Hindi News »Madhya Pradesh »Gwalior» Scholarship Scam Exposed After Girl Complaint

62 लाख का स्कॉलरशिप स्कैम: लड़की की शिकायत पर हुई जांच से उठा घोटाले से पर्दा

जानिए 28 हजार की गड़बड़ी की जांच से 62 लाख के घोटाले तक पहुंच घोटाला और कैसे आया सामने।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 01, 2018, 07:07 AM IST

62 लाख का स्कॉलरशिप स्कैम: लड़की की शिकायत पर हुई जांच से उठा घोटाले से पर्दा

ग्वालियर. आदिम जाति कल्याण विभाग और बैंक अफसरों की मिलीभगत से 45 छात्रों के फर्जी दस्तावेज लगाकर उनकी 62 लाख की स्कॉलरशिप निकाल ली गई। इसमें स्कॉलरशिप जारी करने से लेकर, बैंक में एकाउंट खोलने तक में फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया। मामला 2015 का है। अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण (अजाक) थाने में एक छात्रा ने अपनी छात्रवृत्ति के 28 हजार रुपए फर्जी दस्तावेजों के आधार निकाले जाने की शिकायत की थी। छात्रा और उसके पति ने मुरैना से लेकर भोपाल तक 100 से ज्यादा शिकायती आवेदन दे दिए, इसके बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू हुई ताे इसमें 62 लाख रुपए का घोटाला पकड़ में आया।

छात्रों ने किसी कॉलेज में नहीं लिया था प्रवेश

जिन छात्रों के नाम पर 62 लाख रुपए का घोटाला हुआ है, उनका प्रवेश प्रखर कॉलेज में दिखाया गया था और खाता बालाजी कॉलेज की ओर से खोला गया, बैंक अफसरों ने इस पर भी ध्यान नहीं दिया। पुलिस ने दोनों कॉलेजों के प्रबंधन से पूछताछ की तो पता चला कि जिन छात्रों के नाम पर स्कॉलरशिप जारी हुई है उन छात्रों ने दोनों ही कॉलेजों में प्रवेश नहीं लिया था।

अजाक अफसरों का कहना है कि घोटाला और भी बड़ा हो सकता है। इसमें आदिम जाति कल्याण विभाग और बैंक के कुछ और अफसर तथा कर्मचारी जांच की जद में आ सकते हैं। पुलिस ने बुधवार को बैंक ऑफ इंडिया की सिटी सेंटर शाखा के पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक राधेश्याम गुप्ता और आदिम जाति कल्याण विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर रवि माहोर को गिरफ्तार कर लिया है जबकि आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति प्रभारी ओपी शर्मा अभी फरार है। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।

लड़की ने फॉर्म भरा तो पता चला कि उसकी स्कॉलरशिप पहले ही निकल गई:

एसपी अजाक वीरेंद्र जैन तथा डीएसपी मुनीष राजौरिया ने बताया कि अप्रैल 2017 में मुरैना के जय माता दी कॉलेज की छात्रा कुसुम जाटव ने शिकायत की थी कि उन्होंने बीएससी फ़र्स्ट ईयर में प्रवेश लिया था, जब उन्होंने स्कॉलरशिप के लिए फॉर्म भरा तो पता चला कि उनकी स्कॉलरशिप तो निकल चुकी है। स्कॉलरशिप निकालते समय उनका प्रवेश पुरानी छावनी के प्रखर कॉलेज में बताया गया था और स्कॉलरशिप बैंक ऑफ इंडिया की सिटी सेंटर ब्रांच से निकाली गई थी। छात्रा की शिकायत पर जांच शुरू हुई तो आदिम जाति कल्याण विभाग की ओर से पत्र जारी कर दिया गया कि छात्रा कॉलेज नहीं आई थी, इस वजह से उसने स्कॉलरशिप को चालान के जरिए वापस कर दिया है ताकि शिकायत की जांच बंद हो जाए। कुसुम को जब पता चला कि उसकी स्कॉलरशिप उसके नाम से ही वापस कर दी गई है तो उन्होंने फिर शिकायत की। अजाक ने उनकी शिकायत पर अप्रैल 2017 में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

विभाग के पोर्टल पर स्कॉलरशिप की राशि कर्नाटक बैंक में भेजना दर्शाया

जांच में पता चला कि अकेली कुसुम ही नहीं ऐेसे 45 छात्रों की स्कॉलरशिप निकाली गई है, इसकी रकम लगभग 62 लाख रुपए है। फर्जीवाड़ा करने वालों ने इसके लिए आदिम जाति कल्याण विभाग के पोर्टल पर स्कॉलरशिप को कर्नाटक बैंक में भेजना बताया था। स्कॉलरशिप को यहां से ट्रांसफर करके बैंक ऑफ इंडिया की सिटी सेंटर ब्रांच पर पहुंचाया गया। यहां पर 45 छात्रों के खाते खुलवाए। खाते खुलवाते समय छात्र सामने नहीं आए, गारंटर नहीं लगा, छात्रों के हस्ताक्षर नहीं हुए और बैंक खाते खुल गए। इन खातों में स्कॉलरशिप के रुपए ट्रांसफर हुए। एटीएम जारी कर दिए गए और एटीएम कार्ड जारी होते ही रुपए निकाल भी लिए गए। एटीएम किसको जारी किए? इसकी जानकारी भी बैंक रिकॉर्ड में पुलिस को नहीं मिली है।

दो साल में हमने 100 से ज्यादा शिकायती आवेदन दिए, कई अफसरों के चक्कर काटे, तब करा पाए दोषियों पर कार्रवाई

मुरैना के जय माता दी कॉलेज में पत्नी कुसुम ने 2015 में बीएससी में एडमिशन लिया था। स्कॉलरशिप का फॉर्म भरा तो पता चला कि ग्वालियर के प्रखर कॉलेज में एडमिशन दिखाकर स्कॉलरशिप पहले ही निकाली जा चुकी है। जबकि कुसुम ने कहीं एडमिशन नहीं लिया था। हमने मुरैना और ग्वालियर पुलिस में शिकायत की। कई बार अफसरों के घर चक्कर लगाए। किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। फर्जीवाड़ा करने वालों ने आदिम जाति कल्याण विभाग के अफसरों के साथ मिलकर स्कॉलरशिप की रकम वापस करवा दी। इसमें भी कुसुम के नाम के फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। हमने फिर शिकायत की तो मामला अजाक में भेज दिया गया। लंबी जांच के बाद यह कार्रवाई हुई। -कोकसिंह निवासी मुरैना, शिकायतकर्ताकुसुम के पति।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Gwalior News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: 62 laakh ka skolrship skaim: ladki ki shikayt par huee jaanch se uthaa ghotaale se pardaa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Gwalior

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×