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रेलवे आईडी बनवाने का जिम्मा स्टेशन मैनेजर पर, 5 किमी दूर के लगवा रहे चक्कर

ग्वालियर में इस सुविधा का लाभ दिव्यांगों को मिलना शुरू नहीं हो पाया है।

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2018, 06:39 AM IST
Due to the construction of railway ID

ग्वालियर . रेल मंत्रालय ने छह महीने पहले देशभर के दिव्यांगों को फोटो पहचान पत्र बनवाने के लिए कोसों दूर मंडल कार्यालयों तक आने की बाध्यता दूर कर स्थानीय स्टेशन मैनेजर कार्यालय में ही आवेदन देने की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत स्टेशन मैनेजर, मंडल कार्यालय के अफसरों से कॉर्डिनेट कर फोटो पहचान पत्र दो से तीन दिन में बनवाकर देंगे। लेकिन ग्वालियर में इस सुविधा का लाभ दिव्यांगों को मिलना शुरू नहीं हो पाया है।

- इसका खुलासा पीड़ित दिव्यांग यशवंत राव के साथ दैनिक भास्कर संवाददाता के दो दिन तक घूमने पर हुआ। उल्लेखनीय है कि दिव्यांगों के लिए रेलवे जो फोटो आईडी या पास बनाकर देता है, उससे दिव्यांग निशुल्क यात्रा के हकदार हो जाते हैं। इसके साथ ही उनके एक अटेंडेंट का आधा किराया ही लगता है। यशवंत बचपन से पोलियोग्रस्त होने से बाएं पैर को घसीटकर चलते हैं। सरकारी रिकॉर्ड में वे 50 फीसदी से अधिक दिव्यांग है।

- जब यशवंत रेलवे के स्टेशन मैनेजर पीपी चौबे के पास पहुंचे तो उन्होंने फोटो पहचान पत्र बनवाने के लिए झांसी मंडल कार्यालय जाने की सलाह दे दी। इसके बाद भी फोटो आईडी बनवाने यशवंत 115 किमी दूर झांसी पहुंचे। मंडल कार्यालय में बैठे कर्मचारियों ने आवेदन को अपूर्ण बताते हुए कहा- आवेदन में सिर्फ सामाजिक न्याय विभाग की आईडी लगी है। हमें सीएमएचओ के मेडिकल बोर्ड से प्रमाणित प्रमाण पत्र चाहिए।

- यशवंत, ग्वालियर लौटे और मेडिकल बोर्ड का 2007 में बनाया गया प्रमाण पत्र लेकर झांसी मंडल कार्यालय पहुंचे। तो उनसे कहा गया- प्रमाण पत्र 10 साल पुराना है। हमें इस पर वर्तमान मेडिकल बोर्ड की सील चाहिए। इसके बाद परेशान यशवंत ने भास्कर से संपर्क किया।

स्टेशन मैनेजर कार्यालय, ग्वालियर स्टेशन गुरुवार, समय- सुबह 11.30 बजे

स्थिति:

- भास्कर संवाददाता अपनी पहचान गोपनीय रख यशवंत राव के साथ स्टेशन मैनेजर कार्यालय पहुंचे। यशवंत ने स्टेशन मैनेजर पीपी चौबे को बताया, झांसी मंडल के कर्मचारी फोटो आईडी नहीं बना रहे हैं। इसके बाद उन्होंने आवेदन डीसीआई अनिल श्रीवास्तव की तरफ बढ़ा दिया। डीसीआई बोले, इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।

- फोटो आईडी बनवाने झांसी मंडल कार्यालय ही जाना होगा। जो कागजी औपचारिकताएं वे पूर्ण करने को बोल रहे हैं, उन्हें पूरा करो और वहीं जाकर आवेदन दो। जब उन्हें बताया कि रेलवे ने स्थानीय स्टेशन मैनेजर कार्यालय में ही आवेदन देने की सुविधा दे दी है तो डीसीआई ने इस तरह की कोई व्यवस्था रेलवे द्वारा शुरू किए जाने से इनकार कर दिया।

जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्र, बिरला नगर गुरुवार, समय- दोपहर 1 बजे

- स्थिति: यहां लेखापाल आशीष शर्मा मिले। उन्होंने बताया कि यशवंत राव के विकलांग प्रमाण पत्र पर सील लगाने का काम सिविल सर्जन कार्यालय में बैठे कर्मचारी ही करेंगे। क्योंकि पूरा रिकॉर्ड सिविल सर्जन कार्यालय में ही मौजूद रहता है। यहां मेडिकल बोर्ड भी सिर्फ मंगलवार को ही बैठता है।

सिविल सर्जन कार्यालय, मुरार शुक्रवार, समय- सुबह 11 बजे

स्थिति:

- दिव्यांगों के मामलों को एंटरटेन करने वाले बाबू हरि रत्नाकर ने कहा सील तो नहीं लग पाएगी। अब तो नया विकलांग प्रमाण पत्र ही बनवाना होगा। वह भी मेडिकल बोर्ड बनाकर देगा। मंगलवार को वापस बिरला नगर स्थित जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्र पर जाना। वहीं काम हो पाएगा।

सीधी बात

गौरव कृष्ण बंसल, सीपीआरओ , उमरे इलाहाबाद
- दिव्यांगों की फोटो आईडी बनाने के लिए क्या कोई नई व्यवस्था की है।
हां, अब दिव्यांगों को कोसों दूर मंडल कार्यालयों में जाकर आवेदन करने की जरूरत नहीं है। वे अपने शहर के स्टेशन मैनेजर कार्यालय में ही आवेदन देकर अपना फोटो आईडी बनवा सकते हैं।
- रेलवे ने ये नई व्यवस्था क्यों लागू की।
- दिव्यांग व्यक्ति का 200-300 किमी दूर मंडल कार्यालयों के चक्कर के लगाना सजा जैसा था, इसलिए नई व्यवस्था लागू की है।
- ग्वालियर के दिव्यांग आज भी झांसी मंडल कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
- यह गलत है। अगर ऐसा है तो मैं झांसी मंडल के डीआरएम से बात करूंगा।

मेरी जानकारी में ऐसी व्यवस्था लागू नहीं है

- हमारे यहां दिव्यांगों के लिए न आईडी बनती है न आवेदन लेते हैं। इसके लिए आवेदक को झांसी मंडल कार्यालय ही जाना होगा। सीपीआरओ इस तरह की बात क्यों कर रहे हैं, यह वे ही जानते होंगे। मेरी जानकारी में इस तरह की व्यवस्था लागू नहीं है।

-पीपी चौबे , स्टेशन मैनेजर, ग्वालियर

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Due to the construction of railway ID
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