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चाचा का सिर कुचला, खून से लथपथ थी मां, सड़क पर ऐसा था मौत का मंजर

सड़क किनारे खड़े ग्वालियर के एक ही फैमिली के तीन लोगों को तेज स्पीड में आ रहे ट्रक ने कुचल दिया।

Danik Bhaskar | Dec 08, 2017, 04:31 AM IST
तीन लोगों को तेज स्पीड में आ रहे ट्रक ने कुचल दिया। तीन लोगों को तेज स्पीड में आ रहे ट्रक ने कुचल दिया।

ग्वालियर. डबरा-ग्वालियर हाईवे पर गुरुवार को सड़क किनारे खड़े ग्वालियर के एक ही फैमिली के तीन लोगों को तेज स्पीड में आ रहे ट्रक ने कुचल दिया। एक पुरुष और महिला की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीसरी महिला ने रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद ट्रक ड्राइवर ट्रक छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है और ट्रक ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कैसे हुआ हादसा....

- ग्वालियर के अवाड़पुरा में रहने वाले अजीम अली अपनी भाभी शफीका अली, आठ साल के भतीजे आजम और सास नफीसा खान के साथ दतिया में अपने रिश्तेदार के यहां शादी में शामिल होने गए थे।
- शादी में शामिल होकर गुरुवार को यह लोग ग्वालियर वापस आ रहे थे। चारों एक ही बाइक पर सवार थे। यह लोग जब डबरा-ग्वालियर हाइवे से गुजर रहे थे तो आजम को टॉयलेट लगी। अजीम ने राजहंस ढाबा के पास बाइक रोकी।

- सड़क से थोड़ा हटकर झाड़ियों के पास मैं टॉयलेट कर रहा था। अचानक तेज आवाज हुई तो मुड़कर देखा। सड़क पर खून से लथपथ मां आैर उनसे थोड़ी सी दूरी पर चाचा पड़े हुए थे। उनका सिर कुचला था।

- उन्हीं के पास में नानी पड़ी थीं, जो तड़प रहीं थीं। उनके सिर में चोट थी। इतने में आसपास के लोगों के साथ राह चलते लोग रुकने लगे थे। उनमें से एक बाइक सवार से मैंने मोबाइल फोन मांगा आैर अपने अब्बू को हादसे की खबर दी।

- वहां जो लोग खड़े थे, उनसे गुहार की- मेरी नानी को बचाआे, एंबुलेंस को बुलाआे, पुलिस को खबर करो। यह आपबीती है 8 साल के आजम की। जो अपनी मां आैर चाचा की मौत आैर नानी के दर्द से तड़पने का मंजर देखने के बाद न तो डरा, न सहमा। एंबुलेंस आैर पुलिस के पहुंचने तक वह अपना हौसला बनाए रखा।
- मासूम आजम ने कहा कि मां, चाचा आैर नानी के साथ मैं दतिया से लौट रहा था। मुझे रास्ते में टॉयलेट लगी तो ग्वालियर-डबरा हाइवे पर सड़क किनारे चाचा ने बाइक रोक दी। मैं सड़क से थोड़ी दूर टॉयलेट करने चला गया आैर तीनों लोग सड़क किनारे खड़े हो गए। तभी हादसा हो गया।

शादी के 17 साल बाद बड़ी मन्नतों से हुआ था आजम
- आजम के मामा ने बताया कि शफीका और हाकिम के शादी के 17 साल बाद बड़ी मन्नतों से आजम हुआ था। इसलिए वह अपनी मां का बड़ा ही लाड़ला था।

- उसकी मां उसे एक पल के लिए भी उससे दूर नहीं रहती थी। लेकिन आज मां हमेशा के लिए उसे अकेला छोड़ गई। यह कहते-कहते मामा की आंखें नम हो गईं।

बेटे ने बंधाई हिम्मत, पिता का टूटा सब्र
- अपनी आंखों के सामने मां शफीका आैर चाचा अजीम की मौत का मंजर देखने के बावजूद आठ साल का मासूम आजम तो हिम्मत बांधे रहा लेकिन उसकी खबर पर मौके पर पहुंचे पिता हाकिम की सब्र का बांध टूट गया।

- बेटे से सामना होते ही वे उससे लिपटकर रो पड़े। जबकि वह उन्हें हिम्मत बंधाने के लिए बार-बार कहता रहा- अब्बा, अम्मी हमारे साथ हैं। इसके बाद घर पर भी वह अपने पिता को दिलासा देता रहा।

- उसस के हौसले को देख लोगों की आंखें नम हो गईं। हादसे की खबर के बाद पुलिस तो मौके पर पहुंच गई लेकिन जाम में फंसने से एंबुलेंस को पहुंचने में करीब एक घण्टा लग गया।

3 साल की मासूम की एक ही रट- अब्बा आ जाओ

- अजीम का विवाह करीब पांच साल पहले ही हुआ था। उसके एक तीन साल की बेटी है। पत्नी अभी गर्भवती है।

- पति की मौत की खबर लगते ही पत्नी बेसुध हो गई। मां को रोते देख मासूम बेटी घबरा रही थी।

- वह बस एक ही रट लगाए थी- अब्बा आ जाओ। अजीम की मौत से उसकी मां का भी रो-रोकर बुरा हाल था।

आगे की स्लाइड्स में देखें खबर से जुड़े फोटोज.....

मृतक अजीम अली मृतक अजीम अली
मृतक शफीका अली मृतक शफीका अली
भतीजा आजम। भतीजा आजम।
ट्रक छोड़ फरार हुआ ड्राइवर। ट्रक छोड़ फरार हुआ ड्राइवर।
ट्रक की चपेट में आई बाइक। ट्रक की चपेट में आई बाइक।
पिता हाकिम की सब्र का बांध टूट गया। पिता हाकिम की सब्र का बांध टूट गया।
मासूम आजम। मासूम आजम।
पिता हाकिम पिता हाकिम
घर के बाहर इकट्ठा लोग। घर के बाहर इकट्ठा लोग।