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राष्ट्रधर्म सर्वोपरि: एसडीओपी

भगुवापुरा | मातृभूमि और राष्ट्र की बात आती है तो राष्ट्र की आन, बान, शान और राष्ट्र हित, गौरव के लिए जो भी मानवीय धर्म...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:00 AM IST
भगुवापुरा | मातृभूमि और राष्ट्र की बात आती है तो राष्ट्र की आन, बान, शान और राष्ट्र हित, गौरव के लिए जो भी मानवीय धर्म को त्याग करना पड़े, उसे त्यागकर राष्ट्रधर्म को महत्व देकर उसे पूर्ण निष्ठाभाव से निर्वहन करना ही राष्ट्रधर्म है । यह बात एसडीओपी आरसी भोज ने कही। वह झांसी विवाह वाटिका आयोजित सशक्त नागरिक, सशक्त लोकतंत्र, सशक्त राष्ट्र में मानव धर्म और राष्ट्र धर्म में नागरिकों की भूमिका विषय पर आयोजित सेमीनार एवं सम्मान समारोह को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। सेमीनार को डाॅ. आलोक सोनी, सर्किल जेल अधीक्षक बीके कुड़ापे, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष ग़ुरुदेवशरण गुप्ता ने भी संबंधित किया । संचालन सर सैयद राशिद अली ने किया। सेमीनार के बाद काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विधाओं के लिए 101 लोगों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर एडवोकेट प्रमोद पाल, रामहजूर दांगी, रमाकांत पाल सिंह, मोनिका गुगौरिया, डाॅ. हुकुम सिंह कुशवाहा, एडवोकेट नंदकिशोर श्रीवास्तव, एडवोकेट अनंतराम पटेल, आशा मिश्रा, कमलेश सोनकर, सुन्दरलाल श्रीवास्तव, एड. अशोक सिजरिया, आशा मिश्रा, अर्चना जाटव, हेमा कुशवाहा, राशिद अली, चित्रकार चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, शायर शमसुद्दीन अली, विनोद वर्मा , मनोहर कुशवाहा, अनवर खान आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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