किताब खोलकर जवाब देने की छूट फिर भी 36 में से 4 शिक्षक हुए फेल

Guna News - 30 फीसदी से कम परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों को खुद कितना ज्ञान है, इसे परखने के लिए पहली बार शिक्षा विभाग उनकी...

Oct 15, 2019, 09:15 AM IST
30 फीसदी से कम परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों को खुद कितना ज्ञान है, इसे परखने के लिए पहली बार शिक्षा विभाग उनकी परीक्षा ले रहा है। कुछ माह पूर्व हुई पहली परीक्षा में करीब 120 शिक्षक बैठे, जिनमें से 38 फेल हो गए थे।

सोमवार को हुई परीक्षा में इन्हें फिर मौका दिया गया। तब भी 4 फेल हो गए। इनमें से एक तो हिंदी के शिक्षक हैं। जबकि विज्ञान में 3 शिक्षक विभाग द्वारा तय किए नंबरों की सीमा तक नहीं पहुंच पाए। यह स्थिति तब हुई जबकि शिक्षकों को किताब देखकर उत्तर लिखने की आजादी थी। उन्हें दुबारा मौका तो मिला ही था। परिणाम परीक्षा के कुछ ही घंटे बाद सामने आ गए। दो शिक्षक इस परीक्षा में शामिल नहीं हुए।

आयुक्त ने फेल होने वालों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति की दी है चेतावनी

इस परीक्षा को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयुक्त ने चेतावनी दी है कि इसमें नाकाम होने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवा निवृत्ति दे दी जाए। हालांकि विभाग के अधिकारी मानते हैं कि मामला इस हद तक शायद ही जाए।

उत्कृष्ट विद्यालय में उन स्कूलों के शिक्षकों की परीक्षा ली गई जिनके परिणाम कम थे। परीक्षा के दौरान उत्तर देने किताब को देखते शिक्षक।

कम से कम 50 फीसदी अंक लाना था जरूरी

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक पेपर 90 अंक का था। इसमें कम से कम 45 अंक लाना जरूरी था। पर ज्यादातर शिक्षकोंे को औसतन 60 से 75 अंक प्राप्त हुए। विज्ञान में एक शिक्षक को सबसे ज्यादा 77 अंक मिले। यानि कोई भी शिक्षक 80 फीसदी या इससे ज्यादा अंक हासिल नहीं कर पाया। सामाजिक विज्ञान में तो अधिकतम अंक 64 ही रहे। जबकि अंग्रेजी और विज्ञान में अधिकतम 75-75 अंक तक मिले।

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