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खुलासा / बदमाशों ने हरियाणा के गांव में बना रखा है ट्रेनिंग सेंटर, वहां सिखाते हैं ठगी के तरीके

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 05:00 AM IST


2 accused arrested for cheating at ATM
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2 accused arrested for cheating at ATM

  • बदमाशों ने हरियाणा के गांव में बना रखा है ट्रेनिंग सेंटर, वहां सिखाते हैं ठगी के तरीके 

ग्वालियर . डेबिट कार्ड बदलकर किसान को 82 हजार रुपए की चपत लगाने वाले दो ठगों में से एक मुशर्रफ हुसैन एलएलबी का छात्र है। उसका भाई हरियाणा के पापड़ा गांव का सरपंच है और ममेरा भाई हरियाणा पुलिस में डीएसपी है। इतने रसूखदार परिवार से होने के बाद भी महंगे कपड़े और कार के शौक ने उसे अपराधी बना दिया।

 

दूसरा ठग मोहसिन कक्षा 12वीं का छात्र है। पुलिस की पूछताछ में दोनों ठगों ने खुलासा किया है कि पापड़ा गांव निवासी हफीज खान गिरोह का मास्टरमाइंड है। वह गांव में ही ठगी करने के तरीके सिखाने के लिए ट्रेनिंग सेंटर चलाता है। आसपास के गांव के कई युवक यह काम कर रहे हैं।

 

उसके साथ यूसुफ खान है, जो युवाओं को ठगी करना सिखाते हैं और फिर अलग-अलग शहरों में ले जाकर उनके जरिए ठगी करते हैं। ग्वालियर में भी हफीज और यूसुफ ही साथ थे, लेकिन मुशर्रफ व मोहसिन के पकड़े जाने पर वे कार से भाग गए।


मुरार स्थित वंशीपुरा निवासी मेघ सिंह 5 जनवरी को एमएच चौराहा स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम से रुपए निकालने गए थे। वहां तीन युवक खड़े थे। वह बूथ के अंदर गए तो रुपए नहीं निकले, तभी मदद करने के बहाने मेघ सिंह का डेबिट कार्ड युवकों ने बदल लिया। कुछ देर बाद मुरार में ज्वेलरी शॉप से दो अंगूठी खरीदीं और 40 हजार रुपए निकाल लिए। इस तरह 82 हजार रुपए की ठगी की।

 

मेघ सिंह उसी दिन मुरार थाने गए, लेकिन पुलिस ने आवेदन लेकर चलता कर दिया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्रीय पार्षद शैलू कुशवाह के साथ मिलकर ज्वेलरी शॉप से सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निकलवाए और वाट्सएप ग्रुप में भेजे। शनिवार को यही युवक फिर ठगी करने आए तो इन्हें पकड़ लिया।

 

ठगों ने अपना नाम मुशर्रफ पुत्र करार हुसैन निवासी जिला मेवात(नूह) उम्र 25 साल, ग्राम पापड़ा, हरियाणा, मोहसिन पुत्र एजाज खान 20 साल निवासी जिला मेवात, ग्राम टिनगवां, हरियाणा  बताया। फरार बदमाश हफीज पुत्र सुबान खान (37) निवासी ग्राम पापड़ा, हरियाणा गिरोह का मास्टरमाइंड है। चौथे साथी का नाम यूसुफ पुत्र मोहम्मद बेग है। जिस कार से हफीज और यूसुफ भागे, वह यूसुफ के नाम पर रजिस्टर्ड है। 

 

सबसे पहले धौलपुर में की थी ठगी, 2 हजार रुपए कमीशन मिला, तो लालच में फंस गए


पुलिस के मुताबिक, मुशर्रफ के पिता शासकीय कर्मचारी थे। जबकि उसका बड़ा भाई सरपंच और ममेरा भाई डीएसपी है। वहीं चाचा सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं। उसने बताया कि दो साल पहले युसूफ के संपर्क में आया था। उसने हफीज से मिलवाया। पहली बार धौलपुर ले गए थे।

 

यहां डेबिट कार्ड बदला और फिर दूसरी जगह से रुपए निकाले। पहली बार 2 हजार रुपए कमीशन मिला था। वहीं मोहसिन का कहना है कि वह करीब एक साल पहले हफीज के संपर्क में आया था। मोहसिन के पिता मदरसे में बच्चों को तालीम देते हैं। उसके चार भाई हैं। आर्थिक तंगी के कारण वह यह काम करने लगा।
 

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