Hindi News »Madhya Pradesh News »Gwalior News» Wandered On The Roads For Two And A Half Hours

2 लेडी बॉक्सर सुबह 4 बजे से ढाई घंटे तक सड़कों पर भटकती रहीं, ये था मामला

bhaskar news | Last Modified - Jan 14, 2018, 05:33 AM IST

मोबाइल पर सूचना दी। हमने उनसे कहा कि यहां पर कौन आया है हमें अटेंड करने, बताएं।
  • 2 लेडी बॉक्सर सुबह 4 बजे से ढाई घंटे तक सड़कों पर भटकती रहीं, ये था मामला
    शनिवार को सुबह 9 बजे पद्मा विद्यालय में बैठीं लड़कियां। (बीच में है मुस्कान रंधावा)

    ग्वालियर.“मेरी फ्रेंड ने मुझसे कहा था कि ग्वालियर में प्री-नेशनल बॉक्सिंग कोचिंग कैम्प करने जा रहे हो अपनी रिस्क पर जाना। उस समय लगा वह ऐसे ही बोल रही है, लेकिन तड़के 4 बजे ग्वालियर पहुंचने के बाद मेरे साथ जो हुआ अब उसका एक-एक शब्द सही लगने लगा है। स्टेशन पर उतरते ही मैंने सबसे पहले एमपी टीम के कैम्प प्रबंधक संतोष वर्मा को मोबाइल पर सूचना दी। हमने उनसे कहा कि यहां पर कौन आया है हमें अटेंड करने, बताएं।

    टीम प्रबंधक वर्मा ने कहा, अभी तो रात है कोई व्यवस्था नहीं है। मैं भी सो रहा था। अाप लोग वहीं रात बिताएं। सुबह होने पर बात करते हैं। इसके बाद फोन काट दिया, लेकिन हमें डर लग रहा था। इसलिए ऑटो से पूछते-पूछते पद्मा स्कूल पहुंचे। यहां पर न बिस्तर बिछे थे और न कोई जिम्मेदार अधिकारी था। बिस्तर तक हमने बिछाए। यही नहीं सुबह 9 बजे तक हमारी कोई खबर लेने भी नहीं आया।” हालांकि जिम्मेदारों ने कहा कि हम आए थे, लेकिन बच्चियां सो रही थीं।

    अकाेला नेशनल के लिए लगा है बॉक्सिंग कैम्प

    स्कूल शिक्षा विभाग की 63वीं राष्ट्रीय अंडर 19 आयु वर्ग की बॉक्सिंग प्रतियोगिता 20 जनवरी से अकोला में होगी। प्रतियोगिता में शामिल होने से पूर्व एमपी बालक-बालिका टीम का प्री-नेशनल कोचिंग कैम्प ग्वालियर में शनिवार से शुरू हुआ। छह दिवसीय कैम्प में 11 बालक और 12 बालिका बॉक्सर शामिल हो रहे हैं।

    बच्चियों ने ही मना किया था
    हां मेरे पास फोन आया था। मैंने उन्हें लेने आने के लिए कहा तो उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि वे पहले भी आ चुकी हैं उन्हें स्कूल पता है। मैं सुबह गया था लेकिन बच्चियां सो रही थीं। वैसे स्टेशन से बच्चों को लाने की हमारी कोई व्यवस्था नहीं रहती। -संतोष वर्मा, प्रबंधक मप्र टीम, प्री-नेशनल बॉक्सिंग कोचिंग कैम्प

    जांच के बाद कार्रवाई करेंगे
    बालिकाओं के साथ इस तरह अगर हुआ है तो उसकी जांच की जाएगी। इसके बाद जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। - नीरज दुबे, कमिश्नर लोक शिक्षण संचालनालय

    खिलाड़ियों का ट्रांसपोर्टेशन प्रबंधक की जिम्मेदारी
    नियम है कि प्रतियोगिता या कैम्प में शामिल होने आने वाले खिलाड़ियों के लिए पहले दिन से ही ठहरने के साथ खाने व यातायात व्यवस्था कैम्प प्रबंधक की जिम्मेदारी है। मुझे बालिकाओं के साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। मैं मामले को दिखवाता हूं।- आरएन नीखरा, जिला शिक्षाधिकारी

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Gwalior News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Wandered On The Roads For Two And A Half Hours
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      More From Gwalior

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×