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भाईयों ने मोबाइल पर सीखी थी तकनीक, अब एक कमरे में कर रहे मशरूम की खेती

विनीत शांडिल्य | Last Modified - Dec 30, 2017, 08:37 AM IST

रूम खेती करना मोबाइल पर यू ट्यूब के जरिए सीखा और यू ट्यूब पर बताई तकनीकी के आधार पर बीज लगाया।
भाईयों ने मोबाइल पर सीखी थी तकनीक, अब एक कमरे में कर रहे मशरूम की खेती

ग्वालियर.दतिया जिले के कस्बा बसई में दो चचेरे भाइयों ने मशरूम की खेती शुरू की है। मशरूम खेती करना मोबाइल पर यू ट्यूब के जरिए सीखा और यू ट्यूब पर बताई तकनीकी के आधार पर बीज लगाया। डेढ़ महीने में मशरूम की फसल तैयार हो गई। अब रोज ग्वालियर में मशरूम बेचकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। नेट पर सीखी टेक्नीक...

- बसई के रहने वाले भागचंद्र राजपूत और चचेरे भाई कल्याण राजपूत के पास गांव में 15-15 बीघा जमीन है। हर साल अच्छी बारिश में खेत में बोवनी हो जाती थी और उसी से दोनों के परिवार का खर्च चलता था। लेकिन इस बार कम बारिश की वजह से भागचंद्र और उसके चचेरे भाई कल्याण के खेत सूखे पड़े थे।

- खेत पर कुआं है लेकिन पानी नहीं है। डेढ़ महीने पहले आठवीं पास दोनों भाइयों ने मोबाइल पर यू ट्यूब चलाया और उस पर मशरूम की पैदावार करने की तकनीक देखी और सीखी। इसके बाद दोनों ने मशरूम लगाने का फैसला कर लिया। लेकिन बसई और समीपवर्ती जिला झांसी, यहां तक कि दतिया में भी मशरूम का बीज नहीं मिला। जानकारी करने पर ग्वालियर से एक किलो बीज लेकर आए। मशरूम का बीज सौ रुपए किलो मिला। उसे थैलियों में लगाया और डेढ़ महीने में ही मशरूम पक कर तैयार हो गई।

- कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरकेएस तोमर बताते हैं कि जिले में अभी चार जगह मशरूम की खेती हो रही है। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि अभी ठंड ज्यादा होने के कारण ग्रोथ कम होती है लेकिन फरवरी से अक्टूबर के बीच इसकी पैदावार और अच्छी होती है।

कमरे के अंदर पॉलिथीन में लगाया मशरूम
- भागचंद्र और कल्याण ने मशरूम का एक किलो बीज 18 पॉलिथीन थैलियों में भूसे के साथ बोया। मशरूम के सूखने पर आसपास बेचने के लिए गए लेकिन किसी ने मशरूम नहीं खरीदी। फिर ग्वालियर बेचने के लिए गए।

- वहां 470 रुपए प्रति किलो मशरूम का भाव मिला। अब वहीं मशरूम बेचने जाते हैं। खास बात यह है कि मशरूम लगाने के लिए किसी खेत या बाड़े की जरूरत नहीं, बंद कमरे में मशरूम की फसल लगाई जाती है।

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Web Title: bhaaeeyon ne mobile par sikhi thi taknik, ab ek kmre mein kar rahe mshrum ki kheti
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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