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इलाज करते पकड़े गए फर्जी डॉक्टर, किसी ने हाथ जोड़े, कोई लगा माफी मांगने

गुरुवार को सीएमएचओ डॉ. एसएस जादौन व उनकी टीम ने 5 क्लीनिकों पर छापामार कार्रवाई की है।

Danik Bhaskar | Dec 08, 2017, 07:36 AM IST

ग्वालियर. गुरुवार को सीएमएचओ डॉ. एसएस जादौन व उनकी टीम ने 5 क्लीनिकों पर छापामार कार्रवाई की है। दो डॉक्टरों के पास डिग्री तो थी लेकिन वे दूसरी पद्धति से इलाज करते मिले। उन्हें रजिस्ट्रेशन कराने की समझाइश दी और नोटिस भी जारी किया जाएगा। 3 फर्जी डॉक्टरों की क्लीनिक सील कर दवाएं जब्त की गईं।

- दरअसल, सीएमएचओ डॉ. एसएस जादौन गुरुवार की रात 7: 40 बजे श्रीनगर कॉलोनी में संचालित कृष्णा क्लीनिक पर फर्जी डॉक्टर पर कार्रवाई कर रहे थे।

- भास्कर की टीम ने कृष्णा क्लीनिक पर मरीज देख रहे फर्जी डॉक्टर बंटी इंदौरिया से पूछा पढ़े कितना हो। वह पहले बोला बीए, जब विषय पूछे तो बताया पशु पालन, मुर्गी पालन।

- फिर बोला बीए सेकंड सेमेस्टर का छात्र हूं। जब बंटी से पूछा पशु पालन, मुर्गी पालन की पढ़ाई कर रहे हो मरीजों का इलाज कैसे कर लेते हो?

- बंटी बोला डॉ. आरबीएस भदौरिया के यहां कंपाउंडर का तीन साल काम किया फिर यहां क्लीनिक खोल ली। सीएमएचओ बोले बिना डिग्री के क्लीनिक खोल ली अब जेल जाओगे तब पता चलेगा।

- इस पर बंटी इंदौरिया बोला साहब माफ कर दो, मैं क्लीनिक बंद कर दूंगा दोबारा नहीं खोलूंगा। यह सब बात कोर्ट में बताना पंचनामे पर हस्ताक्षर कर दो।

- सीएमएचओ ने दवाएं व क्लीनिक में मौजूद सभी दस्तावेज जब्त करने के बाद क्लीनिक को सील कर दिया।

बच्चों को भाप देने से लेकर घर मरीज देखने तक जाता है बंटी इंदौरिया

- बंटी इंदौरिया की क्लीनिक पर रेट चार्ट लगा हुआ है। इस चार्ट में बीपी चेक कराने और इंजेक्शन लगवाने के रेट 10-10 रुपए, बोतल लगवाने का रेट 80 रुपए , घर पर मरीज देखने का चार्ज 50 रुपए और बच्चों को भाप लगाने का रेट 30 रुपए लिखा है। वह मरीजों को घर देखने तक जाता है।

साहब पहली गलती है, माफ कर दो

- फर्जी डॉक्टर वीरेंद्र सिंह खुद को भूगोल विषय से एमए पास बता रहा था। डॉ. प्रशांत नायक जब उसकी दीप्ति क्लीनिक पर पहुंचे तो एक महिला रीतू दो साल के बच्चे को भाप दिलवा रही थी। डॉ. नायक ने कहा अपनी डिग्री और रजिस्ट्रेशन दिखाओ। वीरेंद्र सिंह पहले बोला मैं डॉक्टर नहीं हूं। यहां डॉ. आरबीएस भदौरिया बैठते हैं।

- जब डॉ. नायक ने महिला से पूछा कौन से डॉक्टर से अपने बच्चे का इलाज करवा रही हो। महिला ने वीरेंद्र सिंह की ओर इशारा किया। डॉ. नायक ने फोर्ट -एस स्टीरॉयड के इंजेक्शन की सीसी उठाकर पूछा जानते हो यह इंजेक्शन कब दिया जाता है।

- वीरेंद्र हाथ जोड़कर खड़ा रहा। डॉ. नायक बोले सामान्य बीमारी के मरीज को लगा दिया तो मर जाएगा। अंग्रेजी दवा भी दे रहे हो और इंजेक्शन भी लगा रहे हो। कब से क्लीनिक चला रहे हो? मरीजों को मारने के लिए ही तो यहां बैठे हो। इस पर वीरेंद्र सिंह बोला साहब पहली गलती तो सब माफ कर देते हैं। इस बार माफ कर दो जीवन में कभी क्लीनिक नहीं चलाऊंगा।

होम्योपैथी, आयुर्वेद की डिग्री, एलोपैथी से इलाज

- 60 फुटा रोड में शर्मा स्वास्थ्य क्लीनिक चला रहे डॉ. अमित शर्मा के पास होम्योपैथी की डिग्री थी, लेकिन इनकी क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन नहीं था। डॉ. अमित शर्मा एलोपैथी पद्धति से मरीजों का इलाज कर रहे थे। इसी तरह आयुर्वेद के डॉ. अजय शंकर के पास भी डिग्री तो थी लेकिन वे भी एलोपैथी से इलाज करते मिले। दोनों को नोटिस जारी किया जाएगा।
- जिन्हें करना था गिरफ्तार उनकी सिर्फ क्लीनिक सील: पीएस के आदेश हैं कि फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया जाए। सीएमएचओ के साथ पुलिस और एसडीएम नहीं थे, लिहाजा इन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया सिर्फ क्लीनिक सील की गई।

- तुम तो पलाश हॉस्पिटल कांड में भी आरोपी थे: डीएचओ डॉ. मनोज कौरव, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. समीर गोखले टीके गुप्ता क्लीनिक पर पहुंचे। डॉ. कौरव बोले तुम तो सब चीज का इलाज कर लेते हो अपनी डिग्री तो दिखाओ। फर्जी डॉ. टीके गुप्ता ने इलेक्ट्रो होम्योपैथी की डिग्री दिखाई।

- डॉ. कौरव बोले इसकी कोई मान्यता नहीं है। न तुम्हारे पास डिग्री है औ न तुम्हारे पास मान्यता है। अरे तुम तो बच्चे की खरीद-फरोख्त वाले पलाश हॉस्पिटल में भी आरोपी थे। टीके गुप्ता हॉस्पिटल में मेरा नाम था लेकिन मैं उस समय विलासपुर रह रहा था, मेरा कोई उससे कोई लेनादेना नहीं है।

- डॉ. समीर गोखले बोले तुम तो अंग्रेजी दवाएं भी मरीजों को दे रहे हो, इंजेक्शन भी लगा रहे हो, जानते हो दवाएं किस-किस बीमारी की हैं। टीके गुप्ता चुपचाप खड़ा रहा। उन्होंने दवाएं जब्त कर क्लीनिक सील कर दी।