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चपरासी के 16 पदों के लिए 4 हजार आवेदन , ज्यादातर इंजीनियर-एमसीए पास युवा

जिले में रोजगार के घटते अवसर व बढ़ते बेरोजगारों की संख्या चिंताजनक हाल में पहुंच गई है।

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 06:02 AM IST

भिंड (ग्वालियर) जिले में रोजगार के घटते अवसर व बढ़ते बेरोजगारों की संख्या चिंताजनक हाल में पहुंच गई है। जिला न्यायालय में भृत्य के 16 खाली पदों के लिए 4 हजार युवाओं ने आवेदन किया है। रविवार को जब यह हजारों युवा कोर्ट परिसर में पहुंचे तो 100 मीटर लंबी लाइन लग गई। युवाओं के हुजूम को संभालने के लिए 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए। चिंतनीय बात यह है कि भृत्य पद के लिए अधिकतम योग्यता आठवीं पास मांगी गई थी लेकिन इंटरव्यू देने के लिए पहुंचे अधिकांश युवा एमए, एमकॉम, एमसीए व इंजीनियरिंग पासआउट थे। युवाओं का भी यही कहना था कि खाली बैठने से अच्छा है कुछ काम ही कर लें। जिला न्यायालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती हेतु रिक्तियां निकाली गईं। यहां भृत्य के 16 पद रिक्त हैं। कलेक्टर दर पर दैनिक वेतनभोगी के रूप में होने वाली नियुक्तियों के लिए रविवार को न्यायालय परिसर में इंटरव्यू थे।

अधिकांश बैचलर व मास्टर डिग्री के आए आवेदक
- भृत्य पद की नौकरी हासिल करने के लिए रविवार को 4 हजार युवा कोर्ट परिसर में पहुंच गए। बेरोजगारी की मार देखिए इन आवेदकों में अधिकांश मास्टर डिग्रीधारक एमए, एमकॉम, बीई और एमसीए पास थे। कुछ आवेदक इंजीनियरिंग कर चुके थे।

- रविवार को न्यायालय परिसर में भृत्य पद पर इंटरव्यू देने के लिए उमड़ी बेरोजगारों की भीड़ को व्यवस्थित ढंग से लगाने के लिए 200 से अधिक पुलिस जवान लगाए गए। साथ ही सीएसपी वीरेंद्र सिंह तोमर, डीएसपी हेडक्वार्टर राकेश छारी के अलावा शहर कोतवाली प्रभारी शैलेंद्र सिंह कुशवाह, देहात थाना प्रभारी उदयभान सिंह, मेहगांव थाना प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी, टीआई राजेश तोमर सहित आसपास के थानों के प्रभारियों को भी लगाया गया

इंटरव्यू में सिर्फ आवेदक का नाम, पता और एजुकेशन ही पूछी
- भृत्य की नौकरी के लिए उमड़ी बेरोजगारों की भीड़ अलसुबह ही न्यायालय परिसर में उमड़ गई थी। इंटरव्यू देकर बाहर निकले युवाओं से जब भास्कर ने पूछा कि उनसे किस तरह के सवाल किए गए तो अधिकांश ने जवाब दिया कि उनसे सिर्फ नाम, पता और एजुकेशन पूछी गई। साथ ही अधिकांश लोगों से यह भी सवाल किया गया कि वे भृत्य का काम जानते हों कर लोगे।

बैठने से अच्छा है भृत्य बन जाऊं
- मैंने बीएससी मैथ्स से किया है। लेकिन कहीं नौकरी नहीं मिल रही। पता है भृत्य की नौकरी है। मैं यह भी कर लूंगा।
हर्षित त्रिपाठी, शास्त्री कॉलोनी

क्या करें कहीं नौकरी नहीं लगी
- मैंने बीकॉम किया है। लेकिन नौकरी के लिए कहीं सफलता नहीं मिली। भृत्य की जगह निकली हैं यहां भी आवेदन कर दिया।
शुभम सोनी, आगर