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मां की पीड़ा बेटे ने पहले मेरी नाक काटी, अब कहता है- गला काट दूंगा

साहब, मेरे पति की चार साल पहले मृत्यु हो गई थी। वे 11 बीघा जमीन के कास्तकार थे।

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 06:49 AM IST

ग्वालियर. साहब, मेरे पति की चार साल पहले मृत्यु हो गई थी। वे 11 बीघा जमीन के कास्तकार थे। इससे मैंने अपने परिवार का भरण पोषण किया। अब मेरा बेटा प्रह्लाद बाथम गलत संगत में फंस गया है। नशा कर मेरे साथ मारपीट करता है। जबरन उसने 10 बीघा जमीन बेच दी है। अब एक बीघा जमीन बची है, उसे भी बेचना चाहता है। इसमें उसकी दूसरी पत्नी सहयोग कर रही है। इसके लिए मुझ पर लगातार दबाव बनाता है। वह चार साल पहले मेरी नाक काट चुका है। नाक तो अब ठीक हो गई लेकिन अब वह कहता है कि गला काट दूंगा। यह पीड़ा मंगलवार को देवगढ़ से आई बेंदी बाई (70) ने जनसुनवाई के दौरान एसडीएम इकबाल मोहम्मद को बताई। इस पर एसडीएम ने उन्हें पुलिस थाने जाकर बेटे-बहू की शिकायत करने के लिए कहा।

- बेंदीबाई ने बताया कि वे शासकीय प्राथमिक स्कूल देवगढ़ में रसोइया का काम करती हैं। उनका बेटा प्रह्लाद गलत संगत में फंस गया। वह उनके साथ मारपीट करता है अौर रुपए छीन लेता है। पति के मृत्यु के बाद 11 बीघा जमीन थी। इसमें से 10 बीघा जमीन वह पहले ही बेच चुका है।

- एक बीघा जमीन रह गई है। इसके सहारे मैं जैसे-तैसे गुजर बसर कर रही हूं लेकिन बेटा उसे भी बेचना चाहता है। उसने दो शादी की हैं। दूसरी पत्नी सुनीता भी मारपीट में उसका उसका सहयोग कर रही है।

रसोइया का काम कर जो रुपए मिलते हैं, वह भी छिना लेता है
- वृद्ध बेंदी बाई का कहना है कि बेटा पति की मृत्यु के बाद से ही उसे परेशान कर रहा है। चार साल पहले जमीन बेचने के विवाद पर उसने हमला किया था। इसमें उसकी नाक कट गई थी। अब मारपीट कर गला काटने की धमकी दे रहा है। रसोइया का काम कर जो रुपए मिलते हैं, वह भी वह छिना लेता है। इससे भरण पोषण का भी संकट खड़ा हो जाता है। महिला ने बेटे की प्रताड़ना से बचाने की गुहार लगाई है।

एसडीएम ने थाने जाने को कहा तो बोली- गई थी, कुछ नहीं हुआ
एसडीएम इकबाल मोहम्मद ने वृद्ध महिला की समस्या सुनकर थाने में आवेदन देने के लिए कहा। यह सुनकर महिला ने बताया कि वह पहले भी इसकी शिकायत थाने में कर चुकी है लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में वह उनके पास आवेदन लेकर फरियाद करने आई है। इस पर एसडीएम ने कार्रवाई होने का आश्वासन देते हुए कहा कि वे थाने में जाकर शिकायत करें।