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39 हजार परिवारों को फ्री गैस कनेक्शन, 31 हजार ने डेढ़ साल से सिलेंडर ही नहीं भरवाया

मुफ्त में गैस कनेक्शन तो दे दिए लेकिन अब इन परिवारों द्वारा गैस सिलेंडर ही नहीं भरवाया जा रहा है।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 07:52 AM IST

भिंड (ग्वालियर). आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की महिलाओं को धुंआ से मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत मुफ्त में गैस कनेक्शन तो दे दिए लेकिन अब इन परिवारों द्वारा गैस सिलेंडर ही नहीं भरवाया जा रहा है। वहीं, सरकार को भी यह योजना महंगी साबित हो रही है। कारण यह है कि इस योजना के तहत गैस कनेक्शन के चार्ज की भरपाई सरकार सिलेंडर की रिफिलिंग पर दी जाने वाली सब्सिडी से करने वाली थी। लेकिन जिले में उज्जवला योजना के तहत दिए गए कनेक्शनों की रिफिलिंग मात्र 20 प्रतिशत होने से पूरा मामला गड़बड़ा गया है।

- यहां बता दें कि पीएम उज्जवला योजना के तहत जिले में 64 हजार 510 परिवारों को गैस कनेक्शनन दिए जाने के लिए चििहृंत किया गया था। डेढ़ साल में जिला प्रशासन ने जिले के 38 हजार 835 परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन दिए हैं।

- जबकि 25 हजार के करीब परिवारों को कनेक्शन दिए जाने हैं। लेकिन खास बात तो यह है कि जिन परिवारों को सरकार द्वारा मुफ्त में गैस कनेक्शन दिए हैं। उनमें से 80 प्रतिशत लोग गैस रिफिलिंग ही नहीं ले रहे हैं। यानि जिले में करीब 31 हजार से अधिक लोगों ने गैस कनेक्शन लेने के बाद पुन: सिलेंडर भरवाया ही नहीं है।

तीन उदाहरण जो कनेक्शन लेने के बाद नहीं ले रहे रिफिल

- मेहगांव विकासखंड के ग्राम गाता निवासी उर्मिला पत्नी पान सिंह ने उज्जवला योजना के तहत मार्च महीने में गैस कनेक्शन लिया था। आठ महीने गुजरने के बाद भी उन्होंने अभी तक एक भी बार गैस सिलेंडर की रिफिल नहीं कराई है।
- गितौर निवासी शांति पत्नी ग्याराम ने उज्जवला योजना के तहत जनवरी महीने में गैस कनेक्शन लिया था। लेकिन करीब 11 महीने गुजरने के बाद भी उन्होंने एक भी बार सिलेंडर की बुकिंग नहीं कराई है।
- इसी प्रकार कठुवां निवासी गुड्डीबाई पत्नी केदार सिंह ने भी प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत मार्च महीने में गैस कनेक्शन लिया था। लेकिन नौ महीने गुजरने को जा रहे हैं। उनके द्वारा भी एक भी रिफिल नहीं ली गई है।

रिफिलिंग का रेशो कम है, यह चिंता का बात है
- उज्जवला योजना के तहत हमने 43 हजार परिवारों से केवायसी भरवा लिए हैं। रिफिलिंग का रेशो कम है यह चिंता का विषय है। इस पर स्टडी कर रहे हैं। फिलहाल शेष बचे हितग्राहियों को कनेक्शन देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।