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24 घंटे में 2 बुजुर्गों से फिर ठगे 60 हजार रुपए, छह माह में ATM से ठगी की 45 वारदात

कुछ वारदातों में पुलिस ठगों के पीछे लगी तो झारखंड और सबलगढ़ से दो आरोपियों को पकड़ लाई।

Dainik Bhaskar

Jan 06, 2018, 08:03 AM IST
Thieves case from ATM

ग्वालियर. हैलो सर, हम बैंक से बोल रहे हैं, आपका एटीएम कार्ड ब्लॉक होने वाला है, यदि इसे चालू रखना है तो हमें एटीएम कार्ड की डिटेल दें। इस तरह के फोन लगातार शहर में लोगों के पास आ रहे हैं। जो समझदार थे वे बच गए और जो झांसे में आ गए, उनके खाते से ठगों ने रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। एक बार फिर पिछले 24 घंटे में एटीएम का नंबर पूछकर और एटीएम खराब होने का झांसा देकर दाे लाेगों से 60 हजार रुपए ठग लिए गए।

हालांकि कुछ वारदातों में पुलिस ठगों के पीछे लगी तो झारखंड और सबलगढ़ से दो आरोपियों को पकड़ लाई। इनमें से एक तो 11वीं कक्षा का छात्र है। पिछले छह महीने में एटीएम से ठगी की 45 वारदातों की शिकायतें पुलिस थानों और स्टेट साइबर सेल में पहुंची हैं। वहीं पश्चिम बंगाल से भी दो आरोपी एसटीएफ ने पकड़े हैं। स्टेट साइबर सेल ने भी एटीएम के जरिए ठगी करने वालों से बचने के लिए एडवाइजरी जारी करती रही है। पुलिस का कहना है कि बदमाश दूसरे राज्यों से फोन करते हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को खुद जागरूक रहना होगा।

बैंक अफसर बनकर पहले बंद खाते को चालू कराया फिर महिला से ओटीपी पूछ ठगे 20 हजार

नई सड़क पर भांडों वाली गली में रहने वाली चंद्रकांता अग्रवाल के मोबाइल पर बुधवार को एक युवक का कॉल आया था। युवक ने कहा कि वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का मैनेजर हैं। अपना एटीएम कार्ड नंबर दें। महिला ने उन्हें नंबर दे दिया। महिला का खाता काफी समय से ट्रांजेक्शन न होने की वजह से नॉन ऑपरेटिंग की श्रेणी में था। दोपहर में चंद्रकांता पति दिनेश अग्रवाल के साथ एसबीआई की फूलबाग ब्रांच गईं और खाते को ऑपरेट कराया। शाम को एक बार फिर उनके पास दिन में फोन करने वाले का कॉल आया। उसने मोबाइल पर आए ओटीपी को दो बार पूछा तो महिला ने ओटीपी नंबर बता दिया। दोनों बार में 14 और 6 हजार रुपए निकाल लिए। तीसरी बार फिर ओटीपी आया लेकिन इस समय तक श्रीमती अग्रवाल समझ गईं कि उनके साथ ठगी हो रही है और उन्होंने तीसरी बार ओटीपी नहीं बताया। महिला ने इसकी शिकायत साइबर सेल में जाकर की।

ऐसे-ऐसे होती है ठगी
- एटीएम का नंबर और ओटीपी पूछकर रुपए ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।

- एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर भी ठगी की वारदातें हो चुकी हैं।

- एटीएम कार्ड बदलकर उससे रुपए निकालने के मामले भी सामने आए हैं।

- एटीएम के शटर में अंगूठा अड़ाकर ट्रांजेक्शन फेल करवाने और क्लेम बैंक से लेकर भी ठगी की गई है।

यह बरतें सावधानी

- एटीएम का नंबर और ओटीपी किसी को न बताएं।
- एटीएम ट्रांजेक्शन करें तो दूसरे व्यक्ति को अंदर न आने दें।

- ट्रांजेक्शन के बाद कैंसिल बटन दबाकर ही बूथ से बाहर निकलें।

- एटीएम का उपयोग करने से की-पेड और कार्ड स्लॉट को चेक कर लें। की-पेड में कोई पिन या तीली न लगी हो तथा कार्ड स्लॉट पर कोई चिपचिपा पदार्थ न लगा हो।

बुजुर्ग ने एटीएम में पासवर्ड डाला पीछे खड़ा ठग बोला-मशीन खराब है, जाते ही निकाल लिए 40 हजार

पड़ाव इलाके में सन एस्टेट होटल के सामने स्थित एटीएम से ठग ने एक बुजुर्ग के खाते से 40 हजार निकाल लिए। उन्होंने एटीएम में कार्ड स्वैप कराने के बाद पासवर्ड फीड कर दिया था। इसके बाद पीछे आए युवक ने कहा कि मशीन खराब है, दूसरे एटीएम से रुपए निकाल लें। वह दूसरे एटीएम पर रुपए निकालने पहुंचे तो पता चला कि उनके खाते से 40 हजार निकल चुके हैं। इसकी शिकायत उन्होंने तुरंत पड़ाव थाने में कर दी। पड़ाव थाने के टीआई संतोष सिंह यादव ने बताया कि आनंद नगर निवासी सोने राम धाकड़ (55) लैंड रिकॉर्ड विभाग में डाटा ऑपरेटर हैं।

गुरुवार की शाम वे पड़ाव चौराहे के पास स्थित होटल सन एस्टेट के सामने एटीएम बूथ पर रुपए निकालने के लिए पहुंचे। उन्होंने कार्ड स्वैप कर पासवर्ड फीड किया। वह प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे थे। तभी एक युवक आया और उसने बताया कि मशीन खराब है, आप किसी और एटीएम से रुपए निकाल लें। श्री धाकड़ दूसरे एटीएम पर पहुंचे और रुपए निकालने की कोशिश की तो पता चला कि उनके खाते से 40 हजार कुछ देर पहले ही निकाले जा चुके हैं। वह तुरंत पड़ाव थाने पहुंचे। पुलिस ने इसके बाद एटीएम के आसपास श्री धाकड़ द्वारा बताए गए हुलिए के युवक को तलाश किया लेकिन सफलता नहीं मिली।

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