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डाकघर में 97 लाख का घोटाला उजागर, फोरेंसिक जांच के बाद सीबीआई को भेजा जाएगा मामला

फोरेंसिक लैबोरेटरी से रिपोर्ट आने के बाद यह मामला सीबीआई को सुपुर्द किया जाएगा।

Bhaskar News | Last Modified - May 18, 2018, 04:35 AM IST

  • डाकघर में 97 लाख  का घोटाला उजागर, फोरेंसिक जांच के बाद सीबीआई को भेजा जाएगा मामला

    भिंड.शहर के गल्ला मंडी और हाउसिंग कॉलोनी डाकघर में हुए घोटाले की विभागीय जांच पूरी हो गई है। अब तक मिली 80 शिकायतों की जांच में 97 लाख रुपए से अधिक का घोटाला सामने आया है। विभाग के अधीक्षक एसके पांडेय खुद मुरैना बैठकर पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। वहीं फोरेंसिक लैबोरेटरी से रिपोर्ट आने के बाद यह मामला सीबीआई को सुपुर्द किया जाएगा।


    यहां बता दें कि फरवरी महीने में डाकघर के अल्प बचत एजेंट बेबी रमेशचंद्र जैन कई खाताधारकों को बिना बताए उनके खातों से पैसा निकालकर फरार हो गए थे। जब लोगों को पता चला तो उन्होंने मामले की शिकायत शहर कोतवाली पुलिस से की। लेकिन जब वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने कलेक्टर डॉ इलैया राजा टी से शिकायत की। इसके बाद कलेक्टर ने प्रधान डाकघर मुरैना के अधीक्षक एसके पांडेय को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही डाक विभाग के मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल को पत्र लिखा।


    इसके बाद डाक विभाग के अधीक्षक पांडेय ने छह सदस्यीय जांच टीम गठित की। इसके बाद टीम ने गल्ला मंडी और हाउसिंग कॉलोनी डाकघर का पूरा रिकार्ड जब्त कर लिया। साथ ही प्रत्येक खाताधारक की अलग अलग फाइल तैयार कर अपनी जांच शुरू की। करीब ढाई महीने से अधिक समय चली इस जांच के बाद अब तक 97 लाख रुपए से अधिक का घोटाला सामने आया है।

    घोटाले के बाद एजेंट व उसके परिवार का पता नहीं, पहले से निलंबित चल रहे हैं दो पोस्ट मास्टर

    इस घोटाले के मुख्य सूत्रधार बेबी रमेशचंद्र जैन का पूरा परिवार जिले से फरार चल रहा है। चूंकि जांच पूरी न होने की वजह से विभाग द्वारा अब तक उसके संबंध में कोई रिपोर्ट पुलिस में नहीं की गई है, जिससे उसका कोई पता नहीं चल रहा है। वहीं उसके मकान पर तमाम खाताधारकों ने अपना कब्जा जमाने के लिए ताले लटका दिए हैं। जबकि इसी मामले में गल्ला मंडी और हाउसिंग कॉलोनी डाकघर के दो पोस्ट मास्टर पहले से ही निलंबित चल रहे हैं।

    जांच के लिए सीबीआई को सौंपा जाएगा मामला
    डाकघर घोटाले में शुरू से ही सीबीआई जांच की बात की जा रही थी। लेकिन घोटाले की राशि तय न होने की वजह से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब 97 लाख रुपए से अधिक की राशि का घोटाला सामने आने से सीबीआई जांच की बात को बल मिल रहा है। हालांकि विभाग के अफसर भी यह बात स्पष्ट रूप से कहने से बच रहे हैं। लेकिन यहां बता दें कि केंद्र सरकार के विभागों में 10 लाख रुपए से अधिक की गड़बड़ी सामने आने पर सीबीआई जांच करती है। जबकि भिंड के डाक विभाग में 97 लाख रुपए गड़बड़ी विभागीय जांच में सामने आ गई है। ऐसे में विभाग मामला सीबीआई को देने से पहले पूरी तरह से पुख्ता प्रमाण जुटाने में लगा हुआ है।

    फोरेंसिक लैबोरेटरी भेजेंगे दस्तावेज
    डाक विभाग के अधीक्षक पांडेय ने बताया कि चूंकि इस मामले में अब तक शिकायतकर्ता अपनी ओर से पैसा जमा करने और एजेंट द्वारा निकाले जाने कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए हैं। ऐसे में अब विभागीय विड्राल फार्म, नमूना हस्ताक्षर और शिकायतकर्ताओं के हस्ताक्षर मिलान के लिए फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगे। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    शिकायतकर्ताओं के पास नहीं हैं प्रमाण, दस्तावेज भेजे जाएंगे फोरेंसिक लेब
    मुरैना प्रधान डाकघर के अधीक्षक एसके पांडे ने बताया कि भिंड डाक विभाग में हुए घोटाले की जांच पूरी हो गई है। अब तक 97 लाख रुपए का घोटाला सामने आया है। अधिकांश शिकायतकर्ताओं के पास कोई प्रमाण नहीं हंै। इसलिए अब जांच के लिए दस्तावेज फोरेंसिक लेब भेजे जा रहे हैं।
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