ग्वालियर

--Advertisement--

शराबियों-जुआरियों की नही हो सकेगी शादी, गांव का पटेल-प्रधान लिखकर देंगे-तब ही तय होगी सगाई

महापंचायत में तय होगा कि समाज के जो युवा शराब पीते हैं या जुआ खेलते हैं, अब उनकी शादी तय नहीं हो सकेगी।

Danik Bhaskar

Mar 13, 2018, 03:34 AM IST
- सिम्बॉलिक - सिम्बॉलिक

श्योपुर(मध्यप्रदेश). आदिवासी समाज ग्रामीण युवाओं को शराब, जुआ व बुरी आदतों से दूर रखने को लेकर महापंचायतों में अहम फैसला लेने जा रहा है। 18 मार्च को श्योपुर जिले के बगवाज गांव में आदिवासी समाज की महापंचायत होने जा रही है। समाज सुधार समिति के उपाध्यक्ष सतीश आदिवासी के मुताबिक महापंचायत में तय होगा कि समाज के जो युवा शराब पीते हैं या जुआ खेलते हैं, अब उनकी शादी तय नहीं हो सकेगी। युवक के बारे में गांव का प्रधान या पटेल जब तक यह लिखकर नहीं देगा कि युवक शराब या जुआ से दूर रहता है, तब तक उसकी सगाई तय नहीं हो सकेगी। पटेल या प्रधान का लिखा पूरे समाज को मानना पड़ेगा। यदि समाज का कोई परिवार इसका उल्लंघन करता है तो उस पर कार्रवाई के लिए भी महापंचायत में चर्चा की जाएगी। हाल ही में 11 गांवों की पंचायत का फैसला न मानने पर 11-11 हजार रुपए का जुर्माना किया गया। इसे गांव के पटेल व प्रधान ने गांव के लोगों से वसूला।

तुगलकी फरमान: बाजार और मजदूरी करने अकेली नहीं जाएगी आदिवासी विधवा महिला

आदिवासी महापंचायतों में बुरी आदतें छुड़ाने के अलावा कुछ तुगलकी फरमान भी सुनाए जा रहे हैं। इससे समाज की महिलाओं की मुसीबत बढ़ गई है। 6 मार्च को बुढ़ेरा गांव में हुई आदिवासी महापंचायत में समाज ने फैसला लिया कि समाज की विधवा महिलाएं अकेली बाजार और दिहाड़ी मजदूरी पर नहीं जा सकेंगी। इसके अलावा वह किसी के घर में नाैकरानी के रूप में भी काम नहीं कर सकेंगी। इस फरमान से महिलाओं के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। इसके देखते हुए जब स्थानीय लोगों ने कलेक्टर पीएल सोलंकी से शिकायत की, तो कलेक्टर ने 13 मार्च को समाजों के प्रमुखों की बैठक बुला ली। इसमें समाज के प्रमुखों को यह समझाइश दी जाएगी कि इस तरह के फरमानों से महिलाओं की परेशानी बढ़ेगी।

Click to listen..