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जिस भैया की शादी में पहनने बर्थ-डे पर नहीं लिए कपड़े, उसकी सगाई में चली गई जान

मामा के लड़के के फलदान में शामिल होने गई 8 साल की मासूम शैजल अपने ही रिश्तेदार की गोली का शिकार हो गई।

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2018, 05:26 AM IST
8 साल की मासूम शैजल अपने ही रिश्तेदार की गोली लगने से मौत हो गई। 8 साल की मासूम शैजल अपने ही रिश्तेदार की गोली लगने से मौत हो गई।

ग्वालियर. मामा के लड़के के फलदान में शामिल होने गई 8 साल की मासूम शैजल अपने ही रिश्तेदार की गोली का शिकार हो गई। उसके हत्यारे को परिवार के सब लोग जानते हैं लेकिन सजा दिलाने को तैयार नहीं हैं। इसीलिए हर व्यक्ति उसका नाम बताने में पीछे हट रहा है। जहां शैजल के पिता सतेंद्र जादौन का कहना है कि इतनी छोटी बच्ची से किसकी क्या दुश्मनी हो सकती है? ये तो एक एक्सीडेंट मात्र है, वहीं उसके नाना कल्याण सिंह भदौरिया का कहना है कि गोली चलाने वाले हैं तो दूर के रिश्तेदार ही, लेकिन उनका नाम नहीं पता। कभी साल-छह महीने में एकाध बार मुलाकात होती है।

( भास्कर की टीम मामले की पड़ताल करते हुए बुधवार को किलागेट क्षेत्र स्थित लखेरा गली के पास उस स्थान पर पहुंची जो घटनास्थल था। यहां लोगों से अलग-अलग बात करने पर घटना का खुलासा हुआ।)

- शैजल के पिता सतेन्द्र जादौन पेशे से ड्राइवर हैं। 8 साल की शैजल कक्षा-4 की स्टूडेंट थी और घर के पास ही स्कूल में पढ़ती थी। उसकी बड़ी बहन प्राची क्लास 7 में पढ़ती है।

- एक छोटा भाई वंशु है जिसकी उम्र 5 साल है। परिवार और आसपास के लोगों ने बताया कि तीनों बहन भाई में वह सबसे ज्यादा सीधी थी और अपने पापा का बहुत ख्याल रखती थी।

- उसे यह भी पता था कि पापा पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। इसलिए जब 20 दिसम्बर को उसका जन्मदिन था तो उसने अपने पापा से कहा कि उसे अभी नए कपड़े मत दिलाओ।

- उसे अपने मामा के बेटे सोनू की शादी का बहुत उत्साह था। उसने पिता से कहा कि जन्मदिन पर कपड़े दिलाने की जगह उसे भैया की शादी में लहंगा दिलवा दें।

- दो दिन पहले ही उसके नए कपड़े आए थे। वह बारात में यह कपड़े पहनकर जाने वाली थी।

- 18 फरवरी को बारात जानी है, लेकिन इससे पहले ही खुशी में चलाई गई गोली ने उसकी जान ले ली और परिवार की खुशियां छीन लीं।


बिना खाना खाए लाैटे रिश्तेदार

- सोनू भदौरिया के सगाई समारोह में मंगलवार की रात शामिल होने आए लोग अौर सगाई लेकर आए रिश्तेदार आदि शैजल की मौत के बाद बिना खाना खाए ही लौट गए।

- यहां कैटरिंग का काम कर रहे हलवाई रामदत्त ने बताया कि घर के अंदर भट्टी लगी थी, वे वहां काम कर रहे थे।

- अचानक रात को गोली चलने की आवाज आई, जिसे सुनकर वे बाहर की ओर दौड़े तो देखा कि बच्ची को गोली लगने के कारण पंडाल में भगदड़ मच गई।

- कुछ ही देर में एक-एक करके लोगों की रवानगी शुरू हो गई। बुधवार की दोपहर में काफी खाना बंटवाना पड़ा।

वीडियो में सिर्फ गोली की आवाज

- सगाई समारोह के वीडियो और फोटोग्राफी करने वालों के अनुसार वीडियो में गोली चलने की आवाज तो आई है, लेकिन गोली चलाने वाले की शक्ल दिखाई नहीं दे रही है। दरअसल मुख्य समारोह की ओर कैमरा लगा हुआ था और उसकी विपरीत दिशा में नशे में धुत युवक फायरिंग कर रहे थे। शैजल भी पूरे उत्साह से मुख्य आयोजन में शामिल थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट

- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शैजल की मौत का कारण स्पष्ट है। गोली पसलियों को पार करती हुई निकली है। इसके बाद बाजू में भी गोली के टकराने के निशान हैं, लेकिन यहां ज्यादा घाव नहीं है। पसलियों से निकलने के बाद गोली बाजू को छूती हुई निकल गई है।

