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बूढे मां- बाप को पंचायत ने दी ऐसी सजा, कहा- कोर्ट ने माना दोषी तो गांव छोड़ देना

शहर के एक गांव की पंचायत ने तुगलकी फरमान सुनाया है।

नरेश कुशवाह| Last Modified - Feb 08, 2018, 05:04 AM IST

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punishment was given by the panchayat to the elderly parents
समाज से वहिष्कार करने का पंचायत ने फरमान सुनाया है।

शिवपुरी(ग्वालियर). शहर के एक गांव की पंचायत  ने तुगलकी फरमान सुनाया है। पंचायत ने बूढ़े मां - बाप को ये कहते हुए अपना आदेश दिया है कि, तुम्हारे बेटे ने हत्या की है इसलिए तुम्हें समाज में रहने का कोई हक नहीं है। पंचायत ने साथ ही कहा है अगर में तुम्हें सामाजिक कार्यों में शामिल होना है तो पहले गंगा स्नान कर खुद को शुद्ध करो। इसके बाद घर में रामायण का पाठ कराओ। इसके बाद भी अगर कोर्ट ने दोषी माना तो गांव छोड़कर जाना होगा। क्या है मामला..

 


 - दरअसल, 28 दिसंबर को शटरिंग ठेकेदार महेश शर्मा की कुछ लोगों ने सरिया से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। कत्ल के इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी कल्याण जाटव और  शिवनंदन  कुशवाह को अरेस्ट किया था।

- पुलिस के मुताबिक,  यह हत्या रुपयों के लेनदेन को लेकर की गई थी। कल्याण मकान बनाता था और शिवनंदन बेलदार था। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अभी वह जेल में है। फिलहाल कोर्ट में केस चल रहा है अभी दोष सिद्ध नहीं हो सकी है।

- इसी मामले में सतनवाड़ा गांव की पंचायत की गूगरीपुरा पंचायत ने  बूढ़े मां - बाप को  कुशवाह समाज के पंचों ने अपना आदेश सुनाया। कोर्ट ने कहा कि तुम्हारे बेटे ने हत्या की है, इसलिए तुम्हे समाज में रहने का कोई हक नहीं है। अगर सामाजिक कार्यों में दोबारा शामिल होना है तो पहले गंगा स्नान कर खुद को शुद्ध करो इसके बाद अपने घर में रामायण का पाठ कराओ। इसके बाद भी अगर कोर्ट ने बेटे को हत्या का दोषी माना तो तुम्हे गांव छोड़कर जाना होगा। 

 

-   22 गांव के पंचों की मौजूदगी में सुनाए गए फैसले का दबाव इतना अधिक था कि बूढ़े मां- बाप को सोरोंजी जाकर गंगा स्नान कर रामायण पाठ कराना पड़ा।

 

 

 

 

 

 

22 गांवों के पंचों ने कर दिया समाज से अलग
- सोमवार को गूगरीपुरा गांव में 22 गांवों से आए कुशवाह समाज के पंच एकत्रित हुए। यहां हत्यारोपी शिवनंदन के पिता नकटूराम व मां गोमतीबाई को भी पंचायत में बुलाया गया।

- समाज के सैकड़ों लोगों के सामने पंचाें ने वृद्ध दंपत्ति का समाज से बहिष्कार करते हुए कह दिया कि-तुम्हारे बेटे ने हत्या की है। इसलिए जब तक तुम गंगा स्नान कर अखंड रामायण का पाठ नहीं कराओगे , तुम समाज से बहिष्कृत रहोगे।

- न तुम सार्वजनिक जगह से पानी भर सकोगे न समाज सहित लोगों के यहां होने वाले शादी-ब्याह व अन्य आयोजनों में भी नहीं आ जा सकोगे। इतना ही नहीं समाज की पंचायत ने यह चेतावनी भी दे दी कि अगर कोर्ट ने तुम्हारे बेटे को दोषी करार दिया तो तुम्हे गांव छोड़ना पड़ेगा।

- समाज के इस फरमान केे बाद वृद्ध दंपति ने अपना पक्ष रखा लेकिन उनकी एक न सुनी गई। समाज के दबाव के सामने वृद्ध नकटूराम व उसकी पत्नी गोमतीदेवी को अंतत: सौरोंजी जाकर गंगास्नान करना पड़ा। वहीं घर में अखंड रामायण का पाठ भी कराना पड़ा। 

 

 

कोर्ट का फैसला नहीं आया लेकिन  पंचायत ने एक न सुनी
- हत्या के आरोपी के भाई बालकिशन कुशवाह ने कहा,   मेरे पापा ने पंचायत में कहा कि तुम लोग ऐसा क्यों कर रहे हो। मेरे बेटे को किसी ने खून करते नहीं देखा है। कोर्ट का फैसला भी नहीं आया है लेकिन समाज के पंचों ने एक न सुनी। मैने बूढ़े मां-बाप को गंगा स्नान के लिए सौरों भेजा।

 

अभी परिवार को गांव में रहने दिया है
- ,गूगरीपुरा उपसरपंच रघुवीर सिंह कुशवाह के मुताबिक, गांव में कुशवाह समाज की पंचायत हुई थी, जिसमें 22 गावों  के सकल पंच आए थे। उन्होंने हत्यारोपी के बूढ़े मां- बाप को को गंगा स्नान व अखंड रामायण पाठ के साथ गांव में रहने की अनुमति दी है। अब आगे देखते हैं क्या होगा। 

 


 
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वृद्धा दंपति के बेटे पर हत्या का आरोप है।
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