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इलेक्शन के एक दिन पहले जांच करने आए ऊंटवाल, जाटव बोलीं-अब क्या मतलब

रिपोर्ट पार्टी संगठन को मिलेगी तब तक नया जनपद अध्यक्ष चुन लिया गया होगा।

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 07:23 AM IST

भिंड (ग्वालियर). अविश्वास प्रस्ताव के बाद जनपद अध्यक्ष की कुर्सी से संजू जाटव को हटाए जाने के मामले की जांच करने रविवार को देवास-शाजापुर सांसद एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री मनोहर ऊंटवाल भिंड पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पार्टी नेताओं और संगठन के लोगों से चर्चा की। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रदेश महामंत्री जांच करने चुनाव से एक दिन पहले आए। अभी उन्होंने पार्टी को अपनी जांच सौंपी भी नहीं है। माना जा रहा है कि जब तक रिपोर्ट पार्टी संगठन को मिलेगी तब तक नया जनपद अध्यक्ष चुन लिया गया होगा।

- पार्टी नेताओं के बीच चर्चा है कि संजू जाटव ने कुर्सी से हटाए जाने के बाद पार्टी छोड़ने की धमकी दी थी। इसके बाद संगठन ने उसी समय पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया था।

- मालूम हो किह सोमवार को खाली पड़ी जनपद अध्यक्ष की कुर्सी के लिए चुनाव कराए जाएंगे। इसके लिए रिटर्निंग ऑफिसर संतोष तिवारी ने कार्यक्रम घोषित कर दिया है।

उर्मिला प्रबल दावेदार

- जनपद अध्यक्ष की खाली कुर्सी भरने के लिए चुनाव आज जनपद पंचायत कार्यालय के सभागार में होगा। इसकी प्रबल दावेदार उर्मिला गंभीर सिंह का नाम सामने आया है।

बसपा से चुनी गईं, बाद में भाजपा में हो गई थीं शामिल
- फरवरी 2015 में जनपद पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए संजू जाटव बहुजन समाज पार्टी के नेता संजीव सिंह कुशवाह की ओर से उतरी थी। उस समय संजीव सिंह के समर्थन में 13 जनपद सदस्य थे। जबकि भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के समर्थन में 12 सदस्य थे।

- इसलिए भिंड जनपद अध्यक्ष की कुर्सी बसपा के खाते में गिनी गई। हालांकि बाद में संजू जाटव ने पाला बदल दिया और बसपा छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली। इसलिए यह कुर्सी फिर से भाजपा के खाते में आ गई। लेकिन वे दो साल 282 दिन के कार्यकाल में अपने पति गजराज जाटव की कार्यशैली को लेकर काफी विवादों में रही।

सांसद ऊंटवाल ने शिकायत के तथ्यों की जांच की

- यहां बता दें कि संजू जाटव के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद उन्होंने भोपाल में डेरा डाल दिया था। जहां उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार चौहान सहित संगठन के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। साथ ही उन्होंने शिकायत की थी कि उनके अविश्वास के पीछे कहीं न कहीं पार्टी के ही लोगों का हाथ है और साजिश के तहत हटाया गया है।

- वहीं, जब 22 वोटों से उनका अविश्वास पास हुआ तो उन्होंने अपनी पीड़ा मीडिया के सामने भी जाहिर कर दी। वहीं, रविवार को ऊंटवाल ने संजू की शिकायत के तथ्यों की जांच की। इस दौरान उन्होंने पार्टी जिलाध्यक्ष संजीव कांकर सहित पार्टी नेताओं और संगठन के लोगों से चर्चा की।

- हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि संजू की शिकायत में कितनी सत्यता रही है। जब उनसे पूछा गया कि चुनाव के एक दिन पहले जांच करने आने से इस जांच का कोई औचित्य ही नहीं रह जाएगा तो उन्होंने कहा कि जांच करने के बारे में जानकारी तो पहले मिल गई थी लेकिन लोकसभा का सत्र चलने के कारण आ न सका।

जो चल रहा वो मुझे खुद कुछ समझ नहीं आ रहा
- जो चल रहा है वह समझ नहीं पा रही हूं। मेरे पास 31 जनवरी को फोन आया था कि कल जांच के लिए आ रहे हैं। लेकिन नहीं आए। फिर मैंने तीन तारीख को जिलाध्यक्ष से कहा। उन्होंने वे कल आ रहे हैं। आज मेरी उनसे मुलाकात हुई। अब कल जनपद अध्यक्ष का चुनाव है। अब क्या जांच रिपोर्ट आएगी, उसका क्या होगा। इस बारे में आप खुद ही समझते हैं।
संजू जाटव, पूर्व अध्यक्ष, जनपद भिंड