आत्मधर्म को जाग्रत कर नित्य सेवा, सत्संग स्मरण एवं गोमाता की सेवा करना चाहिए : विजयकुमार

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:30 AM IST

Guna News - नृसिंह जयंती पर धार्मिक एवं पुष्टि भक्ति केंद्रों पर गोधूलि बेला में हुए महाआरती, पालना महोत्सव व सत्संग ...

Guna News - mp news satyagraha should remember the service of satsang and gomata by awakening self righteousness vijaykumar
नृसिंह जयंती पर धार्मिक एवं पुष्टि भक्ति केंद्रों पर गोधूलि बेला में हुए महाआरती, पालना महोत्सव व सत्संग

भास्कर संवाददाता|गुना

अंचल के पुष्टिमार्गीय भक्ति केंद्रों, सत्संग मंडलों सहित वैष्णव मंदिरों में भगवान नृसिंह का प्राकट्योत्सव मनाया गया। प्रमुख मंदिरों, धार्मिक एवं पुष्टि भक्ति केंद्रों पर नृसिंह देव के प्राकट्य दिवस पर विशेष मनोरथ, गोधूलि बेला में महाआरती, पालना महोत्सव संपन्न हुए।

चिंतन हाउस में वार्ता प्रसंग में श्रद्धालुओं के बीच अंतर्राष्ट्रीय पुष्टि मार्गीय वैष्णव परिषद के प्रांतीय प्रचार प्रमुख एवं विराट हिउस के जिलाध्यक्ष कैलाश मंथन ने कहा कि भक्त शिरोमणि प्रहलाद की रक्षा के लिए भगवान श्री हरि ने नृसिंह रूप में प्रकट होकर यह साबित कर दिया कि प्रभु सर्वत्र विराजमान है। भक्त प्रहलाद पर अत्याचार करने वाले क्रूर पिता असुर हिरण्यकशिपु का अंत करने के लिए भगवान नृसिंह रूप में खंबे को फाड़कर प्रकट हो गए।

उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है अधर्मी अत्याचारी शासकों का आंतक होता है, तब-तब प्रभु अपने भक्तों एवं सृष्टि की रक्षा के लिए प्रभु अवतार ग्रहण करते हैं। श्री मंथन ने कहा कि भक्त प्रहलाद को भगवान का अनुग्रह प्राप्त था उनकी पुष्टि भक्ति सिद्ध हो चुकी थी। वे सर्वत्र भगवान का अनुभव करते थे। उसके पिता को ब्रह्मा ने अमरता के वरदान के बावजूद भगवान ने अद्भुत नरसिंह रूप धर कर भक्त प्रहलाद की वाणी सिद्ध की। उनकी भक्ति की शिक्षा मानव मात्र के कल्याण के लिए है। भगवान संध्या कालीन बेला में भक्त प्रहलाद के वचन सिद्ध करने के लिए खंभ से प्रगट हुए थे। इसलिए भगवान नृसिंह की जयंती संध्या काल में मनाई जाती है।

ग्रामीण अंचल में मनाया उत्सव

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी भगवान नृसिंह का प्राकट्योत्सव उत्साह से मनाया गया। श्रीनाथ मंदिर गुना सहित समस्त वैष्णव केंद्रों पर प्राकट्योत्सव मना। वहीं बमोरी क्षेत्र में विराजमान वैष्णवाचार्य गोस्वामी, (दामोदर लाल) एवं कुमुदनी बहूजी (अहमदाबाद सूरत मुंबई) के सानिध्य में जयंती कार्यक्रम हुए। प्रवचन में महाराज विजय कुमार ने कहा कि वैष्णव समाज जाग्रत हो, हमें अपने आत्मधर्म को जाग्रत कर नित्य सेवा, सत्संग स्मरण एवं गौ माता की सेवा करना चाहिए। महाराजश्री के सानिध्य में ग्राम लालोनी में विशेष मनोरथ एवं वचनामृत कार्यक्रम हुआ।

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