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हनुमान मंदिर में 9 साल से चल रही अखंड रामायण

ग्राम मालीपुरा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर 9 साल से अनवरत चल रही अखंड रामायण पाठ की अवधि आगे बढ़ा दी गई है।...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:10 AM IST
ग्राम मालीपुरा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर 9 साल से अनवरत चल रही अखंड रामायण पाठ की अवधि आगे बढ़ा दी गई है। ग्रामवासियों के सहयोग से इस धार्मिक आयोजन का समापन कब होगा, इस बारे में फिलहाल तिथि निर्धारित नहीं हुई है।

तीन हजार की आबादी वाले ग्राम मालीपुरा में अधिकांश परिवार खेती किसानी करते हैं। वर्ष 2009 में मानसून के रूठने से फसलों के सूखने की आशंका से सहमे किसानों ने मिलकर हनुमान मंदिर पर अखंड रामायण शुरू कराई थी। शुरुआत में अखंड रामायण एक माह के लिए बैठाई गई थी, लेकिन रामायण पाठ के फलस्वरूप इलाके में माकूल बारिश होने से न सिर्फ खेतों में सूखती फसलों को जीवनदान मिला, बल्कि पैदावार भी अच्छी हुई। अखंड रामायण के चलते गांव में सुख-शांति का वातावरण और खेतों में बढिय़ा पैदावार होने के फलस्वरूप ग्रामवासियों द्वारा इस आयोजन की अवधि लगातार आगे बढ़ाई जा रही है। नौ साल से चल रही अखंड रामायण की अवधि फिर से आगे बढ़ाने का निर्णय ग्रामवासियों ने लिया है। यहां रामायण पढऩे के लिए श्रद्धालुओंं की दिन और रात की पारी में दो -दो घंटे की ड्यूटी लगा रखी है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी नियमित रूप से रामायण पाठ में भाग ले रहे हैं। श्रद्धालु अपनी ड्यूटी के निर्धारित समय पर मंदिर में जाकर भक्तिभाव से रामचरित मानस का वाचन करते हैं। ग्राम मालीपुरा में अधिकांश आबादी माली समाज की है। गांव के बीचोंबीच बना प्राचीन हनुमान मंदिर ग्रामवासियों की आस्था का धाम है।

इस मंदिर पर चल रही रामायण की अवधि अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ाई

जब तक हनुमान जी की मर्जी है, यूं ही चलेगी अखंड रामायण

ग्राम मालीपुरा में नौ साल से निर्बाध रूप से चल रहे अखंड रामायण पाठ के समापन का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। आयोजन समिति के लोगों का कहना है कि जब तक हनुमान प्रभु की मर्जी होगी, अखंड रामायण यूं ही चलती रहेगी। अखंड रामायण आयोजन प्रबंध समिति के मंशाराम सुमन, हजारीलाल सुमन, श्यामलाल सुमन, बजरंग लाल सुमन ने बताया कि अखंड रामायण पाठ के प्रभाव से पिछले नौ साल से किसानों के खेतों में अच्छी पैदावार हो रही है। पारिवारिक सुख- समृद्धि के साथ पूरे गांव में शांतिमय वातावरण बना हुआ है। यही वजह है कि ग्रामवासियों के सहयोग से इस धार्मिक कार्यक्रम की अवधि फिर से अनिश्चित काल के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।