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बड़े भाग्य से मिलता है हरिकथा सुनने का अवसर

ढोढर और बड़ौदा में श्रीमद् भागवत कथा का हुआ विधिवत समापन भास्कर संवाददाता | ढोढर कस्बे के मेन बाजार स्थित श्री...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:10 AM IST
ढोढर और बड़ौदा में श्रीमद् भागवत कथा का हुआ विधिवत समापन

भास्कर संवाददाता | ढोढर

कस्बे के मेन बाजार स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत ज्ञानयज्ञ सप्ताह के आयोजन में वृंदावन से आए मलूकपीठ के महामंडलेश्वर संत राजेंद्रदास महाराज ने बीती रात 12 बजे तक हरिकथा और सत्संग की महिमा का बखान किया। वहीं कथा में बुधवार को पंडित चैतन्यकिशोर कटारे ने श्रीकृष्ण- सुदामा चरित्र सुनाया। इसके साथ ही कस्बेवासियों की सामूहिक पहल पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का समापन हो गया।

वहीं बड़ौदा के कुंडेश्वर महादेव मंदिर पर रुक्मणि विवाह उत्सव के साथ श्रीमद् भागवत कथा का विधिविधान से समापन किया गया। कस्बेवासियों की सामूहिक पहल पर लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रांगण में चल रही पंडित चैतन्य किशोर कटारे की भागवत कथा में बीती रात वृंदावन से मलूकपीठ के महामंडलेश्वर संत राजेंद्रदास महाराज का आगमन हुआ। उन्होंने रात्रि 11 बजे से करीब एक घंटे तक प्रवचन किए। संत ने कहा कि जीवन में हरि कथा और संत मिलन दुर्लभ है। सिर्फ भाग्यशाली व्यक्ति को ही संत दर्शन और हरिकथा सुनने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि सतं और सद्ग्रंथ हमेशा मनुष्य को आत्म कल्याण के साथ सुखमय जीवन जीने की राह दिखाते हैं। वहीं बुधवार को श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन आचार्य चैतन्यकिशोर कटारे ने श्रीकृष्ण सुदामा मित्रता प्रसंग का सरस वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जिसे कृष्ण जैसा मित्र मिल जाए वह जीव धन्य हो जाता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हर व्यक्ति स्वार्थ की भावना से मित्रता करता है, मतलब निकलते ही स्वार्थी मित्र किनारा कर लेता है।