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बच्चों के फर्जी जॉब कार्ड बनाकर बैंक अकाउंट खोले, मजदूरी के नाम पर निकाली राशि

किठौदा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय गांव कीीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के फर्जी जॉब कार्ड बनाने का मामला सामने आया है

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 08:09 AM IST
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ग्वालियर. गांव की पंचायत किठौदा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय गांव कीीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के फर्जी जॉब कार्ड बनाने का मामला सामने आया है। सरपंच, पंचायत सचिव और गांव की रोजगार सहायक ने फर्जीवाड़ा कर ऐसे बच्चों के नाम पर भी जॉब कार्ड बना दिए जिनकी उम्र 1 से 16 साल तक है और वे स्कूल में पढ़ रहे हैं। यही नहीं, इन बच्चों के नाम का मस्टर भरा जाता है और रुपए भी निकाले जा रहे हैं। जब बच्चों के परिजन को इस फर्जीवाड़े का पता लगा तो वे मंगलवार को नायब तहसीलदार सुरेश राठौर के पास पहुंचे और आवेदन देकर मामले की जांच कराने की मांग की।


गांव की पंचायत किठौदा के सरपंच, सचिव और गांव की रोजगार सहायक ने फर्जीवाड़ा कर 50 से अधिक लोगों के जॉब कार्ड बना दिए हैं। बैंक के कियोस्क पर इन लोगों को बिना बताए बैंक खाते खुलवा दिए गए हैं। इन लोगों के मस्टर भरकर मजदूरी के रुपए भी निकाले जा रहे हैं। जिन लोगों के नाम पर रुपए निकाले जा रहे थे, उन्हें जब इसकी जानकारी हुई तो मंगलवार को वे नायब तहसीलदार सुरेश राठौर के पास पहुंचे और आवेदन देकर मामले की जांच कराने की मांग की। श्री राठौर ने जनपद पंचायत सीईओ को मामले की जांच करने के लिए कहा है। जनपद सीईओ अशोक शर्मा का कहना है कि जांच के लिए टीम गठित कर दी है।

पिता ग्वालियर में एलएलबी कर रहा, बेटी कक्षा एक में पढ़ रही, दोनों के नाम पर बनाए जॉब कार्ड
- शिशुपाल पुत्र कुंजराम जाटव ने शिकायत की है कि बिना बताए उनका बैंक खाता खुलवाया गया है और जॉब कार्ड भी बना दिया गया है। शिशुपाल का कहना है कि वे ग्वालियर में रहकर एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं और आज तक मजदूरी नहीं की। उन्होंने बताया कि उनकी पांच साल की बेटी आसमिन कक्षा 1 में पढ़ रही है। उसके नाम से भी जॉब कार्ड में बना दिया गया है। दोनों के नाम से मस्टर भरकर रुपए निकाले जा रहे हैं।

कक्षा 1 में पढ़ने वाले राहुल को बताया मजदूर, रुपए भी निकाले

लखन सिंह ने शिकायत की है कि उनके नाम से मनरेगा का मस्टर भरा जा रहा है। इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि उनका बेटा राहुल अभी कक्षा एक में पढ़ता है। उसके नाम से भी मस्टर भरकर फर्जी तरीके से रुपए निकाले जा रहे हैं।

- मंगल सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके नाम से मस्टर तो भरा ही जा रहा है, साथ ही बेटा और बेटी का भी मस्टर भरकर फर्जी तरीके से रुपए निकाले जा रहे है। जबकि उसकी बेटी रोशनी की उम्र केवल 11 साल है और वह कक्षा छह में पढ़ रही है। वहीं बेटा अभिषेक की उम्र 16 साल है और वह मॉडल स्कूल में कक्षा नौ में पढ़ता है। मैने व किसी ने भी एक भी बार मजदूरी नहीं की है।

- खेमसिंह ने बताया कि उसके नाम पर फर्जी जॉब कार्ड बनाए गए हैं। उनके बेटों 4 साल के युवराज सिंह और 6 साल के रोहित सिंह के नाम से भी मस्टर भरकर रुपए निकाले जा रहे हैं जबकि उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई।
- मानसिंह ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसके और उनके दोनों बच्चे 10 साल की बेटी निशा व 7 साल के बेटे कौशल के नाम से मस्टर भरकर रुपए निकाले जा रहे हैं।

- कमल सिंह ने शिकायत की है कि उसके और उनके दो बेटे 12 साल के वीरेंद्र व 8 साल के शिवराज के नाम से भी फर्जी जॉब कार्ड बनाए गए हैं। साथ ही मस्टर भरकर उनके नाम से रुपए निकाले जा रहे हैं। उन्हें अब तक इस बात की जानकारी ही नहीं थी।

जानिए, क्या है मनरेगा
- मनरेगा के अंतर्गत गांव की पंचायत में कोई भी कार्य कराया जाता है तो गांव के जरूरतमंद मजदूरों को काम दिया जाता है। इसके लिए पहले संबंधित का जॉब कार्ड बनाया जाता है और बैंक में खाता खुलवाया जाता है।

- मजदूरी करने पर प्रतिदिन मस्टर भरा जाता, इसी आधार पर मजदूरी बनती है। मस्टर रोल को शासन के पास भेजा जाता है। इसके बाद सीधे हितग्राही के खाते में मजदूरी की राशि आती है। योजना में एक दिन काम पर 172 रुपए देने का प्रावधान है।

जांच के लिए गठित की टीम
- शिकायत मिली है। जांच के लिए तीन सदस्यीय दल बनाया गया है। जांच टीम में एक सब इंजीनियर, एडीईओ और पीसीओ को शामिल किया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
अशोक शर्मा, सीईओ, जनपद पंचायत भितरवार

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