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प्रॉपर्टी डीलरहत्याकांड: पैसा चलवाने का धंधा करने लगा था, इसी बात पर थी रंजिश

बेरहमी से अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या करने वाले दीपक ने अपनी बेइज्जती का बदला लेने उसकी हत्या की थी।

Dainik Bhaskar

Dec 16, 2017, 08:07 AM IST
money was started to move, the same was the case.

ग्वालियर. शहर के खासगी बाजार में प्रॉपर्टी डीलर की बेरहमी से अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या करने वाले दीपक ने अपनी बेइज्जती का बदला लेने उसकी हत्या की थी। इसके पीछे मुख्य कारण तो कुछ महीनों पहले मृतक की भतीजी से छेड़छाड़ करने के बाद दीपक को पीटना और नग्न अवस्था में उसका वीडियो बनाना सामने आया है। लेकिन पुलिस की पड़ताल में यह भी सामने आया है कि इतनी खतरनाक रंजिश पनपने के पीछे दीपक बाथम का बढ़ता कद भी था।

- दीपक पिछले एक साल में बाड़े पर फड़ लगवाने से लेकर ब्याज पर पैसा तक चलवाने का काम करना लगा था। वह किसी का पैसा चलवाता था। यही काम जितेन्द्र भी करता था। जितेन्द्र जिन लोगों से संपर्क में था, उन लोगों के संपर्क में दीपक भी आ गया था।

- क्षेत्र में वह अपना रसूख भी बढ़ा रहा था। यह जितेन्द्र को खटकने लगा था। पहले वह मारपीट कर भी चुका था। इसके बाद कई बार वह सामूहिक रूप से बेइज्जत कर चुका था। इसी पर दीपक ने रंजिश पाल ली और जितेन्द्र की हत्या का ताना बाना बुन डाला।

- 4 दिसंबर को जितेन्द्र के भाई की बारात के दौरान तेज बाइक निकालने पर फिर टोका तो उसी दिन से दीपक ने रैकी करना शुरू कर दी। इसके बाद अपने साथी अजय खटीक (21), अंकित पाल (21), जयंत सैगल (20), कार्तिक खटीक (19) के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

- पहले यह लोग जितेन्द्र को उसी के घर मारने की फिराक में थे, लेकिन घर पर अधिक लोग होने की वजह से कामयाब नहीं हुए फिर तारागंज पुल पहुंचे। यहां से उन्होंने जितेन्द्र को जाते देखा।

- यहीं से यह लोग पीछे लगे और उसे सैलून पर बैठने के बाद तीन लोग पहले आगे निकल गए। जहां उसे रोका और दो आरोपी बाद में पहुंचे। इसके बाद बेरहमी से उसकी हत्या कर दी।
- इंजीनियर बन नहीं सका लेकिन दोस्तों की सोहबत ने हत्यारा बना दिया: जयंत सैगल निवासी माधौगंज थाने के सामने मस्जिद वाली गली बीई सेकंड ईयर का छात्र है। वह अपने पिता अक्षय सैगल का इकलौता बेटा है। बड़ी बहन दिल्ली में नौकरी करती है। वही घर संभालती है।

- पिता कैंसर से जूझ रहे हैं। इसके बाद भी उसके पिता ने उसे बेहतर शिक्षा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उसके पिता का सपना था कि वह इंजीनियर बन अपना घर संभाले।

- इंजीनियर तो बना नहीं लेकिन ऐसे दोस्तों की सोहबत ने उसे हत्यारा जरूर बना दिया। अजय खटीक के पिता हजारीलाल खटीक का निधन हो चुका है। बाड़े पर फड़ लगाकर वह अपना घर चलाता था


- पत्ती का काम भी करता था जितेन्द्र, कई लोगों के पैसे अटके: क्षेत्र में रहने वाले कई लोग मजदूरी या छोटा मोटा काम कर किसी तरह अपना परिवार पालते हैं। ऐसा बताया गया है कि जितेन्द्र इन लोगों के साथ मिलकर पत्ती का काम करता था और ऐसे कई लोग उस पर पैसा जमा करते थे। अब उसकी मौत के बाद उन लोगों का पैसा भी अटक गया जो एक साथ पैसा मिलने की आस में बैठे थे।

तीन दिन की रिमांड पर लिया
- पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष ने बताया, आरोपियों से और पूछताछ की जानी है। इन लोगों ने हथियार कहां से लिए, कब से योजना बना रहे थे। इनके साथ इस योजना में और कौन था।

- इन सारे बिंदुओं पर पूछताछ की जानी है। इसके लिए शुक्रवार को न्यायालय में पेश कर तीन दिन की रिमांड पर लिया है। एसपी ने आरोपियों को पकड़ने वाली टीम को 5 हजार की इनाम की घोषणा की है।

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