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शहीदत से पहले पत्नी से फोन पर कही थी ये बात, होली पर गए थे बेटी का रिश्ता लेकर

सीआरपीएफ के दोनों शहीदों का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार आज

Bhaskar News| Last Modified - Mar 14, 2018, 04:17 AM IST

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sukma crpf attack and two jawan martyr of mp
शहीद रामकिशन सिंह तोमर

मुरैना(ग्वालियर). छत्तीसगढ़ के सुकमा में मंगलवार को नक्सली हमले में शहीद होने से एक घंटे पहले सीआरपीएफ के एएसआई रामकिशन सिंह तोमर ने पत्नी प्रभा से फोन पर बात की थी। उन्होंने पत्नी से कहा था कि आज बेटी पिंकी का बर्थ-डे है, घर पर ही धूमधाम से मनाना। उन्होंने फोन रखने से पहले पत्नी से कहा था कि अब नक्सली एरिया में प्रवेश कर रहे हैं, नेटवर्क न होने के कारण फोन कट सकता है। इसलिए अब शाम को फोन लगाऊंगा। परिजन शाम को फाेन का इंतजार कर रहे थे कि इसी बीच शहीद होने की खबर मिली। शहीद का अंतिम संस्कार बुधवार को उनके पैतृक गांव तरसमा में किया जाएगा। 12 दिन की छुट्‌टी लेकर आए थे...


- मुरैना जिले की पोरसा तहसील के तरसमा गांव में जन्मे रामकिशन सिंह तोमर सीआरपीएफ में 30 साल की सेवा के बाद मंगलवार को शहीद हो गए।

- जब यह खबर तरसमा पहुंची तो गांव में मातम पसर गया। तरसमा के दिवंगत किसान चरण सिंह तोमर के बड़े बेटे रामकिशन सिंह तोमर होली पर ही 12 दिन की छुट्‌टी लेकर ग्वालियर आए थे। लेकिन इस बार वे अपने गांव तरसमा आकर कुटुंब  के लोगों से नहीं मिल सके थे।

- एएसआई रामकिशन सिंह तोमर इस साल अपनी बेटी पिंकी के हाथ पीले करने की तैयारी में थे।

- वे जब छुट्टी पर आए थे तो बेटी के लिए लड़का देखने गए थे। लड़का पसंद कर लिया था। रिश्ते को लेकर वे काफी खुश थे।

 

होली पर बेटी का रिश्ता तय करने लड़का पसंद कर गए थे

 

मंगलवार की सुबह 11 बजे रामकिशन सिंह तोमर का आखिरी बार अपनी पत्नी के पास फोन आया था।

- पत्नी के हालचाल जानने के बाद रामकिशन सिंह बोले कि बेटी पिंकी के जन्मदिन पर वह बाहर नहीं जाए।

- वह अपनी सहेलियों को घर पर ही बुलाकर केक काटे। बेटी और बेटा विनय केक काटने की तैयारी कर रहे थे।

 

दो दिन पहले ही छुट्टी से वापस गए थे कांस्टेबल जितेंद्र सिंह

 

भिंड के चतुर्वेदी नगर में रहने वाले सीआरपीएफ के कांस्टेबल जितेंद्र सिंह कुशवाह छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में शहीद हो गए।

- वे दो दिन पहले ही छुट्टी मनाकर वापस ड्यूटी पर पहुंचे थे। वह होली का त्योहार मनाने के लिए 25 दिन की छुट्टी पर आए थे।

- बुधवार को सैनिक सम्मान के साथ भिंड में उनकी अंत्येष्टि की जाएगी। जितेंद्र ने वर्ष 2005 में 13 साल पहले सीआरपीएफ की नौकरी ज्वाइन की थी।

- आठ साल पहले उनकी शादी सोनम के साथ हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं, जिसमें दो बेटी एक बेटा है।

 

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शहीद कांस्टेबल जितेंद्र सिंह
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