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महिला हो या पुरुष लांघी ने मर्यादा , तो पूरी फैमिली का होगा सामाजिक बहिष्कार

84 गांव के सहरिया आदिवासियों ने लिया बड़ा फैसला।

Bhaskar News | Last Modified - Feb 15, 2018, 07:45 AM IST

महिला हो या पुरुष लांघी ने मर्यादा ,  तो पूरी फैमिली का होगा सामाजिक बहिष्कार

श्योपुर (ग्वालियर).सहरिया समाज के किसी भी पुरुष या महिला ने अपनी मर्यादा लांघकर किसी गैर मर्द या महिला केे साथ संबंध रखा तो उसके पूरे परिवार का समाज से बहिष्कार कर दिया जाएगा। इससे पहले संबंधित के परिवार को एक बार चेतावनी दी जाएगी। अगर सुधार हुआ तो ठीक, इसके बाद पंचायत अपना काम करेगी। इसी प्रकार समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए तय किया गया कि-अगर समाज का कोई भी व्यक्ति बीड़ी-सिगरेट, शराब-गांजा या अन्य किसी भी तरह का नशा करेगा तो उसके ऊपर 500 रुपए से लेकर 1100 रुपए तक का जुर्माना लगेगा। इसके लिए बाकायदा हर गांव में 12 सदस्यों की एक कमेटी होगी जो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई करने व जुर्माना वसूलने के लिए स्वतंत्र होगी।

- सहरिया आदिवासी समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने और कुरीतियों पर पुख्ता पाबंदी लगाने के लिए सहरिया समाज संगठन द्वारा यह बैठक गुरुवार को ढोढर में बुलाई गई थी। 84 गांव की इस महापंचायत में ढोढर, सुठारा, टर्राकलां, मिलावली, बगदिया, हासिलपुर सहित दूर-दूर से आए सैकड़ों लोग मौजूद थे।

- अनाज मंडी प्रांगण में सुबह 11 बजे प्रारंभ हुई बैठक की अध्यक्षता राजू बारोलिया ने की । करीब पांच घंटे तक सामाजिक समस्याओं पर विचार मंथन किया गया। इस बीच सचिव बनवारी गोबरिया एवं गोविंद गोरछिया ने सहरिया समाज संगठन द्वारा पंचों के बीच बारी-बारी से प्रस्ताव रखे गए।

ओछापुरा कंकाली मंदिर पर भी हुई पंचायत
- ओछापुरा क्षेत्र के आदिवासियों की सामुदायिक बैठक बीते रोज कंकाली मंदिर पर हुई। जिसमें 14 गांव से लगभग 800 लोगों ने शिरकत की। बैठक में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। दिनभर चली इस बैठक में सहरिया समाज के संगठन द्वारा समाज सुधार की दिशा में तय किए गए नियमों पर पंचों ने सहमति की मुहर लगाई।

- बैठक के दौरान शराब, गांजा और गुटखा खाने पर 500 रुपए और जुआ खेलने पर 1100 रुपए अर्थदंड लगाने का निर्णय लिया। इस दौरान आदिवासियों की जमीन पर दबंगों के अवैध कब्जे होने का मुद्दा भी प्रमुखता से छाया रहा। समाज के प्रधानों ने ग्रामवार आदिवासी किसान की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों की लिस्ट बनाकर प्रशासन को सौंपने तथा निराकरण के लिए एकजुट होकर संघर्ष का निर्णय लिया।

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