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400 गांव के लोग संभाल रहे भंडारे की जिम्मेदारी, खाना बनाने में लगे 150 हलवाई

Bhaskar News | Last Modified - Feb 07, 2018, 08:57 AM IST

सिद्ध स्थल करहधाम पर सिय-पिय मिलन समारोह चल रहा है।
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    द्धस्थल करहधाम पर पटिया वाले बाबा का भंडारा यहां चर्चा का विषय बना हुआ है।

    मुरैना (ग्वालियर). शहर से 16 किमी दूर बने सिद्ध स्थल करहधाम पर सिय-पिय मिलन समारोह चल रहा है। यहां हर दिन लाखों श्रद्धालुओं पहुंच रहे हैं। इस समारोह में मुरैना जिले अलावा बाहर के राज्यों से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं। बाबा रामरतनदास महाराज की बरसी के उपलक्ष्य में यहां हर रोज भंडारे का आयोजन हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग प्रसादी ग्रहण करने पहुंच रहे हैं। प्रसादी में मालपुए, खीर, बूंदी व सब्जी परोसी जा रही है। यह आयोजन 1 फरवरी से शुरू हुआ है जिसका समापन 8 फरवरी को किया जाएगा। 400 गांव के लोगों ने इस भंडारे की जिम्मेदारी ली है...

    - शहर के सिद्धस्थल करहधाम पर पटिया वाले बाबा का भंडारा यहां चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां हर दिन सैकड़ों लोग 230 टीन देसी घी, 2500 लीटर दूध, 80 क्विंटल शक्कर, 44 क्विंटल आटा, 16 क्विंटल बेसन और 24 क्विंटल गुड़ से बने मालपुए और खीर का प्रसाद खा रहे हैं।

    - 400 गांव के लोगों ने इस विशाल भंडारे की जिम्मेदारी ली है। इनका मैनेजमेंट इतना शानदार है कि भंडारे में किसी तरह की कोई कमी नहीं रहती। सुबह 5 बजे से 150 हलवाई प्रसाद बनाने में जुट जाते हैं और शाम 4 बजे तक प्रसाद बना लेते हैं।

    - फिर शुरू होता है लोगों को खिलाने का काम, जिसे हर दिन 10 गांव के लोग परोसते हैं। ये 10 गांव ही उन दिन के लिए अपनी स्वेच्छा से राशि एकत्रित करते हैं, ताकि भंडारे में राशन की कमी न पड़े।

    - खाने को गैस चूल्हों पर नहीं बल्कि देहाती चूल्हों पर पकाया जाता है। हर दिन दो ट्रॉली लकड़ियां लगती हैं। सात दिन में अब तक करीब एक लाख से लोग प्रसाद ग्रहण कर चुके हैं।

    150 से अिधक हलवाई प्रसादी तैयार करने के लिए दे रहे सेवाएं

    - भंडारे का भोजन तैयार करने के लिए 150 से अधिक हलवाई सेवाएं दे रहे हैं।

    - श्रद्धालुओं को भोजन परोसने के लिए दस से अधिक गांव के ग्रामीण हर रोज सेवादार बनकर मेहनत करते हैं।

    - समापन के दिन इस विशाल आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के उम्मीद है।

    भजन-कीर्तन व हवन यज्ञ का चल रहा आयोजन
    - करहधाम पर इन दिनों विशाल मेले जैसा माहौल है। दुकानदारों ने खेल-खिलौने की दुकानें सजा ली हैं।
    - मैदान पर एक ओर रासलीला तो जगह-जगह भजन-कीर्तन व हवन-यज्ञ के आयोजन चल रहे हैं। जिसमें 400 से अधिक गांव के ग्रामीण शामिल हो रहे हैं।

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    हर दिन सैकड़ों लोग 230 टीन देसी घी, 2500 लीटर दूध, 80 क्विंटल शक्कर, 44 क्विंटल आटा, 16 क्विंटल बेसन और 24 क्विंटल गुड़ से बने मालपुए और खीर का प्रसाद खा रहे हैं।
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    5 बजे से 150 हलवाई प्रसाद बनाने में जुट जाते हैं और शाम 4 बजे तक प्रसाद बना लेते हैं।
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Web Title: Bhandara Handling, More Then Hundred Dispersed Food
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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