददाता | गुना गुना को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 02:55 AM IST
गुनिया नदी के ऊपर पुल बनाने के लिए दिल्ली से टीम आएगी

भास्कर संवाददाता | गुना

गुना को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए इंदौर और जबलपुर से आई टीम ने डीपीआर तैयार करना आरंभ कर दिया है। अगले तीन माह में टेंडर प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। वहीं गुनिया नदी पर पुल बनाने को लेकर तकनीकी पेंच फंस गया है। इसके पुल का डिजाइन तय करने के लिए नदी के पिछले 10 साल के बहाव के स्तर का रिकॉर्ड मांगा जा रहा है। पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी भोपाल स्तर से ही रखी जाएगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में कुल 6 घटक रहेंगे। इनमें कुल 17 काम चिन्हित किए गए हैं। जो ब्यौरा जारी हुआ है, उसके मुताबिक स्मार्ट सिटी बनने के बाद शहर में 24 घंटे जल सप्लाई होगी। एक और बड़ा काम यह होगा कि शहर के कचरे का प्रबंधन निजी एजेंसी को सौंपा जाएगा। सकतपुर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए संयंत्र बनेगा, जिसमें गुना सहित 10 शहरों के कचरे का निपटारा होगा। नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र सलूजा के मुताबिक डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए यह काम सबसे पहले हो रहा है।

डीपीआर बनाने के लिए इंदौर और जबलपुर से आई टीम, 3 माह में टेंडर प्रक्रिया आरंभ होने की संभावना

हनुमान चौराहे पर फ्लाई ओवर का प्रस्ताव

यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए फ्लाई ओवर बनाने का भी प्रस्ताव है। इसके तहत 17 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। नपाध्यक्ष का कहना है कि हमने हनुमान चौराहे पर इसके निर्माण का प्रस्ताव रखा है। तेलघानी चौराहे से पुलिस पेट्रोल पंप तक फ्लाई ओवर बनाया जाना है। हालांकि डीपीआर से यह तय होगा ।

तालाबों के लिए सिर्फ 1.50 करोड़ रुपए

प्रोजेक्ट के तहत सिंगवासा एवं भुजरिया तालाब के सौंदर्यीकरण का काम भी शामिल रहेगा। पर इसके लिए महज 1.50 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। जबकि भुजरिया तालाब के आसपास अतिक्रमण और पट्टों के रट्टे का मसला भी है। इसे हल किए बिना इस तालाब का काम संभव नहीं होगा।

1800 मकान बनेंगे

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहले से ही शहर में 1800 मकान बनाए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी एक आवासीय परिसर स्वीकृत हुआ है। इनमें से 1800 को एएचपी और 1144 को बीएलसी योजना के तहत पक्के मकान बनाकर दिए जाएंगे। अवैध कालोनियों के नियमितिकरण का काम भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल रहेगा।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को देखिए एक नजर में

1. शहरी अधोसंरचना विकास

कार्य लागत (करोड़ में)







2 स्वच्छता

सार्वजनिक शौचालय 02

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 61.13

स्वच्छता मिशन को प्रेरित करने की योजना 01

3 पर्यावरण संवर्धन

तालाबों का सौंदर्यीकरण 1.50

पार्क एवं ग्रीन रूट 1.50

4 शहरी आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना 158.78

5 आजीविका संवर्धन

गौशाला का निर्माण एवं प्रबंधन 02

कौशल विकास केंद्र 02

6. ऐतिहासिक स्थलों का विकास

टेकरी सरकार मंदिर परिक्रमा पथ का निर्माण 06