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5 दिन में 3 गुना बढ़ा प्रदूषण, नरवाई, कचरा जलाना व टेंपो का धुआं कारण

कलेक्टर ने नगर निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर जरूरी कदम उठाने के लिए कहा है।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 15, 2017, 07:52 AM IST

ग्वालियर.पिछले 5 दिन में शहर में वायु प्रदूषण का स्तर मापने के मानक (आरएसपीएम) अधिकतम संख्या से तीन गुना तक बढ़ गए हैं। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एनपी सिंह ने कलेक्टर राहुल जैन को पत्र लिखकर इस बारे में आगाह किया है। वहीं कलेक्टर ने नगर निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर जरूरी कदम उठाने के लिए कहा है।
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु प्रदूषण को मापने के लिए महाराज बाड़ा और डीडी नगर में मशीन लगा रखी है। जहां 9 नवंबर को प्रदूषण का मानक 74 आरएसपीएम से बढ़कर 345 पर पहुंच गया।
- जबकि इसकी अधिकतम सीमा 100 निर्धारित है। अधिकारियों ने बताया कि नरवाई के जलाने से आरएसपीएम की संख्या में एकाएक बढ़ोत्तरी हो सकती है। शहरी क्षेत्र में घरेलू कचरा भी बढ़ी मात्रा में खुले में जलाया जा रहा है।
- बुजुर्ग और बच्चों पर खतरा : आरएसपीएम (रेस्पीरेबल सस्पेंडिड पर्टिकुलेट मैटर)। ये वो कण होते हैं जो वातावरण में तैरते हैं। ये कण धुंए से, धूल से उत्पन्न होते हैं। आरएसपीएम की सीमा 100 निर्धारित है जबकि पीएम-2.5 की सीमा 60 निर्धारित है।
- आरएसपीएम का बढ़ना अस्थमा के मरीज, बुजुर्ग व बच्चों के लिए खतरनाक है। वहीं पीएम-2.5 की अधिक मात्रा इससे भी ज्यादा खतरनाक है। इसमें कण का आकार चूंकि और छोटा होता है, जो नाक के जरिए शरीर में प्रवेश कर खून में डिजॉल्व हो जाता है, जिससे फेफड़े व हार्ट डिजीज की संभावना बढ़ जाती है।
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