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2 से ज्यादा बच्चे हाेने पर जज बर्खास्त, हाईकोर्ट में जाकर लड़ी लड़ाई और जीती भी

जबलपुर में पदस्थ एक ट्रेनी जज अशरफ अली को भी पूर्व में बर्खास्त कर दिया गया था।

Danik Bhaskar | Mar 14, 2018, 12:35 AM IST
कोर्ट ने अपने आदेश में एडीजे क कोर्ट ने अपने आदेश में एडीजे क

ग्वालियर(मध्यप्रदेश). दो से अधिक बच्चे होने के कारण बर्खास्त एडीजे को जबलपुर हाईकोर्ट ने बहाल कर दिया है। चीफ जस्टिस की बैंच ने फुल कोर्ट के एडीजे मनोज कुमार को बर्खास्त करने संबंधी प्रशासनिक आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में एडीजे को बर्खास्त की अवधि का वेतन भत्ता भी देने के लिए कहा है।

नियम का हवाला देते हुए किया था बर्खास्त

जिला कोर्ट ग्वालियर में पदस्थ (ट्रेनी जज) चतुर्थ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश मनोज कुमार को सितंबर 2017 में बर्खास्त कर दिया था। इस संबंध में फुल कोर्ट की बैठक ने नियम का हवाला देते हुए कहा था कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1961 के अनुसार ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें दो से अधिक बच्चे हैं। इनमें से एक बच्चे का जन्म 26 जनवरी 2001 के बाद हुआ है। तो ऐसे अभ्यर्थी सेवा एवं नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होंगे।

आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी

एडीजे मनोज कुमार ने बर्खास्तगी के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसमें उनकी ओर से पक्ष रखा गया था कि परीक्षा पास कर ज्वाइनिंग कर ली है। इसलिए अब यह नियम उन पर प्रभावी नहीं होगा। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद एडीजे को पुन: बहाल करने के आदेश दिए। ज्ञात रहे कि प्रदेश शासन के इस नियम का हवाला देते हुए दो से अधिक बच्चे होने पर जबलपुर में पदस्थ एक ट्रेनी जज अशरफ अली को भी पूर्व में बर्खास्त कर दिया गया था।