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DPC त्रिपाठी ने ऐसे समझाई सांपों की प्रजाति, बोले- कलेक्टर और एसपी सबसे ज्यादा विषैले

डीपीसी अशोक त्रिपाठी ने नौकरी के प्रकारों काे सांपों की प्रजाति से तुलना करते हुए कुछ इसी अंदाज में समझाया।

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2018, 05:28 AM IST
DPC Tripathi has explained such species of snakes

दतिया (ग्वालियर). ‘शिक्षा विभाग दो-मुंहे सांप की तरह बिना विषैला है। इसे गले में भी डालकर घूमते रहो। बच्चे भी खेलते हैं तो कोई बात नहीं। इसमें न जहर होता है न करंट। लेकिन कलेक्टर-एसपी की नौकरी सबसे ज्यादा विषैले वाली श्रेणी आती है। जैसे ही उस पर पैर रखा और उसने खाया। आदमी काम से गया। इलाज भी नहीं हो पाएगा।’

- रविवार को भांडेर के शासकीय कन्या स्कूल के हेडमास्टर रामप्रताप दांगी के विदाई समारोह में डीपीसी अशोक त्रिपाठी ने नौकरी के प्रकारों काे सांपों की प्रजाति से तुलना करते हुए कुछ इसी अंदाज में समझाया।

- हालांकि बाद में वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ने पर डीपीसी से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे कलेक्टर-एसपी का सम्मान करते हैं। विदाई समारोह में सामान्य बात हो रही थी, वहां इस तरह का उदाहरण दे दिया। इस कार्यक्रम में डीईओ अनिल तिवारी भी मौजूद थे।

अपना करंट 18 साल बाद पता चलता है, जब बच्चा बेरोजगार रह जाता है...
- त्रिपाठी ने आगे कहा कि अपनी जो नौकरी वो बिना जहरीली है, बिना जहरीला विभाग है... अपने पास वो जहर और करंट नहीं है...लेकिन अपना करंट 18 साल बाद पता चलता है, जब बच्चे की उम्र 18-20 साल हो जाती है और उसे कुछ नहीं आता। नौकरी नहीं लगती, वह बेरोजगार होकर पछताता है।

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