--Advertisement--

यहां बन रहा नवग्रह मंदिर, 80% निर्माण पूरा, समिति का दावा- एशिया का सबसे बड़ा

अभी तक एशिया में जितने भी नवग्रह मंदिर हैं, उन सभी में नौ ग्रह एक ही मंदिर में विराजमान हैं।

Dainik Bhaskar

Jan 01, 2018, 07:28 AM IST
Navagrah temple built in Madhya Pradesh

ग्वालियर. सिटी में बन रहे नवग्रह मंदिर का निर्माण नए साल में पूरा हो जाएगा। अब तक मंदिर का निर्माण 80 फीसदी पूरा हो चुका है। इसे भगवान परशुराम लोक न्यास बनवा रही है। समित के सदस्य व निर्माण का काम देख रहे इंजीनियर अनिल शर्मा का दावा है कि यह एशिया का सबसे बड़ा नवग्रह मंदिर होगा। इस निर्माणाधीन मंदिर का वास्तु देखने के लिए नासा के ज्योतषियों की टीम भी आ चुकी है।

- 8 बीघा क्षेत्रफल में बन रहे इस नवग्रह मंदिर का निर्माण 80 फीसदी पूरा हो चुका है। तीन मंजिला इस मंदिर में शुक्र,चंद्र, मंगल, राहु, केतु, शनि, बृहस्पति, बुध एवं रवि के 9 अलग-अलग मंदिर हैं। इसके साथ ही नवग्रहों के कारक देवताअों के मंदिर भी बनाए जा रहे हैं। 108 पिलरों पर बन रहे इस मंदिर की सभी दीवारों पर ऊं की नक्काशी की जा रही है।

इसलिए महत्वपूर्ण है डबरा का नवग्रह मंदिर

- नवग्रह मंदिर कई विशेषताएं लिए हुए है। अभी असम के गुवाहटी में सबसे बड़ा नवग्रह मंदिर है, जो कि 18 हजार वर्ग फीट में है। लेकिन शहर में बन रहा मंदिर का निर्माण 40 हजार वर्ग फीट में हो रहा है। जबकि मंदिर परिसर को मिलाकर पूरा क्षेत्रफल 8 बीघा में है।
- अभी तक एशिया में जितने भी नवग्रह मंदिर हैं, उन सभी में नौ ग्रह एक ही मंदिर में विराजमान हैं। जबकि इस मंदिर में सभी ग्रहों के लिए मंदिर अलग-अलग हैं। बीच में सूर्य मंदिर रथ आकार में है। इसके साथ ही पूरा मंदिर 108 पिलरों पर बनाया जा रहा है।
- आर्किटेक्ट एवं इंजीनियर अनिल शर्मा का कहना है कि इस मंदिर के निरीक्षण और वास्तु देखने के लिए नासा के ज्योतिषी एवं ज्योतिष विशेषज्ञों की 15 सदस्यीय टीम विख्यात ज्योतिषाचार्य सुरेश मिश्रा के नेतृत्व में आ चुकी है।

X
Navagrah temple built in Madhya Pradesh
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..