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IG ने हत्यारोपी कांग्रेस नेता को बताया बेकसूर, शिकायत हुई तो बोले-झूठे थे गवाह

रिपोर्ट पढ़ने के बाद मृतक के परिजन चौक गए, क्योंकि उन्हें तो इसकी भनक तक नहीं लगी।

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 06:59 AM IST
IG told the murderous Congress leader, innocent, complained

ग्वालियर. बहुचर्चित विनय सिंह राठौर उर्फ मनिया हत्याकांड में नामजद आरोपी कांग्रेस नेता अरविंद यादव को पुलिस हेड क्वार्टर (पीएचक्यू) के शिकायत विभाग में पदस्थ आईजी आरएस कौल ने एकतरफा जांच कर क्लीन चिट दे दी। इसका खुलासा जब हुआ, जब अरविंद यादव ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी के साथ रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट पढ़ने के बाद मृतक के परिजन चौक गए, क्योंकि उन्हें तो इसकी भनक तक नहीं लगी।

- पीड़ित पक्ष ने गृहमंत्री एवं डीजीपी से इसकी शिकायत की है। वहीं जिला एवं उच्च न्यायालय मामले में अरविंद की जमानत अर्जी को 2 बार खारिज कर चुका है। बीते दिनों उसकी गिरफ्तारी भी हो गई।

- दूसरी आेर शिकायत के बाद आईजी श्री कौल के सुर भी बदल गए हैं। उनका कहना है कि जांच के दौरान अरविंद ने झूठे गवाह पेश किए थे लेकिन बाद में गलती पकड़ने पर गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं लगाई गई।

जानिए... पीएचक्यू की जांच रिपोर्ट और हकीकत

जांच रिपोर्ट: रिपोर्ट में बताया कि मामले में पीड़ित पक्ष के परिजनों से बयान लिए गए। कथन-गवाहान एवं केस डायरी के अवलोकन पर पाया, अरविंद हत्याकांड में शामिल नहीं था।
हकीकत: पीड़ित परिवार को सूचना नहीं दी, न बयान लिए। पुलिस जांच में केस डायरी और गवाहों के मुताबिक अरविंद हत्याकांड के दिन सुबह से रात तक हत्यारोपियों के संपर्क में पाया गया।
बयान: 17 लोगों ने शपथ पत्र व कथन देकर हत्याकांड के दिन अरविंद की मौजूदगी दिनभर अटेर उपचुनाव में बताई और शाम 7 बजे ग्वालियर छोड़ना बताया।
हकीकत: विनय सिंह राठाैर का मर्डर 6-7 अप्रैल की रात में हुआ था। पुलिस जांच में वारदात के दिन अरविंद की लोकेशन ग्वालियर के पिंटो पार्क क्षेत्र से उन क्षेत्रों में बताई। जिनमें हत्यारोपी बंटी यादव, अन्नू सक्सेना थे।

पीड़ित: आईजी ने की गुपचुप जांच, हमें पता नहीं लगा
- बयान तो बहुत दूर की बात है आईजी द्वारा जांच की सूचना भी हमें नहीं दी गई। आईजी ने गुपचुप तरीके से हत्याकांड में शामिल व आरोपियों को फरार कराने वाले अरविंद यादव के पक्ष में जांच रिपोर्ट तैयार कर दी। हमने गृहमंत्री एवं डीजीपी को शिकायत की है। यदि आईजी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो हम मामले को कोर्ट में ले जाएंगे।

- आएशा सिंह राठौर, मृतक की पत्नी

झूठी गवाही देने वालों पर हो केस
- मामले में एकपक्षीय जांच गलत है। यदि आईजी मान रहे हैं कि विवेचना के दौरान झूठे गवाह पेश किए गए, तो उन्हें गवाह बने व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने का केस दर्ज होना चाहिए।

-अवधेश सिंह तोमर, एडवोकेट

सीधी बात

आरएस कौल, आईजी/शिकायत पीएचक्यू
गवाहों के आधार पर की जांच, वे झूठे निकले

- विनय राठौर मर्डर केस में आपने आरोपी अरविंद यादव को क्लीन चिट कैसे दे दी?
अरविंद की तरफ से 17 गवाह पेश हुए और उन्हीं की बात को साक्ष्य मानते हुए मैंने उसे निर्दोष बताया था। बाद में ग्वालियर पुलिस को बता दिया था कि ये गवाह झूठे हैं और अरविंद हत्या में शामिल है, सो उसे गिरफ्तार कर कोर्ट से निपटारा कराएं।

आपने पीड़ित पक्ष को न जांच की सूचना दी और न बयान लिए?
मैंने दोनों पक्षों के बयान लेने के बाद ही रिपोर्ट तैयार की।
पुलिस ने केस डायरी व सबूतों के आधार पर अरविंद यादव को आरोपी पाया है और आपने निर्दोष?
मैंने केस डायरी, मेडिकल रिपोर्ट देखी थी। गवाहों के बयान लिए थे। लेकिन गवाह झूठे निकले।

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