गवाहों के आधार पर केस को मजबूत कर सकती है पुलिस
- एडवोकेट और अध्यक्ष बार एसोसिएशन अनिल मिश्रा के मुताबिक, ग्वालियर बच्ची को गोली लगने के मामले में पुलिस अपनी पड़ताल में खुलासा कर भी देगी तो भी आरोपी को सजा गवाह और सबूत के आधार पर ही मिलेगी।

- परिवार के लोग यदि मामले को छिपाने का प्रयास करेंगे तो न्याय मिलने में थोड़ी दिक्कत आएगी। लेकिन ऐसे मामलों में पुलिस प्रत्यक्षदर्शी और अास-पास के गवाहों के आधार पर केस को मजबूत कर सकती है।

जल्द होगा मामले का खुलासा
- एसपी के मुताबिक, बच्ची को गोली लगने के मामले में हमें कुछ सुराग मिले हैं, जिससे प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि गोली मृतका के किसी करीबी रिश्तेदार ने चलाई है। हम इसकी पड़ताल कर रहे हैं। जल्द ही गोली चलाने वाले का खुलासा हो जाएगा।

इतने नजदीक से चली थी कि पसलियों को चीरते हुए आर-पार निकली गोली

- घटना के बाद पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। जांच पड़ताल की तो सामने आया कि गोली पिस्टल से और बहुत ही करीब से लगी है। यह हर्ष फायर नहीं है। गोली दायीं तरफ से घुसी और बायीं तरफ से बाहर निकल गई।

- मौके पर गोली नहीं मिली, न ही पीएम में गोली मिली। जिस तरह घटना घटी उसमें पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि युवक हर्ष फायर कर रहा था। इसी दौरान दूसरे युवक ने फायर करने के लिए पिस्टल छीनी तो अचानक ट्रिगर दबा और गोली चल गई। इससे गोली पसली के पास से घुसी। अगर हर्ष फायर होता तो गोली ऊपर से आती। इसके लिए पुलिस ने वीडियो कैमरा मंगवाया है।

कुछ देर रुके रहे फिर काम तो करना ही था
- 8 साल की बच्ची का शव डेडबॉडी देखकर पहले तो कुछ देर काम शुरू नहीं कर पाए फिर मन कड़ा किया और सोचा कि काम तो करना ही है। वैसे भी मानव के शव को देखना अच्छा नहीं लगता।

- ऐसे में छोटे बच्चों के मामले में तो संवेदनाएं जाग ही जाती हैं। आखिर हम सब घर-परिवार वाले लोग हैं। मेरी भी छोटी बच्ची है।

शुरुआती दौर में तो ऐसे मामलों में बहुत दिक्कत आती थी। कभी-कभी तो ऐसे मामलों को देखकर पूरा दिन मन खराब रहता है।

पिता की एफआईआर

- पिता ने बताया कि, मैं अपने भतीजे सोनू भदौरिया निवासी गोयान मोहल्ला घासमंडी के लगुन फलदान के प्रोग्राम में मय अपनी पत्नी सुनीता जादौन और बच्ची शैजल जादौन के साथ शामिल होने आया था। जिसमें फलदान समारोह के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हर्ष फायर करने से गोली मेरी बच्ची शैजल की पसलियों में लगी। 13 फरवरी को रात 11.30 बजे उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसकी दौराने उपचार मृत्यु हो गई। लाश डेड हाउस में रखी है। रिपोर्ट करता हूं कार्रवाई की जाए।

नाना की बात

- शैजल के नाना से गोली चलाने वाले के बारे में बार-बार पूछने पर मछली मंडी कलारी के पास रहने वाले अपने साले वीरेंद्र चौहान जो कि फौज से रिटायर्ड आैर गोबर्धन कॉलोनी में रहने वाले समधी के सीआरपीएफ में पदस्थ बेटे से गोली चलना बताया। मौके पर मौजूद क्षेत्र के लोगों ने पहचान न खोलने की शर्त पर बताया कि हमने तो गोली चलने के बाद आरोपी को पकड़ भी लिया था, वह शराब के नशे में धुत था। लेकिन परिवार के लोगों ने रिश्तेदारी का हवाला देकर छुड़वा दिया।

भास्कर विचार

- शेखी के नाम पर किया जाने वाला हर्ष फायर असल में मातम का या विषाद का फायर है।

- शैजल की तस्वीर देखकर फैसला कर लें कि आप ऐसे समारोह का हिस्सा बनना चाहेंगे या उसका बहिष्कार करना।


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8 साल की मासूम शैजल अपने ही रिश्तेदार की गोली लगने से मौत हो गई।8 साल की मासूम शैजल अपने ही रिश्तेदार की गोली लगने से मौत हो गई।
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