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ग्वालियर से मिलेगी फसलों पर मौसम के प्रभाव की जानकारी

रेसकोर्स रोड स्थित कृषि कॉलेज में देश का सबसे बड़ा क्लाइमेट चेंज स्टडी प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है city Achievement...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:35 AM IST

ग्वालियर से मिलेगी फसलों पर मौसम के प्रभाव की जानकारी
रेसकोर्स रोड स्थित कृषि कॉलेज में देश का सबसे बड़ा क्लाइमेट चेंज स्टडी प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है

city Achievement

डीबी स्टार. ग्वालियर

राज्य कृषि विकास योजना के तहत प्रदेश में सबसे पहले ग्वालियर को इस प्रोजेक्ट का जिम्मा मिला है। प्रोजेक्ट के तहत तापमान बढ़ने से पौधों पर पड़ने वाले प्रभाव व उससे बचने के उपाय पर रिसर्च की जाएगी।

क्लाइमेंट चेंज की रिसर्च के लिए एग्रीकल्चर कॉलेज परिसर में �पॉली कार्बोनेट शीट के 12 स्ट्रक्चर बनाकर ओपन टॉप चेंबर (ओटीसी) प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। भविष्य का टेम्प्रेचर मापने के लिए इन स्ट्रक्चर में लगाए गए पौधों पर सी�ओ-2 व �ओजोन गैस छोड़ी जाएगी,उसके बाद पौधों में हुए परिवर्तन की रिसर्च की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

ओटीसी में हैं विभिन्न पैरामीटर के सेंसर

ओटीसी में सीओ-2, ओजोन, टेम्प्रेचर, आर्द्रता, विंड स्पीड के लिए एनिमोमीटर, विंड डायरेक्शन के लिए पोटेथियों मीटर लगाए गए है। साथ ही हर स्ट्रक्चर में फैन और हीटर भी लगा हुआ है।

छात्रों को मिलेगा शोध का अवसर

इस प्रोजेक्ट में देश के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक भी यहां आएंगे जिसका फायदा यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों को होगा सभी विषयों के छात्रों को इस प्रोजेक्ट में शोध करने का अवसर मिलेगा।

5 सिचुएशन करेंगे पैदा

1- टैम्प्रेचर कंट्रोल

2- हवा में कार्बन डाई ऑक्साइड बढ़ाएंगे।

3- ओजोन गैस चेम्बर में लगे पौधों पर छोड़ेगे।

4- रैन सेमुलेटर से पौधों पर कृत्रित रुप से अधिक व कम बरसात करेंगे।

5- भविष्य को बनाकर खाद व पानी का प्रभाव देखेंगे।

महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है

डॉ. एसके वर्मा, एचओडी, पर्यावरण विज्ञान, कृषि कॉलेज

ओटीसी देश के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में से एक है। ग्वालियर से पहले इतने बड़े पैमाने पर इस प्रोजेक्ट की शुरूआत देश में कहीं भी नहीं हुई।

मिल सकेगी जानकारी

पंकज विश्वकर्मा,इंजीनियर

ओटीसी प्रोजेक्ट में होने वाली रिसर्च से टेम्प्रेचर व कार्बन डाई ऑक्साइड, ओजोन गैस के प्रभाव से पौधों व फसलों पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी मिल सकेगी।

बढ जाएगा तापमान

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आगामी 30 से 40 साल में पृथ्वी का तापमान 2 डिग्री तक बढ जाएगा। साथ ही सीओ2 व ओजोन का प्रभाव भी फसलों पर पडेगा। इसी के मद्देनजर यह प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है।

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