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वरिष्ठ कलाकारों का करें सम्मान जो बताएं उसे आत्मसात करें

स्टूडेंट्स को संतूर की जानकारी देतीं श्रुति अधिकारी। ग्वालियर | बेहतर कलाकार बनने के लिए पहले आपको वरिष्ठ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:30 AM IST

स्टूडेंट्स को संतूर की जानकारी देतीं श्रुति अधिकारी।

ग्वालियर | बेहतर कलाकार बनने के लिए पहले आपको वरिष्ठ कलाकारों का सम्मान करना सीखना होगा। वो जो बताएं उसे आत्मसात करें और उसके आधार पर खुद में बदलाव लाएं। यह बात संतूर वादक श्रुति अधिकारी ने कही। गुरुवार को स्पिक मैके के तहत शहर के दो स्कूलों में उन्होंने संतूर वादन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि संगीत में गुरु-शिष्य परंपरा से बेहतर कलाकार बना जा सकता है। इसके बाद उन्होंने राग चारूकेशी में संतूर वादन किया। उनके साथ तबले पर संगत संजय राठौर ने की। इस अवसर पर स्पिक मैके की कोआर्डिनेटर नंदनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

बताई संतूर की खासियत: उन्होंने कहा कि संतूर कश्मीर का वाद्य यंत्र है और इसकी उत्पत्ति करीब 1800 साल पहले हुई। यह काफी प्रसिद्ध वाद्य यंत्र है, इसके वादन के लिए काफी अभ्यास की जरूरत होती है।

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