संपत्ति ने बनाया एक दूसरे का दुश्मन, आठ साल बाद निकला हल, दंपती फिर हुए एक

Guna News - रविवार को नेशनल लोक अदालत में लम्बे समय से चल रहे विवाद आपसी राजीनामे के आधार पर हल हुए। 8 साल से एक करोड़ से अधिक की...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:20 AM IST
Guna News - mp news the property created by the enemy of each other eight years later passed the couple again
रविवार को नेशनल लोक अदालत में लम्बे समय से चल रहे विवाद आपसी राजीनामे के आधार पर हल हुए। 8 साल से एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का मामला न्यायालय में चल हुआ। मायके जाने को लेकर हुई छोटी से कहा सुनी पर पति प|ी एक साल से अलग रह रहे थे, जो एक दूसरे को वरमाला डालकर साथ में घर लौटे।

8 साल से ग्राम पछारी के एक कुटुम्ब का प्रकरण चल रहा था। इसमें 34 सदस्य शामिल हुए। संपत्ति विवाद को लेकर संबंधी, संबंधी नहीं बल्कि एक दूसरे के दुश्मन की नजर से देख रहे थे। लोक अदालत में प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने वादी प्रतिवादी के अधिवक्ता जेएन राजौरिया, डीके पाराशर, सचिन सक्सेना, उदय थथे, लक्ष्मी लोधी, जीके श्रीवास्तव, सुनील शर्मा की समझाइश पर प्रकरण हल हुआ। लोक अदालत का शुभारंभ जिला व सत्र न्यायाधीश अखिलेश जोशी अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने किया। अदालत में 4008 प्री लिटिगेशन प्रकरण रखे गए थे। जिनमें से 419 निराकृत हुए। इसी तरह न्यायालयीन प्रकरण 1516 रखे गए जिनमें से 231 प्रकरण निराकृत हुए। इन प्रकरणों की सुनवाई 17 खंडपीठों ने की। इस बीच पक्षकारों को लगभग 200 से अधिक न्याय रूपी पौधे वितरित किए।

पक्षकारों को लगभग 200 से अधिक न्याय रूपी पौधे वितरित किए

न्यायालयीन प्रकरण 1516 रखे गए जिनमें से 231 प्रकरणों का निराकरण किया गया, इन प्रकरणों की सुनवाई 17 खंडपीठों में की गई

स्टॉलों के निरीक्षण के दौरान बिजली कंपनी के अधिकारियों से चर्चा करते सीजेएम।

मायके जाने को लेकर चल रहे विवाद में दंपती को समझाने के बाद वरमाला पहनाकर किया एक

एक साल से देवीलाल प|ी राजकुमारी आदिवासी के बीच मायके जाने को लेकर विवाद चल रहा था। शादी के बाद उनका एक बेटा भी है। विवाद इतना बढ़ गया कि परिवार के लोगों ने न्यायालय में केस कर दिया था। लोक अदालत में जिला अपर सत्र न्यायाधीश एपीएस चौहान ने दोनों को समझाया कि आप लोग इतनी सी बात को लेकर इतना बड़ा कदम क्यों उठा रहे हो?, जिससे दोनों को आगे चलकर परेशानी आए। इसके बाद पति प|ी वरमाला पहनाकर एक साथ चले गए। अभिभाषक फाजिल कुर्रेशी रहे।

बेटी के लिए 10 बाद फिर एक हुए मम्मी पापा

पिछले 10 साल से महेश परिवर्तित नाम ग्राम रामनगर गुना और प|ी मीना परिवर्तित नाम शाढ़ौरा दोनों अलग-अलग रह रहे थे। बेटी अपनी मां के साथ रह रही थी। हर दिन मां से अपने पिता से मिलने की बात कहती थी, लेकिन उसे कोई उत्तर नहीं मिलता था। लोक अदालत में भरण पोषण के लिए मामला चल रहा था। जिला व सत्र न्यायाधीश अखिलेश जोशी ने दोनों पक्षों को समझाइश दी। जिस पर अपनी बेटी की खुशी के लिए दोनों फिर से एक हो गए। महिला की ओर से अधिवक्ता शिव सिंह रघुवंशी, हरिराम अहिरव0ार रहे।

मृतक के माता पिता को मिला 5.50 लाख प्रतिकर

ग्राम बरोदिया में रहने वाली मृतक के माता पिता देवीलाल रामवतीबाई शर्मा को तीन साल बाद न्याय मिला। साल 2016 में ट्रक दुर्घटना में अपने बेटे को वे खो चुके थे। जिसकी कोई पूर्ति नहीं हो सकती लेकिन आवेदक की ओर से पैनल अधिवक्ता विष्णु बिरथरे ने कंपनी द्वारा जो क्षतिपूर्ति मृतक के परिवार को दिलाई जा सकती थी के संबंध में लोक अदालत में कंपनी अधिवक्ता डीके पाराशर से चर्चा की। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने मृतक के परिवार को कंपनी की ओर से 5.50 लाख की क्षतिपूर्ति की राशि अवार्ड की।

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