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आने-जाने वाले रास्ते पर जिला अस्पताल में महिलाओं के लिए पंजीयन काउंटर बनाया

जिला अस्पताल में दिनों दिन बढ़ रही मरीजों की संख्या परेशानी बनने लगी है। मरीजों के पंजीयन के लिए मुख्य अस्पताल भवन...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:40 AM IST
जिला अस्पताल में दिनों दिन बढ़ रही मरीजों की संख्या परेशानी बनने लगी है। मरीजों के पंजीयन के लिए मुख्य अस्पताल भवन के मेनगेट पर काउंटर बने हैं। लेकिन मरीजों की इतनी भीड़ पंजीयन के लिए एकत्रित हो जाती है कि मेन गेट बंद सा हो जाता है।

इस पर कलेक्टर ने कुछ दिन पहले मौके का निरीक्षण कर निर्देश दिए थे कि मरीजों के पंजीयन के लिए वाहन स्टेंड के टीनशेड की जगह को डवलप किया जाकर सुविधायुक्त पंजीयन काउंटर बनाएं, जहां मरीज व उनके अटेंडरों को बैठने, हवा के लिए पंखे, पीने के लिए पानी, धूप-बारिश से बचाव के लिए छांव हो। लेकिन कलेक्टर के निर्देश का पालन पूरा उल्टा कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने मुख्य गेट के पंजीयन काउंटर से अलग एक अन्य काउंटर महिलाओं के लिए पास ही एक कमरे में खोल दिया है, जिसमें पर्चा बनवाने महिलाओं को लाइन में लगना पड़ता है। यह पर्चा बनवाने महिलाएं मेन रास्ते पर खड़े होती हैं, इससे अस्पताल के भीतर आने-जाने में परेशानी हो रही है।

जिला अस्पताल की ओपीडी में पर्चे बनवाने लाइन में लगी महिलाएं।

कंप्यूटरीकृत प्रणाली बनी समस्या

जिला अस्पताल में मरीजों को अब कंप्यूटरीकृत पंजीयन कराना अनिवार्य है, इसके बाद ही ओपीडी में बैठे डॉक्टर उनका इलाज करते हैं। इमरजेंसी केस में भी यही प्रक्रिया है। लेकिन समस्या तब ज्यादा बढ़ जाती है, जब सर्वर डाउन होने और कंप्यूटर के धीमी गति में काम करने से पंजीयन देरी से होती है। इससे पंजीयन काउंटर पर लगी लाइन समस्या बढ़ाती हैं।

प्रभारी आरएमओ बोले- मैं मौके पर जाकर देखता हूं

प्रभारी आरएमओ डॉ. वीरेंद्र रघुवंशी ने बताया कि अस्पताल परिसर में नए पंजीयन काउंटर बनने हैं, उसके लिए ले आउट बन गया है। इंजीनियर को भेज दिया है। अगर महिला काउंटर से परेशानी हो रही है, तो मैं मौके पर जाकर देखूंगा। जल्द ही आयुष्मान भारत योजना लागू हो रही है। उसके बाद समस्याएं कम हो जाएंगी।