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रिजर्व वाटर कर रहे लिफ्ट, 7 माह में अफसर ये तय नहीं कर पाए कितना पानी लें

मप्र के 4 बडे़ शहरों में से एक ग्वालियर। 12 लाख आबादी के सामने पीने का पानी का संकट है।

Dainik Bhaskar

Dec 16, 2017, 07:00 AM IST
months did not decide how much water to take

ग्वालियर. मप्र के 4 बडे़ शहरों में से एक ग्वालियर। 12 लाख आबादी के सामने पीने का पानी का संकट है। दो बार से मानसून के दगा देने के कारण पानी सप्लाई का स्त्रोत तिघरा बांध खाली है। अगले छह माह में भीषण जल संकट की आहट सुनाई दे रही है। लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश की नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह के सहमत होने के बाद भी नगर निगम व विभाग से जुड़े भोपाल के अफसर चंबल नदी से शहर में पानी लाने की योजना नहीं बना सके हैं।

- दैनिक भास्कर द्वारा मुद्दा उठाने के बाद निगम ने इंदौर मेहता एंड मेहता एसोसिएट से 2050 तक की जरूरत का आकलन कर 450 एमएलडी पानी लिफ्ट करने की प्रारंभिक रिपोर्ट बनवाई थी, लेकिन लागत 500 करोड़ देखकर विभाग ने हाथ खड़े कर दिए।

- दोबारा पानी की मात्रा कम करने के लिए कहा तो अफसर यह तय ही नहीं कर पाए कि योजना का आकार क्या हो? और कितना एमएलडी पानी चंबल से लेंं। इधर शहर में जलसंकट के मद्देनजर 9.26 करोड़ खर्च कर जल संसाधन विभाग व निगम अफसर ककैटो व पेहसारी बांध का पानी लिफ्ट कर तिघरा में ला रहे हैं। ककैटो पर 58 पंप रोज 7.28 लाख रुपए का 3 टैंकर डीजल (12 हजार लीटर) डीजल खर्च कर 22 एमसीएफटी पानी प्रतिदिन लिफ्ट कर रहे हैं।

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