मप्र / रीवा की 38 पंचायतों ने छह दिन में खर्च कर डाले परफाॅरमेंस गारंटी के 12 करोड़ रुपए

परफाॅरमेंस ग्रांट में रीवा जिले की पंचायतों में बड़ा घोटाला सामने आया है। परफाॅरमेंस ग्रांट में रीवा जिले की पंचायतों में बड़ा घोटाला सामने आया है।
X
परफाॅरमेंस ग्रांट में रीवा जिले की पंचायतों में बड़ा घोटाला सामने आया है।परफाॅरमेंस ग्रांट में रीवा जिले की पंचायतों में बड़ा घोटाला सामने आया है।

  • अच्छी कर वसूली पर 1148 पंचायतों को मिली 300 करोड़ की ग्रांट संदेह में 
  • भोपाल से कार्ययोजना भेजने से पहले ही फर्म को कर दिया भुगतान

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2020, 01:26 PM IST

भोपाल (शैलेंद्र चौहान) . प्रदेश में पंचायतों को अच्छी कर वसूली (कराधान एवं करारोपण) पर मिलने वाली  परफाॅरमेंस ग्रांट में रीवा जिले की पंचायतों में बड़ा घोटाला सामने आया है। रीवा की गंगदेव जनपद की 38 पंचायतों में 12 करोड़ रुपए की परफाॅरमेंस ग्रांट मिलने के छह दिन में एकमात्र फर्म को 5.80 करोड़ की राशि जारी होने के साथ ही खर्च कर दी गई। इतने दिनों में सात करोड़ से ज्यादा राशि निजी फर्मों के खाते में भेज दी गई, जबकि पंचायत राज संचालनालय से कार्ययोजना ही नहीं भेजी गई थी। 


घोटाले की जांच टीम ने संदेहास्पद भुगतान पाने के बाद राज्य शासन से मार्गदर्शन मांगा है। राज्य सूचना आयोग ने पंचायत विभाग के एसीएस मनोज श्रीवास्तव को 1148 पंचायतों में बंटी 300 करोड़ के परफाॅरमेंस ग्रांट पर संज्ञान लेने के लिए लिख दिया है। उधर पंचायत मंत्री ने भी सभी पंचायतों में जांच के आदेश दे दिए है। पंचायत राज संचालनालय से 28 अगस्त 2019 को रीवा जिले के जनपद पंचायत गंगेव में 38 ग्राम पंचायतों को 14 वे वित्त आयोग में 12 करोड़ 71 लाख रुपए परफाॅरमेंस ग्रांट मिली थी। इस ग्रांट में से 7.14 करोड़ रुपए का 28 अगस्त से 3 सितंबर 2019 यानी छह दिन में भुगतान हो गया। इस तरह ग्रांट के ताबड़तोड़ आहरण की शिकायतों के बाद जनपद पंचायत सीईओ के नेतृत्व में जांच बैठाई गई थी।

जांच में पाया गया कि शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन एंड मटेरियल सप्लायर को सबसे ज्यादा 5.80 करोेड़ का भुगतान हुआ है। 1 अक्टूबर 2019 को इसी फर्म को 37 लाख जारी हुए। इस तरह एक फर्म को 38 पंचायतों में 6 करोड़ 17 लाख रुपए जारी कर दिए गए।  इसके अलावा गुप्ता फेब्रिकेशन को 28 लाख, न्यू प्रवीण ट्रेडस को 28 लाख, अनुज ट्रेडर्स को 25 लाख दिए गए। यह राशि अलग-अलग पंचायतों में दी गई है। जांच में पंचायतराज संचालनालय से 4 सितंबर को परफाॅरमेंस गारंटी की कार्ययोजना भेजी गई। वहीं पंचायतों ने उसके पहले ही 8 करोड़ 23 लाख रुपए खर्च बता दिए गए।

ग्रांट के लिए टैंकर पर लगाया टैक्स, जबकि प्रावधान नहीं

रीवा की 38 पंचायतों में घपले के लिए कई मनमानी की गई। पानी के टैंकरों पर कर लगाना दिखाया गया है, जबकि नियमों में ऐसा प्रावधान नहीं है। जिन लोगों और एजेंसियों व दुकानों पर कर लगाया गया है, वो केवल कागजी यानी फर्जी है। ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव, सीईओ और करारोपण से मिलने वाले फंड के लिए निजी ठेकेदार मिलकर फर्जी करारोपण दिखाते हैं। इस कराधान पर शासन से परफार्मेंस पर करोड़ों की ग्रांट मिलती है, जिसे आपस में हिस्सेदारी से बांट लिया जाता है।

300 करोड़ के ग्रांट की जांच हो 
प्रदेश की 1148 ग्राम पंचायतों को वर्ष 2017-2018 के कार्यों के लिए 300 करोड़ 80 लाख रुपए की ग्रांट मिली है। सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने गंगदेव जनपद पंचायत के लोक सूचना अधिकारी वालेंद्र कुमार पर आरटीआई में जानकारी नहीं देने की वजह से 5 हजार का जुर्माना लगाया है। सिंह ने प्रदेश की सभी 1148 पंचायत में मिली ग्रांट और खर्च को संज्ञान में लेने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के एसीएस मनोज श्रीवास्तव को लिखा है।

दोषी अफसरों पर कार्रवाई होगी
रीवा जिले की पंचायतों में परफाॅरमेंस ग्रांट में गड़बड़ सामने आई है। प्रदेश की सभी पंचायतों में मिली ग्रांट की जांच के आदेश दिए है। सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने वाले दोषी पंचायत सचिव-अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। - कमलेश्वर पटेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना