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मनचलों से परेशान होकर एक स्टूडेंट ने दी जान, दूसरी अगवा बेटी के लिए भटक रहा पिता

असुरक्षित बेटियां- जिन परिवारों के साथ वारदातें हुईं, उन्होंने बताया-न्याय दिलाने में थाने कितने सक्रिय हैं

Dainik Bhaskar

Dec 23, 2017, 06:25 AM IST
हजीरा चौराहे से सांस वेलफेयर, आज की बेटियां और गोपाल संस्था की महिला सदस्यों ने बबीता को न्यास दिलाने के लिए पैदल मार्च निकाला। हजीरा चौराहे से सांस वेलफेयर, आज की बेटियां और गोपाल संस्था की महिला सदस्यों ने बबीता को न्यास दिलाने के लिए पैदल मार्च निकाला।

ग्वालियर. शहर में पिछले एक साल में हुए अपराधों ने पीड़ित महिलाओं और उनके परिजन पर गहरा असर डाला है। वे खौफ में हैं। छेड़छाड़ और धमकाने के मामले में एक छात्रा तो आत्महत्या तक करने को मजबूर हो गई। भास्कर ने 5 मामलों के पीड़ित और उनके परिजन से बात की तो उनका कहना था कि वारदात के बाद वे काफी दहशत में हैं। लगभग सभी का आरोप था कि पुलिस ने कुछ खास कार्रवाई नहीं की। वहीं पुलिस अफसरों का कहना है कि हम प्रयास कर रहे हैं।

बहन की मौत के जिम्मेदार जमानत पर हैं, हम खौफ में

मेरी बहन बबीता 12वीं कक्षा की छात्रा थी। बंटी और छोटू ने फोन पर दोस्ती के लिए धमकाया। जब वह नहीं मानी तो घर में आकर गाली-गलौज की। परेशान बबीता ने 21 दिसंबर 2016 को फांसी लगा ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया लेकिन बाद की कार्रवाई लचर रही। कुछ समय बाद ही आरोपी जमानत पर बाहर आ गए। केस में क्या चल रहा है, आरोपियों ने जमानत आवेदन कब लगाया, हमें पुलिस ने कुछ नहीं बताया। अब आरोपी हमारे घर के आसपास ही घूम रहे हैं। हम डरे हुए हैं।

बदमाशों ने लूटा, खौफ ऐसा रहा कि दूसरे कॉलेज में लिया एडमिशन

मैं तानसेन नगर में रहती हूं। 17 जुलाई को जेसी मिल कॉलेज में एडमिशन लेने जा रही थी। रास्ते में बाइक सवार दो बदमाशों ने पर्स छीन लिया। मैंने हजीरा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मुझे उनकी पहचान के लिए भी बुलाया था। इस घटना से इतना डर गई कि मैंने जेसी मिल्स कॉलेज की जगह माधव कॉलेज में एडमिशन लिया। - मोनिका वर्मा

पुलिस का बर्ताव ऐसा, बेटी नहीं, सामान चोरी हुआ हो

मेरी 15 साल बेटी का 16 सितंबर को पड़ोस में रहने वाला विशाल अपहरण कर ले गया। जनकगंज थाने में मामला दर्ज करवाया। बेटी की तलाश में जगह-जगह घूमा। इसमें मेरा काम भी चला गया। नाम बताने पर भी पुलिस ने उसे नहीं पकड़ा। 10 बार एसपी ऑफिस में आवेदन दे चुका हूं। आईजी, डीआईजी, महिला अपराध शाखा, सीएम हेल्पलाइन, सभी जगह फरियाद की। थाने में पुलिस ऐसा व्यवहार करती है जैसे मेरी बेटी का अपहरण नहीं, कोई सामान चोरी चला गया हो। - मुकेश, अपहृत छात्रा का पिता

टेंपो से जेवर चोरी हुए, अब कार्रवाई नहीं हो रही
मेरी बेटी रीना जबलपुर से शादी में शामिल होने के लिए आई थीं। 26 नवंबर को टेंपो से माधौगंज इलाके में रहने वाले रिश्तेदार के यहां जा रही थी। रास्ते में किसी ने बैग चोरी कर लिया। उसमें 6 लाख रुपए के जेवर थे। रीना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थानों के चक्कर लगाती रहीं। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की। इसके बाद एफआईआर तो माधौगंज थाने में हो गई लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। - जगदीश धाकड़

