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सर्वर डाउन से 750 बच्चों को नहीं मिल सके एडमिट कार्ड, पढ़ें पूरा मामला

एमएससी व एमबीए करने वाले छात्र परीक्षा में शामिल होने से पहले प्रवेश पत्र के लिए मशक्कत करते हुए दिखे।

Dainik Bhaskar

Dec 27, 2017, 06:56 AM IST
750 children not able to get admission card, read full case

ग्वालियर . जीवाजी यूनिवर्सिटी की अध्ययनशालाओं से एमएससी व एमबीए करने वाले छात्र परीक्षा में शामिल होने से पहले प्रवेश पत्र के लिए मशक्कत करते हुए दिखे। एमपी ऑनलाइन का सर्वर डाउन होने के कारण एमएससी व एमबीए के लगभग 750 छात्रों को प्रवेश पत्र नहीं मिल सके। इसके चलते छात्रों ने परीक्षा शुरू होने से पहले हंगामा कर दिया। छात्रों का कहना था कि गलती यूनिवर्सिटी की है। परीक्षा के ऐन वक्त तक प्रवेश पत्र के लिए उन्हें जिस तरह टेंशन दी जा रही है। इससे उनकी परीक्षा चौपट हो जाएगी।

- इस दौरान प्रोफेसरों ने छात्रों से कहा कि जिन छात्रों के पास प्रवेश पत्र नहीं हैं उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। इस आश्वासन पर छात्र शांत हुए। एमएससी कंप्यूटर साइंस थर्ड सेमेस्टर के छात्र अंकित राय का कहना था कि तीन दिन जेयू की छुट्टी थी। फिर भी प्रवेश पत्र पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए। यह घोर लापरवाही है। इस मामले में जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक आयोजित हुई।


प्रोफेसर बोले-

- सीसीई के अंक ऑनलाइन नहीं किए इसलिए प्रवेश पत्र नहीं मिले: प्रवेश पत्र को लेकर छात्रों द्वारा हंगामा किए जाने पर प्रोफेसरों का कहना था कि कई विभागों ने सीसीई के अंक ऑनलाइन नहीं किए। इसके चलते प्रवेश पत्र डाउनलोड नहीं हो पा रहे।

- इस पर छात्रों का कहना था कि यह प्रक्रिया जेयू को करना है। इसमें उनकी क्या गलती जिससे उन्हें प्रवेश पत्र नहीं मिले। छात्रों ने पहले सेमेस्टर के रोल नंबर के आधार पर रोल लिस्ट में अपना रोल नंबर देखकर क्लास रूम में बैठे। इसके बाद अटेंडेंस शीट से छात्रों का वेरीफिकेशन कर परीक्षा दिलाई गई।

फर्जी छात्र परीक्षा में शामिल हो गए तो कौन होगा जिम्मेदार
- छात्रों का कहना था कि किसी के रोल नंबर में यदि फर्जी छात्र परीक्षा में शामिल हो गया तो उसका वेरीफिकेशन बिना प्रवेश पत्र के कैसे करेंगे।

- छात्रों का कहना था कि वैसे तो बिना प्रवेश पत्र के परीक्षा में शामिल नहीं किया जाता। अब जेयू की गलती है तो उन्हें हर तरह की छूट दी जा रही है।

- इस पर प्रोफेसरों ने कहा कि उनके पास छात्रों की फोटोयुक्त अटेंडेंस सीट है। इससे हर छात्र का वेरीफिकेशन हो जाएगा।

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