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याद अाए अलग ओपीडी के निर्देेश फिर भागमभाग....

एक वर्ष पहले
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कोरोना से निपटने के लिए शुक्रवार को कलेक्टर एस विश्वनाथन ने जो दिशा-निर्देश थे, वे अधिकारी भूल गए। हालांकि दोपहर 12 बजे उन्हें यह सब याद आया तो सीएमएचओ, सिविल सर्जन हरकत में आए और तुरंत जिला अस्पताल का सारा अमला एकत्रित कर लिया बोले सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों के लिए सुबह से ही ओपीडी अलग से शुरू करनी थी, इसमें देरी क्यों हुई? इतना सुनते ही सब सक्रिय हो गए। कुछ ही देर में ओपीडी के लिए सारे इंतजाम जुटा लिए गए।

खुद आरएमओ डॉ. पीएन धाकड़ को अपने हाथों से ओपीडी काउंटर के पर्चे जगह-जगह चिपकाने पड़े। जब तक यह ओपीडी पूरी तरह तैयार नहीं हो गई, अधिकारी अपनी जगह से नहीं हटे। एक डॉक्टर को भी बुलाकर यहां बिठाया गया। दवा और पर्चे के लिए भी अलग से काउंटर बना दिए गए। मालूम हो कि पहले हर बीमारी की ओपीडी, पर्चे और दवा वितरण की व्यवस्था एक ही जगह थी। लेकिन शुक्रवार को कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान सर्दी खांसी के लिए अलग से ओपीडी बनाने के निर्देश दिए थे।

शाहीन बाग नाम से प्रदर्शन जारी लेकिन स्थगित होगा

शहर में शाहीन बाग के नाम से शास्त्री पार्क पर लंबे समय से एनआरसी, एनपीआर और सीएए के विरोध में प्रदर्शन चल रहा है। इसमें भी बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देश हैं कि भीड़ वाले आयोजन न हों? लेकिन अब तक इस प्रदर्शन को स्थगित को लेकर जिम्मेदार कोई फैसला नहीं ले पाए हैं। संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि कोरोना को देखते हुए इस प्रदर्शन को जल्द ही स्थगित किया जाएगा।

स्कूलों को बंद करने के निर्देश के बाद अब महिला बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी को भी बंद करने के लिए कहा है। 31 मार्च तक बच्चे नहीं जाएंगे। हालांकि उन्हें टेक होम राशन, वजन और लंबाई आदि की जानकारी के लिए कार्यकर्ताओं को घर-घर जाना पड़ेगा। स्कूलों में भी छुट्‌टी है, बच्चे नहीं आएंगे, लेकिन शिक्षक जरूर उपस्थित रहेंगे। जो परीक्षाएं शुरु हो चुकी हैं, वह यथावत चलेंगी।

सीएमएचओ-सीएस ने कुर्सी टेबल लगवाईं, आरएमओ ने चिपकाए पर्चे और डेढ़ घंटे में तैयार किया सर्दी के मरीजों के लिए काउंटर

नई व्यवस्था : सर्दी-खांसी का मरीज जैसे ही डॉक्टर को दिखाकर निकलेगा, उसे वहीं पर दवाएं भी मिल जाएंगी

सर्दी-खांसी के मरीजों के लिए आनन-फानन में तैयार की गई अलग ओपीडी।

कोई मामला नहीं लेकिन सावधानी जरूरी : जिले में कोरोना वायरस को लेकर कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सावधानी बेहद जरुरी है। इसलिए कोई ऐसी चूक या कसर नहीं छोड़ी जा रही है, ताकि बाद में कोई दिक्कत आए। इसलिए अस्पताल में भी आइसोलेशन वार्ड भी तैयार कर लिया है। वहीं स्टॉफ को भी दिशा-निर्देश बता दिए हैं।

स्कूल के बाद आंगनबाड़ी भी 31 तक बंद


कोराेना को लेकर ये सावधानियां


टॉकीज बंद रहीं

कोरोना को लेकर टॉकीज भी बंद कर दी गई हैं, वहीं सरकारी स्तर पर होने वाले ऐसे आयोजन जिसमें भीड़ एकत्रित होती है, उन्हें भी फिलहाल रद्द कर दिया गया है। स्कूल खुले रहे, सिर्फ स्टॉफ पहुंचा। बच्चों की छुट्‌टी थी।

{शासकीय स्तर पर होने वाले कार्यक्रम भी स्थगित किए गए, अभी फिलहाल ऐसे आयोजन नहीं होंगे, जिसमें ज्यादा भीड़ एकत्रित होती हो।

{धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में भी लोग पहुंच रहे हैं तो उन्हें सलाह दी जा रही है कि 1 मीटर की दूरी बनाकर रखें।

{अस्पताल में भर्ती होने के दौरान वार्ड में भी जागरुकता फैलाई जा रही है।

अलग से बनी ओपीडी में दो डॉक्टरों की ड्यूटी रहेगी

कलेक्टर के निर्देश पर ओपीडी अलग शुरू करनी थी, लेकिन दोपहर 12 बजे अस्पताल प्रबंधक को याद आया तो सभी इस काम में जुट गए। डेढ़ घंटे की मश्क्कत के बाद ओपीडी चालू करा दी। पर्चा काउंटर के पास ही एक काउंटर सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों के लिए बना दिया है। इसके पास ही एक हॉल में ओपीडी तैयार की गई है, यहां दो डॉक्टरों की ड्यूटी रहेगी। डॉक्टर को चेकअप कराने के बाद जैसे ही मरीज बाहर निकलेगा तो उसे दवाएं भी वहीं मिल जाएंगी। इसके लिए भी काउंटर बनाया है।

स्टाफ ऐसे भाग रहा था जैसे कोरोना का मरीज मिला हो

ओपीडी सुबह 9 बजे से शुरू होनी थी, लेकिन बाद में इसकी व्यवस्था जुटा ली। कुर्सी, टेबल तक कर्मचारी दौड़-दौड़ कर लाने लगे। कोई दवा लेकर आया तो कोई जगह-जगह सूचना बोर्ड लगाने लगा। खुद आरएमओ को अपने हाथों से ओपीडी काउंटर के पर्चे चिपकाने पड़े, ताकि लोगों को पता रहे, कहां पर क्या होगा।
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