पत्नी ने घर से निकलना ही बंद कर दिया
7 नवंबर को मैं पत्नी मनीषा के साथ मुरार में बर्थ डे पार्टी में शामिल होने के लिए गया था। लौटते समय रात लगभग 11 बजे बाइक सवार बदमाशों ने गांधी रोड पर पत्नी के गले में झपट्टा मारा और डेढ़ तोला वजन की सोने की चेन छीन ले गए। बदमाशों के हमले में हम लोग गाड़ी से गिर गए और मनीषा के पैर में चोट आई। इस घटना से मनीषा इतना डर गई है कि उसने घर से निकलना ही छोड़ दिया था। -राकेश सिंह

वैसे तो फरियादी के परिजन को मामले से जुड़ी पूरी जानकारी दी जाती है। यह बात मुझे नहीं पता कि परिवार को जानकारी नहीं दी गई है। -अमित भदौरिया, टीआई हजीरा

किशोरी की तलाश में दबिश दी थी। कुछ दिन पहले डबरा में होने की सूचना मिली थी वहां भी दबिश दी लेकिन सुराग नहीं मिला। प्रयास किया जा रहा है। - संजीव नयन शर्मा, टीआई जनकगंज थाना

पूर्व गृहमंत्री गौर ने थानों में शुरू करवाई थी महिला हेल्प डेस्क, अब बंद

अपराध का शिकार होने वाली महिलाएं थाने में जाकर बेझिझक अपनी बात कह पाएं इसलिए पूर्व गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने प्रत्येक थाने में महिला डेस्क शुरू करने के निर्देश दिए थे। महिला डेस्क पर एक महिला पुलिस अफसर रहेगी, जो महिलाओं की बात समझेगी और कार्रवाई करेगी। आनन-फानन में महिला डेस्क शुरू भी कर दी गई। कुछ दिन यह चली लेकिन इसके बाद बंद हो गईं। अब किसी थाने में महिला डेस्क काम करती दिखाई नहीं दे रही है। कोतवाली थाने में एक कमरे में महिला डेस्क का अॉफिस बनाया गया था। यहां पर कुछ दिन काम हुआ। फिर इसमें पासपोर्ट सेल के लोग बैठने लगे। जब से पासपोर्ट सेल यहां से एसपी ऑफिस पहुंची तो इस कमरे पर ताला ही लटका है। इंदरगंज थाने के जिस कमरे में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई थी, वहां पर अब बिस्तर लगे हुए हैं। थके हुए पुलिसकर्मी यहां आराम करते हैं। जनकगंज, विश्वविद्यालय, बहोड़ापुर, कंपू में भी महिला हेल्प डेस्क काम नहीं कर रही है।

लॉ छात्रा की अस्पताल से छुट्टी, अभी भी दहशत में

चाकू मारे जाने से घायल लॉ छात्रा की शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी हो गई। घटना के बारे में सोच सोचकर वह अभी भी घबरा रही है। माता-पिता ने उसे भरोसा दिलाया कि हमला करने वाला पकड़ा जा चुका है। पुलिस छात्रा के बयान लेने पहुंची लेकिन उसे बोलने में अभी परेशानी हो रही है। बुधवार को चेतकपुरी स्थित कोचिंग के बाहर लॉ छात्रा और उसकी सहेली पर थाटीपुर के रहने वाले तरुण गोयल और उसके साथी राहुल भारद्वाज ने चाकू से हमला किया था। छात्रा की गर्दन में चाकू लगा था। तरुण को पुलिस ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। पूछताछ में उसने बताया कि वह दोस्ती तोड़ने से नाराज था। शनिवार को रिमांड पूरी हो रही है। पुलिस उसे न्यायालय में पेश करेगी। वहीं जनकगंज में छात्रा से छेड़छाड़ करने वाले काले उर्फ इरशान खां को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

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हजीरा चौराहे से सांस वेलफेयर, आज की बेटियां और गोपाल संस्था की महिला सदस्यों ने बबीता को न्यास दिलाने के लिए पैदल मार्च निकाला।हजीरा चौराहे से सांस वेलफेयर, आज की बेटियां और गोपाल संस्था की महिला सदस्यों ने बबीता को न्यास दिलाने के लिए पैदल मार्च निकाला।
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