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40 साल पुराने मकान तोड़े तो अमले पर पथराव, पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

bhaskar news | Last Modified - Jan 14, 2018, 05:37 AM IST

भेदभाव की कार्रवाई| जड़ेरुआ रोड पर अतिक्रमण हटाने गए अफसरों की गलती ने बिगाड़ा माहौल
  • 40 साल पुराने मकान तोड़े तो अमले पर पथराव, पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
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    पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

    ग्वालियर. हाईकोर्ट के आदेश पर शनिवार को जड़ेरुआ रोड से 40 साल पहले अतिक्रमण कर बनाए गए मकान तोड़ने गए राजस्व, नगर निगम के अमले पर लोगों ने पथराव कर दिया। लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि प्रशासनिक अफसरों ने प्रभावशाली लोगों के बड़े भवनों को अतिक्रमण की जद में आने के बाद भी नहीं तोड़ा और उनके मकान, झुग्गियों को हद से ज्यादा तोड़ दिया।

    पथराव में एक महिला अफसर को चोट आई। हालांकि पुलिस ने इसके जवाब में पथराव करने वाले युवकों के साथ सड़क पर नजर आए हर महिला, पुरुष को दौड़ा-दाैड़ाकर पीटा। इसमें कई आम नागरिक घायल हो गए। पहले दिन 115 मकान तोड़े गए। कार्रवाई रविवार को भी जारी रहेगी। जवाब में पुलिस ने पथराव करने वालों पर जमकर लाठीचार्ज किया। दौड़ा-दौड़ाकर लाठियों भांजी। बीच में आईं महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया। 4 लोगों को पकड़कर थाने पहुंचाया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय निवासी नीलम, भगवानदास और दिनेश के मकान को लाल निशान के आगे भी तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। इससे नाराज लोगों ने पथराव शुरू किया था। पुलिस के लाठीचार्ज में घायल महिला रामप्यारी के सिर और हाथों से खून निकलता रहा लेकिन एक पत्थर नायब तहसीलदार निशा भारद्धाज की पीट में लगा तो तत्काल एम्बुलेंस और डॉक्टर को पहुंचा दिया गया। इस दौरान नरेन्द्र बाथम अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालने लगा, लोगों ने उसे बचाया।

    तुड़ाई की कार्रवाई में अफसरों पर पक्षपात के आरोप भी लगे। एक एमआईसी मेंबर के पहुंचने और ऊपर से फोन आने पर अमला भारत सिंह नरवरिया का मकान नहीं हिला सका। लाल निशान जहां तक दिख रहा था, वह हिस्सा भी नहीं गिराया गया। जबकि निशान लगाने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि निशान तो काफी अंदर लगाया गया था, जिसे पोत दिया गया है। इसके अलावा सलीम अहमद और कल्लू खान के पोर्च के हिस्से को भी नहीं हिलाया गया। एसडीएम एचबी शर्मा के मुताबिक 140 अतिक्रमण तोड़े जाने हैं। पहले दिन 115 मकानों को गिराया गया। 25 अतिक्रमण 14 जनवरी को हटाए जांएगे।

    हाथ जोड़े पर नहीं रुकी मशीन, इधर एक कॉल आया तो छोड़ दी बिल्डिंग

    कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन के अागे हाथ जोड़कर खड़ी हुई नीलम ने कार्रवाई रोकने की गुजारिश की लेकिन उसका मकान लाल निशान से भी ज्यादा आगे तक तोड़ दिया गया। जबकि बिल्डिंग मटेरियल कारोबारी की चार मंजिला बिल्डिंग लाल निशान होने के बाद भी एक कॉल आने पर छोड़ दी गई। (इनसेट में कार्रवाई न कर छोड़ी गई बिल्डिंग)

    भास्कर सवाल

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हर सभा में घोषणा करते हैं कि सरकारी जमीन पर रहने वालों को पट्टे दिए जाएंगे। नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह भी अवैध कालोनियों को वैध कराने की बात कहती आ रही हैं। शहर में भी गरीबों के लिए बनाए गए 550 से अिधक मकान खाली हैं। इस सबके बाद भी गरीबों के आशियानों को भरी सर्दी में क्यों गिरा दिया गया? यदि सरकार की कब्जे को वैध करने की मंशा है तो उसका आगाज ग्वालियर से ही क्यों नहीं किया जा सकता?

    टीम को देखकर भागी मां की गोद से गिरा 20 दिन का बच्चा, मौत, दूसरे दिन उसका मकान भी तोड़ दिया

    एक दिन पहले क्षेत्र में निशान लगाने पहुंची प्रशासन की टीम को देख राधा घबराकर भागी। उसकी गोदी में 20 दिन का बच्चा था, जो इलाज के बाद मां के आंचल में छिपा था। मां घबराकर गिर गई और बच्चा धर्मेंद्र पुत्र गजराज जाटव जमीन पर गिरने से मर गया। प्रशासन ने उस के गम में शामिल न होकर मकान को भी जमींदोज कर डाला। अब राधा के पास एक बालक ही बचा है। मां का कहना है कि मेरा तो बेटा चला गया।

    ढाई माह पहले नोटिस दिए नगर निगम ने वहीं 30 लाख रु. से टॉयलेट बनाए
    प्रशासन ने नवम्बर 2017 में जड़ेरुआ रोड पर अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने के नोटिस दिए थे। लेकिन निगम ने उसी जगह पर 30 लाख खर्च कर टाॅयलेट बनवा दिए। इससे समझा जा सकता है कि सरकारी विभागों के बीच कितना तालमेल है? शनिवार को जनता के टैक्स के पैसे से बने यह सरकारी टॉयलेट भी तोड़ दिए। तुड़ाई में फोकलेन मशीन के अलावा 4 जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया।

    मशीन ने काम नहीं किया, इसलिए नहीं तोड़ा प्रभावशाली का अतिक्रमण

    भारत सिंह नरवरिया (चार मंजिला मकान)के मकान में जहां तक लाल निशान लगा था। वहां तक क्यों नहीं तोड़ा गया?
    हमने कार्रवाई शुरू की थी लेकिन मशीन ठीक से काम नहीं कर रही थी। अब एक्सपर्ट से उक्त हिस्से को गिराया जाएगा।
    क्या आपके ऊपर कोई प्रेशर या फोन आया था?
    नहीं, कोई प्रेशर व फोन नहीं आया था।
    ऋषि गालव पब्लिक स्कूल अतिक्रमण में है या नहीं?
    नहीं, यहां पर रोड संकरी है और कागजों में कोई अतिक्रमण नहीं है।

    उपायुक्त बोले-सभी मशीनें ठीक थीं
    नगर निगम के उपायुक्त एपीएस भदौरिया ने कहा कि कार्रवाई में चार जेसीबी और एक फोकलेन मशीन लगाई गई थीं। सभी मशीन पूरी तरह ठीक हैं।


    एसडीएम बोले- लाल निशान वाले हिस्से को गिराते तो बिल्डिंग गिर जाती
    एसडीएम एचबी शर्मा ने कहा कि जहां लाल निशान लगा था, उस हिस्से को गिराते तो पूरा मकान गिर जाता। कुछ लोग विरोध करने आ गए। उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। उनको कवर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। कोई गंभीर घायल नहीं हुआ है।

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    हाथ जोड़े पर नहीं रुकी मशीन
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    एक कॉल आया तो छोड़ दी बिल्डिंग
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    पुलिस ने घेर कर पीटा
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    पुलिस ने घेर कर पीटा
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    आशियाना टूटा तो बहे आंसू
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Web Title: Break The Houses Of The Poor Ahead Of The Mark
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