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दबंगों के डर से 100 परिवार कर गए पलायन, 20-20 हजार रुपए में बेचे घर

जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर स्थित ननावद पंचायत का टपरा गांव, जिसमें एक साल पहले तक अनुसूचित जाति के 100 परिवार रहते थे।

Danik Bhaskar | Feb 13, 2018, 05:19 AM IST

श्योपुर (ग्वालियर). जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर स्थित ननावद पंचायत का टपरा गांव, जिसमें एक साल पहले तक अनुसूचित जाति के 100 परिवार रहते थे, आज यहां बिल्कुल सन्नाटा पसरा हुआ है। आधा किमी दूरी पर स्थित कोल्हू खेड़ा गांव के दबंगों ने पहले तो खेतों व कुएं की ओर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए। जब कोई पुरुष व महिला निकलती तो उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट करते। दबंगों के अत्याचार के चलते एक साल में गांव से सभी 100 परिवार पलायन कर राजस्थान व श्योपुर के दूसरे गांवों में जा बसे।

गांव खाली हुआ तो बंद कर दिया स्कूल
- टपरा गांव से ग्रामीणों के साथ बच्चे भी पलायन कर गए। इससे गांव के प्राइमरी स्कूल में कोई पढ़ने वाला नहीं बचा।

- यहां पदस्थ दो शिक्षकों को शिक्षा विभाग केे अफसरों ने दूसरे स्कूल में अटैच कर दिया। इस तरह स्कूल भवन भी वीरान हो गया।

दबंगों को 20-20 हजार रुपए में बेचे घर

- टपरा गांव से निकलकर पटपड़ा में झोपड़ी डालकर रह रहे जुगराज वैरवा से जब भास्कर ने पूछा तब उन्होंने बताया कि-हम गांव में घुसते तो दबंग हमें मार डालते इसलिए हमने मजबूरी में अपना एक लाख रुपए कीमत का मकान 20 हजार में बेच दिया।

- इसी तरह जुगराज वैरवा भी अपना घर 28 हजार में बेचकर गांव खाली कर गए। बकौल जुगराज -अपने खेतों पर जाने केे लिए हम दूसरे गांव से होकर जाते हैं।

- टपरा गांव के हालात से हमने कलेक्टर व विधायक को शिकायतें भी की लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। दबंगों के डर से टपरा गांव के लोग पलायन कर गए।'
दख्खोबाई, सरपंच ग्राम पंचायत ननावद

- मेरे सामने अब तक कोई शिकायत नहीं आई। इस मामले में जानकारी लूंगा। गांव को दोबारा बसाने के साथ गांव के लोगों को सभी सुविधाएं दी जाएंगी।'
पीएल सोलंकी, कलेक्टर, श्योपुर

- मुझे इसकी जानकारी नहीं है, अगर ऐसी बात है तो उक्त अजा परिवारों को वापस उनके गांव में बसाया जाएगा। इसके लिए मैं प्रशासन से चर्चा करूंगा।’
दुर्गालाल विजय, विधायक, श्योपुर