Home | Madhya Pradesh | Gwalior | Havildar Suicide Case: The demand for FIR on the culprits

हवलदार सुसाइड कांड: दोषियों पर FIR की मांग, अनशन के 11वें दिन हंगामा

11वें दिन सोमवार को पुलिस ने जबरन उठाकर अस्पताल भेज दिया इसके बावजूद मां बेटा अनशन तोड़ने को तैयार नहीं है।

Bhaskar News| Last Modified - Feb 13, 2018, 06:51 AM IST

1 of
Havildar Suicide Case: The demand for FIR on the culprits

भिंड (ग्वालियर).  हवलदार रामकुमार शुक्ला को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग को लेकर 10 दिन से आमरण अनशन पर बैठी उनकी पत्नी लीलावती और बड़े बेटे विकास शुक्ला को 11वें दिन सोमवार को पुलिस ने जबरन उठाकर अस्पताल भेज दिया इसके बावजूद मां बेटा अनशन तोड़ने को तैयार नहीं है। वे अस्पताल में दवाएं भी नहीं ले रहे हैं।

 

- वहीं पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में हवलदार शुक्ला के छोटे बेटे आकाश शुक्ला ने ट्रैफिक जाम करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने उसे भी जबरन उठा लिया। भिंड जिले में संभवत: पहली बार पुलिस और प्रशासन ने इस तरह कोई अनशन तुड़वाने के लिए कार्रवाई की है। 

- हालांकि शाम के वक्त कलेक्टर इलैया राजा टी, पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे व दंदरौआ धाम के महंत रामदास महाराज ने भी अस्पताल पहुंचकर हवलदार शुक्ला की पत्नी व बेटों को समझाया लेकिन वे इसी जिद पर अड़े थे कि दोषियों पर एफआईआर नहीं होगी तब तक हम इलाज नहीं कराएंगे।
- गौरतलब है कि रौन थाना में पदस्थ आरक्षक रामकुमार शुक्ला ने वरिष्ठ अधिकारियों की प्रताड़ना के चलते दो अक्टूबर को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद से ही उनका परिवार तत्कालीन रौन थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गौर, एएसआई राधेश्याम मिश्रा, हेडकांस्टेबल मुनीमचंद्र और आरक्षक आशीष के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग कर रहा है। 

 

पुलिस अफसरों ने जांच के बाद एफआईआर करने का दिया आश्वासन
- पीड़ित परिवार दोषियों पर एफआईआर की मांग कर रहा है। पुलिस ने जांच के बाद एफआईआर दर्ज किए जाने का उन्हें आश्वासन दे दिया। वहीं जब चार महीने तक जांच में कुछ नहीं हुआ तो परिवार दो फरवरी से अनशन पर बैठ गया।

- हालांकि हवलदार शुक्ला के सभी क्लेम क्लियर किए गए और उनके छोटे बेटे को भी आनन फानन में अनुकंपा नियुक्ति दे दी गई। बावजूद शुक्ला परिवार अपनी एक मांग दोषियों पर एफआईआर के लिए पिछले 10 दिन से अनशन पर बैठा रहा।

- 11वें दिन सोमवार को पुलिस ने मृतक हवलदार शुक्ला की पत्नी लीलावती और बड़े बेटे विकास को जबरन उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है।   

 

 

 

छोटे बेटे ने किया चक्काजाम तो पकड़कर कोतवाली भेज दिया
- पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध मे मोहल्लावासी भी उत्तेजित हो गए। वहीं हवलदार शुक्ला के छोटे बेटे आकाश ने उनके साथ गोविंद नगर की सड़क पर ट्रैफिक जाम कर दिया। यह खबर जैसे ही प्रशासन को लगी हेडक्वार्टर डीएसपी राकेश छारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।

- उन्होंने पहले आकाश को ट्रैफिक जाम खोलने के लिए कहा। लेकिन जब वह नहीं माना तो उसे भी जबरन उठाकर गाड़ी में बैठा लिया। वहीं इस दौरान जिन लोगों ने उग्र होने का प्रयास किया उन्हें भी पुलिस ने बलपूर्वक शांत कर दिया।   

 

 

पुलिस ने एकाएक पकड़कर गाड़ी में बैठाकर भेजा अस्पताल
- सोमवार की दोपहर एक बजे भिंड एसडीएम संतोष तिवारी और सीएसपी वीरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में शहर कोतवाली टीआई शैलेंद्र सिंह कुशवाह, देहात टीआई उदयभान सिंह, भारौली थाना प्रभारी विनोद छावई दलबल के साथ गोविंद नगर पहुंचे। सबसे पहले लीलावती शुक्ला और उनके बेटे विकास का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद पुलिस अधिकारी कर्मचारियों ने बातों ही बातों में अचानक लीलावती और विकास को जबरन उठाकर गाड़ी में बैठा लिया। साथ ही सीधे उन्हें जिला अस्पताल में लाकर भर्ती करा दिया।
 

परिजन का बिगड़ रहा था स्वास्थ्य, इसलिए भेजा अस्पताल
- मृतक हवलदार शुक्ला की पत्नी और उनके बेटे का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। इसलिए प्रशासन का फर्ज था कि उनकी रक्षा के लिए उनका इलाज कराया जाए। वैसे तो उनकी सभी मांगे पूरी कर दी गई है। सिर्फ एफआईआर रह गई है। वह जांच रिपोर्ट आने के बाद हो जाएगी। उन्होंने भी वरिष्ठ अधिकारियों से वादा किया था कि वे अनशन खत्म कर देंगे।  
- प्रशांत खरे, पुलिस अधीक्षक भिंड

Havildar Suicide Case: The demand for FIR on the culprits
prev
next
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending Now