Hindi News »Madhya Pradesh News »Gwalior News» Left But The Foreigners Adopted, During Farewell Atmosphere

अपनों ने छोड़ा लेकिन विदेशियों ने अपनाया, विदाई के दौरान ऐसा था माहौल

Bhaskar News | Last Modified - Feb 01, 2018, 03:40 AM IST

पांच साल पहले शहर के एक मंदिर में लावारिस हालत में मिली खुशबू अपने विदेशी माता पिता के साथ जार्जिया चली गई है।
  • अपनों ने छोड़ा लेकिन विदेशियों ने अपनाया, विदाई के दौरान ऐसा था माहौल
    +2और स्लाइड देखें

    दतिया(ग्वालियर).पांच साल पहले शहर के एक मंदिर में लावारिस हालत में मिली खुशबू अपने विदेशी माता पिता के साथ जार्जिया चली गई है। उसने जन्म देने वाले माता पिता को भले ही न देखा हो लेकिन नए माता-पिता पाकर वह बेहद खुश है। वहीं भांडेर में झाड़ियों में लावारिस हाल में मिलने वाली नवजात साक्षी के लिए कनाडा में रहने वाले उसके नए माता पिता दिल्ली में वीजा तैयार करवा रहे हैं। हालांकि बुंदेला कॉलोनी में मिली नवजात आस्था की तबियत बिगड़ने से फिलहाल वह विदेश नहीं जा सकी है। वह अभी दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती है। अपनी बच्ची की देखभाल के लिए स्पेन में रहने वाली उसकी मां शिल्विया डीबारो उसके साथ हैं।


    - वर्ष 2012 में रोशनी शिशु गृह को ग्वालियर के काली माता मंदिर पर तीन वर्षीय खुशबू नामक बच्ची लावारिस मिली थी। पिछले पांच साल से खुशबू रोशनी शिशु गृह में रह रही थी और अब वह आठ साल की हो गई है।

    - इसी प्रकार वर्ष 2014 में एक नवजात बच्ची भांडेर में झाड़ियों में मिली थी। बच्ची को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर रोशनी शिशु गृह पहुंचाया। रोशनी शिशु गृह ने उसका नाम आस्था रखा। अब आस्था तीन साल की हो गई है।

    - रोशनी शिशु गृह से बच्चा गोद लेने के लिए विदेशी दंपतियों ने पिछले दिनों अॉनलाइन आवेदन किया। इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचने पर कोर्ट के आदेश पर तीनों बच्चियों को विदेशी माता पिता की गोद में सौंपा जाना था।

    - आठ साल खुशबू को जार्जिया में रहने वाले मिस्टर जोनाथन कोक्स ने गोद लिया। मिस्टर जोनाथन अपनी पत्नी बैंसिला के साथ 27 दिसंबर को रोशनी शिशु गृह पहुंचे। 28 दिसंबर को रोशनी शिशु गृह में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। मिस्टर जोनाथन करीब चार घंटे तक गृह में रहे और बच्चों से मेलजोल बढ़ाया। कार्रवाई पूर्ण करने के बाद 29 दिसंबर को वे खुशबू को लेकर वापस रवाना हो गए।

    विदाई में पड़ोसियों की आंखों में भी आ गए आंसू

    - जोर्जिया निवासी मिस्टर जोनाथन जब खुशबू को गोद लेने की प्रक्रिया पूरी करा रहे थे तब रोशनी शिशु गृह के आसपास रहने वाले लोगों की भीड़ वहां उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ी। उनके व्यवहार को देखकर और खुशबू को उनकी गोद में हंसता हुआ देखकर पड़ोसी महिलाओं की आंखों में खुशी के आंसू थे। सभी ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहे थे कि काश! ऐसे मां बाप सभी को मिलें।

    - कुछ दिनों बाद ही कनाडा निवासी राजीव परिहार वीजा बनने के बाद साक्षी को अपने साथ ले जाएंगे। वहीं दिल्ली में अस्पताल में रहकर इलाज करा रही आस्था भी अपने नए माता पिता के साथ जल्द ही स्पेन पहुंच जाएगी।

    दो बच्चियां भी शीघ्र अपने माता पिता की गोद में पहुंचेंगीं
    - सचिव शिशुगृह के मुताबिक, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हम कोशिश करते रहते हैं। मेरी सभी से यही अपील है कि जहां कहीं भी लावारिस बच्चा मिले तो उसे संस्था में भेजें ताकि बच्चे का उचित पालन हो सके। वर्तमान में संस्था में रह रहे तीन बच्चों को विदेशी दंपतियों ने गोद लिया है जिसमें से एक बच्ची विदेश अपने नए मां बाप के पास पहुंच चुकी है। दो बच्चियां भी शीघ्र अपने माता पिता की गोद में पहुंचेगीं।

  • अपनों ने छोड़ा लेकिन विदेशियों ने अपनाया, विदाई के दौरान ऐसा था माहौल
    +2और स्लाइड देखें
  • अपनों ने छोड़ा लेकिन विदेशियों ने अपनाया, विदाई के दौरान ऐसा था माहौल
    +2और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Gwalior News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Left But The Foreigners Adopted, During Farewell Atmosphere
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      More From Gwalior

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×