Hindi News »Madhya Pradesh »Gwalior» Seventeen Times Travel Delhi By Cycle, Wants To Meet Pm

ये शख्स 17 बार जा चुका है साइकल से दिल्ली, प्रधानमंत्री से करना चाहता है मुलाकात

62 साल का ये शख्स पिछले कई सालों से अपने गांव से लगातार साइकल से दिल्ली प्रधानमंत्री से मिलने जा रहा है।

इमरोज खान | Last Modified - Jan 29, 2018, 03:57 AM IST

ये शख्स 17 बार जा चुका है साइकल से दिल्ली, प्रधानमंत्री से करना चाहता है मुलाकात

ग्वालियर.62 साल का ये शख्स पिछले कई सालों से अपने गांव से लगातार साइकल से दिल्ली प्रधानमंत्री से मिलने जा रहा है। इसका मकसद है अपने शहर के एक इलाके को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करना। अबतक वे 17 बार साइकल चलाकर प्रधानमंत्री से मिलने दिल्ली जा चुके हैं लेकिन अफसोस उनकी अब तक मुलाकात नहीं हो पाई है। इससे पहले ये शख्स अपने वार्ड से तीन बार पार्षद भी चुना जा चुका है लेकिन उसका कोई फायदा नहीं रहा। 1991 से कर रहे हैं दिल्ली की यात्रा...

-62 साल के पन्नालाल कोरी प्रधानमंत्री से मिलने पिछले 26 साल से लगातार सबलगढ़ से दिल्ली तक साइकिल यात्रा कर रहे हैं। ठंड हो या गर्मी। ये न रुकते हैं न थकते हैं। इनका मकसद है सबलगढ़ से लगे धार्मिक स्थल अमर खो को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित कराना और चंबल नदी के अटार घाट पर पुल का निर्माण कराना।

- वर्ष 1985 से वे इन दोनों कामों को पूरा कराने संघर्ष कर रहे हैं। पहले उन्होंने लोकल नेताओं से उम्मीद लगाई कि वे कुछ करेंगे। लेकिन कुछ न हुआ। इस दौरान वे खुद भी सबलगढ़ के वार्ड 12 से तीन बार बतौर पार्षद चुने गए। लेकिन दोनों ही कार्यों को कराने में असफल रहे।

- राजनीति की भाषा समझ नहीं आई तो नाराज होकर खुद ही साइकिल लेकर निकल पड़े दिल्ली प्रधानमंत्री से मिलने। सिलसिला शुरू हुआ वर्ष 1991 में, जो अब तक जारी है। हालांकि प्रधानमंत्री से अब तक मुलाकात नहीं हो पाई है।

- पन्नालाल कोरी ने अभी हाल ही में अपनी 17 वीं साइकिल तिरंगा यात्रा सबलगढ़ से दिल्ली तक पूरी की। उन्होंने 25 दिसंबर से इस यात्रा की शुरूआत की। उन्होंने हर बार की तरह इस बार भी दोनों प्रमुख मांगों के साथ ही क्षेत्रीय अन्य 23 मांगों को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में ज्ञापन दिया।

- इस दौरान वे कड़ी चेकिंग और निगरानी से गुजरे। लेकिन मुलाकात इस बार भी संभव न हो सकी। हालांकि पन्नालाल कोरी इससे निराश नहीं हुए। उन्हें उम्मीद है कि एक न एक दिन उनकी मुलाकात देश के प्रधानमंत्री से जरूर होगी।

ऐसे करते हैं पन्नालाल कोरी अपनी साइकिल यात्रा
- पन्नालाल बताते हैं "मुझे न ठंड लगती है न गर्मी सताती है। रोजाना 80 किमी साइकिल चलाई। रात के समय किसी भी मंदिर को अपना आसरा बना लिया। जहां जो मिला खा लिया नहीं तो भूखे ही सो गए। मेरी साइकिल ही मेरा बिस्तर है। साइकिल के स्टैंड पर मेरा बोरिया-बिस्तर हमेशा कसा रहता है। उसके अंदर ही अपनी मांगों की फाइल और अब तक सौंपे गए मांग पत्रों की प्रतियां संभाल के रखता हूं। जेब में पैसों के नाम पर बमुश्किल 20 से 30 रुपए ही रहते हैं। जब भी दिल्ली गया एक भी पैसा साथ नहीं ले गया। परिवार में दो बेटे हैं, जो पल्लेदारी करते हैं। समय-समय पर हालचाल जान लेते हैं मेरा। वे मना करते थे लेकिन मैंने कभी किसी की न सुनी। क्योंकि मैं जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 26 साल से ये साइकिल यात्रा कर रहा हूं, उससे न सिर्फ सबलगढ़, बल्कि पूरे ग्वालियर अंचल के लोगों को लाभ मिलेगा। अगर जनप्रतिनिधि और अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना काम करते तो हम जैसे लोगों को परेशान नहीं होना पड़ता।

ये हैं प्रमुख मांगें

- अमर खो सिद्ध स्थल कंचनपुर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे पर्यटन क्षेत्र घोषित करें ताकि यहां आने वाले लोगों को अन्य सिद्ध स्थलों जैसी सुविधाएं मिल सकें।

- चंबल नदी के अटार घाट पर पुल का निर्माण कराया जाए। यह पुल मप्र और राजस्थान को जोड़ता है। इसका लाभ ग्वालियर और चंबल अंचल के लोगों को मिलेगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Gwalior News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: ye shakhs 17 baar jaa chuka hai saaikl se delhi, prdhaanMantri se karnaa chaahtaa hai mulaakat
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Gwalior

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×